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इरफान खान डेथ एनिवर्सरी:'अंग्रेजी मीडियम' को-स्टार राधिका मदान ने इरफान को याद कर कहा- 'उल्टी करते थे लेकिन शॉट के दौरान कभी बीमारी का एहसास नहीं होने दिया'

किरण जैन6 महीने पहले
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अभिनेता इरफान खान के निधन को आज एक साल हो गए है। इरफान की आखिरी फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' में काम कर चुकी अभिनेत्री राधिका मदान ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इरफान से जुड़ी कुछ यादें साझा की हैं। आइए जानते है क्या कहा उन्होंने-

सर से बहुत कुछ सीखा, लेकिन बहुत कुछ सीखना बाकी था:

राधिका कहती है, "खुद को बहुत खुशनसीब मानती हूं कि मुझे इरफान सर के साथ काम करने का मौका मिला। शूटिंग के हर दिन उन्हें ऑब्जर्व करती थी- जिस तरह से वो सेट पर आते, अपने को-एक्टर्स से मिलते, अपनी टीम से बात करते, हर अंदाज उनका अपने आप में कमाल का था। कई बार तो उन्हें कुछ कहने की जरूरत ही नहीं पड़ती, उनकी आंखें हर बातें बयान कर देती थीं। उनसे बहुत कुछ सीखा लेकिन बहुत कुछ सीखना बाकी था।"

डिजाइनर से सुनती थी कि सेट पर आने से पहले इरफान सर ने उल्टी की:

इरफान के साथ बिताए कुछ मोमेंट के बारे में राधिका बताती हैं, "शूटिंग के दौरान, हमसे कहा गया था कि इरफान सर की एनर्जी दिन प्रतिदिन दिन कम हो सकती है। उसी वक्त वे अपने कैंसर का इलाज भी करवा रहे थे (कैमोथैरपी) और कब क्या बदलाव लाना पड़े, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि वे इसके विपरीत थे। जब भी सर सेट पर आते, पूरे एनर्जेटिक होते, पॉजिटिव ऐटीट्यूड के साथ। अपने कॉस्ट्यूम डिजाइनर से सुनती थी कि सेट पर आने से पहले इरफान सर ने उल्टी की, लेकिन शॉट देने के दौरान कभी अपनी बीमारी का एहसास नहीं होने दिया। किसी को पता नहीं होता था कि कुछ मिनट पहले उनके साथ क्या हुआ। मौका पाते ही वो दूसरे सीन का जिक्र करने लग जाते थे। उनका एटीट्यूट देखकर हर कोई हैरान रह जाता।"

बाप-बेटी का कनेक्शन जरूर महसूस होता था:

वे आगे बताती हैं, "इरफान सर 2-3 दिनों से फिल्म की शूटिंग कर रहे थे और मैंने उन्हें चौथे दिन ज्वॉइन किया था। वो अपने करैक्टर में थे और मुझे तारिका के किरदार में एंट्री करना था। शॉट के पहले मैं दूर से ही उन्हें ऑब्जर्व कर रही थी और उस वक्त ख्याल में आया कि वे मेरे पिता जैसे हैं। इसी ख्याल के साथ मैंने अपना शॉट दिया। दिन खत्म होते ही, फिल्म के डायरेक्टर होमी अदजानिया मेरे पास आए और उन्होंने मुझे बताया की इरफान सर भी मुझे ऑब्जर्व करते थे और वे मुझमे एक बेटी की झलक देखते थे। पूरी शूटिंग के दौरान, हम कभी एक दूसरे से बैठकर बात नहीं करतेथे लेकिन एक बाप-बेटी का कनेक्शन जरूर महसूस होता था।"

शूटिंग के आखिरी दिन उनकी तबियत सही नहीं थी:

अपनी आखिरी मुलाकात के बारे में राधिका बताती हैं, "आखिरी बार उनसे लंदन में फिल्म की शूटिंग के आखिरी दिन ही मिली थी। उस वक्त उनकी तबियत सही नहीं थी। सभी उनके साथ फोटोज खिचवा रहे थे और वे अपने घर जाने की घाई में थे, उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा था। मुझे याद है जैसे ही वे अपने घर जाने के लिए अपनी गाड़ी में बैठे, मैंने उनसे एक फोटो की रिक्वेस्ट की, तब उन्होंने मुझे देखा और कहा, "हमारी तो बहुत तस्वीरें हैं, हमने तो बहुत यादें बना ली हैं"। और बस, एक मुस्कान देकर निकल गए। ये मेरे लिए उनके आखिरी शब्द थे जो मेरे लिए हमेशा यादगार रहेंगे। सच कहूं तो मुझे कोई अफसोस नहीं कि मुझे अब आगे चलकर उनके साथ काम करने का मौका नहीं मिलेगा। हां, इस बात का दुःख जरूर है कि अब उनकी फिल्में नहीं देखने मिलेंगी। इरफान सर हम जैसे एक्टर्स के लिए एक इंस्पिरेशन थे जिसने हम सभी को अलविदा कह दिया।"

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