डॉक्यूमेंट्री काली पोस्टर विवाद:TMC सांसद महुआ मोइत्रा बोलीं- मेरे लिए मां काली मांस खाने और शराब पीने वाली देवी; पार्टी ने किया किनारा

एक महीने पहले

फिल्ममेकर लीना मणिमेकलाई की डॉक्यूमेंट्री 'काली' के पोस्टर विवाद पर अब TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने बयान दिया है। महुआ ने एक मीडिया चैनल के कॉन्क्लेव में 'काली' के पोस्टर विवाद पर लीना मणिमेकलाई का सपोर्ट किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए मां काली मांस खाने और शराब पीने वाली देवी हैं।

इधर, तृणमूल कांग्रेस ने महुआ मोइत्रा के बयान से किनारा कर लिया है। TMC की तरफ से ट्वीट कर कहा गया है कि महुआ मोइत्रा के बयान का पार्टी समर्थन नहीं करती है। ये उनके निजी विचार हैं। वहीं, महुआ मोइत्रा ने ने भी बयान पर सफाई में कहा है कि मैंने कभी किसी फिल्म या पोस्टर का समर्थन नहीं किया।

महुआ ने पोस्टर के समर्थन में क्या-क्या कहा विस्तार से पढ़ें...
महुआ ने कहा कि काली के कई रूप हैं। मेरे लिए काली, मांस खाने वाली, शराब स्वीकार करने वाली देवी हैं। लोगों की अलग-अलग राय होती है, मुझे इस पोस्टर को लेकर कोई परेशानी नहीं है। आपको अपनी देवी की कल्पना करने की स्वतंत्रता है। कुछ स्थान हैं, जहां देवताओं को शराब अर्पित की जाती है। वहीं कुछ अन्य स्थानों पर इसे ईशनिंदा माना जाता है।

महुआ मोइत्रा ने आगे कहा- आप अपने भगवान को कैसे देखते हैं। अगर आप भूटान और सिक्किम जाओ तो वहां सुबह पूजा में भगवान को शराब चढ़ाई जाती है, लेकिन यही आप उत्तर प्रदेश में किसी को प्रसाद में दे दो तो उसकी भावना आहत हो सकती है। मेरे लिए देवी काली का अपना स्वरूप है। वे कई रूपों में पूजी जाती हैं।

पढ़ें - 'काली' के पोस्टर को लेकर विवादों में आईं डायरेक्टर लीना की कहानी

फिल्ममेकर लीना मणिमेकलाई ने शेयर किया था डॉक्यूमेंट्री 'काली' का पोस्टर।
फिल्ममेकर लीना मणिमेकलाई ने शेयर किया था डॉक्यूमेंट्री 'काली' का पोस्टर।

मुझे मेरी काली को मेरे हिसाब से देखने की आजादी है
महुआ ने बताया कि अगर आप तारापीठ जाएंगे, तो काली मां के मंदिर के पास आपको कई साधु स्मोकिंग करते हुए मिल जाएंगे। कई लोग ऐसी काली की पूजा भी करते हैं। हिंदू होते हुए भी मुझे मेरी काली को मेरे हिसाब से देखने की आजादी है और लोगों को भी यह आजादी होनी चाहिए। पूजा का अधिकार पर्सनल स्पेस में रहना चाहिए। जब तक मैं आपके क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर रही हूं, तो मुझे नहीं लगता कि ऐसा करने की आजादी किसी को होनी चाहिए। मुझे काली के इस रूप से कोई परेशानी नहीं है।

लीना मणिमेकलई के खिलाफ दिल्ली और यूपी में केस दर्ज
इस मामले में डायरेक्टर लीना मणिमेकलाई के खिलाफ दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने केस दर्ज किया है। लीना पर अपनी डॉक्यूमेंट्री 'काली' के पोस्टर से धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप है। पुलिस ने उन पर धारा 153A, 295A के तहत मामला दर्ज किया। इसके साथ ही UP में भी लखनऊ, गोंडा और लखीमपुर में लीना के खिलाफ तीन केस दर्ज किया गया है। पढ़ें पूरी खबर...

यहां से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, उन्होंने अपनी डॉक्यूमेंट्री 'काली' का पोस्टर रिलीज किया, जिसमें मां काली बनी एक्ट्रेस को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है। पोस्टर में मां काली के एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में LGBTQ का झंडा भी दिखाया गया है। 2 जुलाई को इस पोस्टर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क गया। कई यूजर्स ने मेकर्स पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया और उन्हें अरेस्ट करने की मांग भी की जा रही थी।

पोस्टर विवाद पर डायरेक्टर लीना मणिमेकलाई ने किया पोस्ट।
पोस्टर विवाद पर डायरेक्टर लीना मणिमेकलाई ने किया पोस्ट।

लीना ने कहा- मैं डरती नहीं हूं
पोस्टर रिलीज होने के बाद बढ़ता विवाद देख लीना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा- मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। मैं हमेशा उन लोगों के साथ आवाज उठाऊंगी, जो निडर होकर बोलते हैं। अगर इसकी कीमत मेरी जिंदगी है, तो मैं वह भी दे दूंगी।

लीना ने बताया था कि उनकी यह फिल्म टोरंटो के आगा खान म्यूजियम में हुए कार्यक्रम 'रिदम ऑफ कनाडा' का एक पार्ट थी। जब लीना को काफी आलोचना झेलनी पड़ी तो उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट प्राइवेट कर लिया और कमेंट्स भी रिस्ट्रिक्ट कर दिए।

विरोध के बाद लीना ने तमिल में पोस्ट शेयर कर लिखा- यह फिल्म एक ऐसी घटना पर आधारित है, जिसमें एक शाम काली प्रकट होती हैं और टोरंटो की सड़कों पर घूमने लगती हैं। अगर आप पिक्चर देखोगे तो आप मुझे अरेस्ट करने वाले हैशटैग के ट्वीट नहीं, बल्कि मुझे प्यार करने वाले हैशटैग के ट्वीट शेयर करेंगे।