कंगना रनोट पर पंजाब में हमला:किसानों को खालिस्तानी आतंकी कहने से नाराज भीड़ ने कार घेरी, एक्ट्रेस ने बाहर निकलकर मांगी माफी

चंडीगढ़2 महीने पहले

कंगना रनोट की कार को शुक्रवार को पंजाब में नाराज भीड़ ने घेर लिया। भीड़ कंगना के किसानों को खालिस्तानी आतंकी कहने और सिख विरोधी बयानों से नाराज थी। पहले यह घेराव चंडीगढ़-ऊना नेशनल हाईवे पर कीरतपुर साहिब में किया गया। भीड़ के गुस्से को देखकर कंगना गाड़ी से बाहर निकलीं और माफी मांगी।

इसके बाद रोपड़ टोल प्लाजा पर भी उनके विरोध के लिए किसानों की भीड़ जमा हो गई। यहां पुलिस ने उनके काफिले को 200 मीटर पहले ही मोरिंडा के गांवों के अंदर मोड़ दिया।

गांवों के अंदर से ही उनका काफिला भीड़ से आगे निकालकर दोबारा हाईवे पर लाया गया। कंगना हिमाचल प्रदेश में अपने घर मनाली से चंडीगढ़ जा रहीं थीं, जहां से उन्हें मुंबई की फ्लाइट पकड़नी थी। हालांकि यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि कंगना का घेराव करने वाले किसान किस संगठन से जुड़े थे।

किसानों के विरोध को देखते हुए कंगना को कार से बाहर निकलना पड़ा।
किसानों के विरोध को देखते हुए कंगना को कार से बाहर निकलना पड़ा।

कंगना ने वीडियो में कहा- मेरे साथ सरेआम मॉब लिंचिंग हो रही है
कंगना ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसे मॉब लिंचिंग करार दिया। कंगना ने सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो शेयर किया। कंगना ने लिखा है, मैं अभी हिमाचल से निकली हूं, क्योंकि मेरी फ्लाइट कैंसिल हो गई है। जैसे ही पंजाब में कदम रखा, भीड़ ने हमला कर दिया। वे लोग कह रहे हैं कि वे किसान हैं। कंगना ने कहा, ये मुझे गंदी गालियां दे रहे हैं। जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। सिक्योरिटी होने के बाद भी मेरे साथ यह सब हो रहा है। अगर मेरे साथ सिक्योरिटी न हो तो मेरे साथ क्या होगा। यह अविश्वसनीय है। ये क्या व्यवहार है। इतनी सारी पुलिस होने के बावजूद मुझे रोका गया है।

कंगना के मुताबिक, भीड़ मुझसे माफी मांगने को कह रही थी। भरोसा नहीं हो रहा कि मुझे यहां से नहीं निकलने दिया जा रहा। मेरे साथ सरेआम मॉब लिंचिंग हो रही है। अगर यहां पुलिस न हो तो खुलेआम लिंचिंग हो। मैं कोई नेता नहीं हूं और न ही कोई पार्टी चलाती हूं। कुछ लोग मेरे नाम से गंदी राजनीति का खेल खेल रहे हैं। करीब एक घंटे तक भीड़ ने कंगना को घेरे रखा।

कंगना के इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर जारी वीडियो का एक सीन।
कंगना के इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर जारी वीडियो का एक सीन।

हाइवे पर पहले से जमा थे किसान, कंगना का पता लगने पर रोका काफिला
कंगना हिमाचल में अपने घर से मुंबई के लिए रवाना हुई थीं। जब कंगना के काफिले के आगे पंजाब पुलिस की दो पायलट कार सिक्योरिटी के लिए चल रही थीं। जब काफिला चंडीगढ़-ऊना हाइवे पर पहुंचा तो वहां पहले से किसान जमा थे। उन्हें पुलिस से पता चला कि गाड़ी में कंगना रनोट बैठी हुई हैं। इसके बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कंगना की गाड़ी घेर ली।

किसानों की भीड़ के बीच फंसी कंगना की कार।
किसानों की भीड़ के बीच फंसी कंगना की कार।

भीड़ ने कहा- पंजाबियों, सिख महिलाओं से माफी मांगो
जिस वक्त घेराव हुआ, कंगना की गाड़ी के आगे उनके सिक्योरिटी वाहन और इसके आगे पंजाब पुलिस की भी दो गाड़ियां लगी हुई थीं। इसके बावजूद विरोध को रोका नहीं जा सका। लोग लगातार मांग कर रहे थे कि कंगना अपनी गाड़ी से बाहर निकलें और पंजाबियों और खासकर सिखों और महिलाओं से माफी मांगें।

...तो इसलिए भीड़ ने किया घेराव
कंगना ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें वे भीड़ में मौजूद महिलाओं से बात करती नजर आ रही हैं। कंगना उनसे कह रही हैं कि- मैंने आपके लिए ऐसा नहीं कहा था। ये मैंने शाहीन बाग की औरतों के लिए कहा था। गौरतलब है कि ये महिलाएं कंगना के उस बयान से खफा हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि किसान आंदोलन में आईं महिलाएं 100 रुपए में लाई गईं।

काफी जद्दोजहद के बाद जाने दिया
कंगना को भीड़ ने काफी जद्दोजहद के बाद जाने दिया। इसके बाद कंगना ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वे यह कहती नजर आ रही हैं- मैं अपने शुभचिंतकों से कहना चाह रही हूं कि मैं वहां से निकल चुकी हूं। मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं। उन सभी का शुक्रिया जिन्होंने मेरी मदद की। पंजाब पुलिस और सीआरपीएफ का भी शुक्रिया।

कई विवादित बयान दिए हैं पिछले दिनों कंगना ने

  • 11 नवंबर को 1947 में देश को मिली आजादी को ब्रिटेन से भीख में मिला हुआ बताया।
  • 13 नवंबर को फिर कहा कि 1857 की लड़ाई का पता है, 1947 में कौन सी लड़ाई लड़ी।
  • 19 नवंबर को कृषि कानून वापसी पर किसानों की तुलना खालिस्तानी आतंकियों से की।
  • 22 नवंबर को सिख समुदाय और खालिस्तान आतंकवाद को लेकर तीखी बात कही।