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सेलेब इंटरव्यू:फिल्म '14 फेरे' के लिए 20 घंटे तक शूटिंग करती थीं कीर्ति खरबंदा, दुल्हन के गेटअप में तैयार होने में लगते थे 6 घंटे

2 महीने पहले
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उमेश उपाध्याय.राज: रीबूट से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली कीर्ति खरबंदा ने आगे चलकर गेस्ट इन लंदन, शादी में जरूर आना, वीरे की वेडिंग, यमला पगला दीवाना फिर से, हाउसफुल 4 आदि कर चुकी हैं। 23 जुलाई को उनकी आगामी फिल्म 14 फेरे ओटीटी पर स्ट्रीम हो गई है। पढ़िए कीर्ति से खास बातचीत:

फिल्म 14 फेरे में अपने किरदार अदिति के बारे में बताइए?

मेरे किरदार का नाम अदिति है। वह नटखट है, पर प्रैक्टिकल है। उसका इमोशन आता-जाता रहता है। उसके पापा ने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया है, जो बिजनेस मैन हैं, काम में बिजी रहते हैं। अदिति के बड़े भैया हैं, जो उसे बहुत प्यार करते हैं, पर डरा कर भी रखते हैं। चूंकि वे भाई हैं, इसलिए बहन का ध्यान रखना चाहते हैं। अदिति मर्दों के बीच पली-बढ़ी है, इसलिए बहुत प्रैक्टिकल है, जबकि उसका इमोशन बाद में आता है। उसे लड़कियों की तरह बात करना आता ही नहीं है। लेकिन वह धीरे-धीरे अपने आपको समझती, ढालती और बदलती है। पहली बार जब अदिति को रोना आता है, तब वह समझ ही नहीं रही है कि क्यों रो रही है। इस तरह अदिति का कैरेक्टर थोड़ी-सी कंफ्यूज, थोड़ी नटखट, बहुत ज्यादा प्रैक्टिकल और दूसरों के बारे में सोचने वाली इंसान का है।

'14 फेरे' में विक्रांत मैसी के साथ कीर्ति खरबंदा।
'14 फेरे' में विक्रांत मैसी के साथ कीर्ति खरबंदा।

आपके अनुसार, कैरेक्टर में काफी लेयर है। इसे जीवंत बनाने के लिए किस तरह की तैयारी रही?

कैरेक्टर की तैयारी के लिए काफी टाइम मिल गया, क्योंकि पिछले साल अप्रैल में इस फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाले थे। लेकिन एनाउंसमेंट शूट करने के 10 दिन बाद लॉक डाउन शुरू हो गया। फिर जाकर इसकी शूटिंग दिसंबर में शुरू हुई। इस तरह कैरेक्टर पर काम करने के लिए आठ महीने का वक्त मिल गया। इस दौरान बहुत सारे इंटरनेशनल शोज और बॉलीवुड मूवी देखा। यह सब देखने के बाद दिसंबर तक मैं पूरी तरह से अदिति बन गई थी। मुझे शूट करने में कोई दिक्कत नहीं आई। यह सब करने के पीछे मेरा मकसद यह था कि लोगों को अदिति याद रहे। सेट पर कैरेक्टर को लेकर डायरेक्टर से इतने सवाल करती थी कि वे परेशान हो जाते थे। वे कहते थे कि तुम्हारे सवालों पर किताब लिख सकता हूं।

दुल्हन के लिबास में रेडी होने के लिए कितना वक्त लगता था?

दुल्हन वाले लिबास में रेडी होने के लिए रोजाना छह घंटा लगता था। दो-ढाई घंटा हेयर और मेकअप में और चार घंटे मेहंदी लगाने में लगता था। इस तरह रोजाना 20 घंटे की शूटिंग हो जाती थी। मैं रोज चार घंटे ही सोती थी। ऊपर से तबियत भी खराब थी, लेकिन चाहती थी कि किसी को डिसप्वाइंट न करूं और मेरी वजह से किसी का नुकसान भी नहीं होना चाहिए।

अपने को-स्टार विक्रांत मैसी के साथ सेट पर का कोई अनुभव बताइए?

अच्छा वाला अनुभव बताऊं तो विक्रांत बहुत फन को-स्टार हैं। उनको मजे करने आते हैं और इस मामले में हम दोनों सेम हैं। आइ थिंक, मेरी सबसे दिलचस्प मेमोरी विक्रांत के साथ यही रही है कि हमने सेट पर रोजाना क्रिकेट खेला है। अगर बैट-बॉल नहीं होता था, तब नोट बुक से पेपर निकालकर उसका बैट-बॉल बनाकर क्रिकेट खेला है। उनको भी खाने का बहुत शौक है और मुझे भी खाने का बड़ा शौक है। फिर तो हमने दबाकर खाया है।

आप दिखने और बात करने में चुलबुली और खुशमिजाज स्वभाव की लगती हैं। आप खुद बताइए किस स्वभाव की लड़की हैं?

मैं तो एक्जैक्टली वैसी ही हूं, जैसे आप से बात कर रही हूं, जैसे दोस्तों के साथ होती हूं, सोशल मीडिया पर दिखती हूं। सेम डिक्टो वैसी ही हूं। ऐसा कुछ भी नहीं करती, जो मुझसे अलग है। वह मुझसे होता ही नहीं है। मुझे पर्दे पर बहुत सारे किरदार निभाने का मौका मिलता है। रियल लाइफ में अपने आपसे अलग होकर लोगों के सामने एक्टिंग करके कुछ मिलता नहीं है। मैं एक्टिंग सिर्फ पैसों के लिए करती हूं। रियल लाइफ में एक्टिंग करने का क्या मतलब। मेरे लिए एक्टिंग इतनी प्योर है कि कभी उसका मजाक नहीं उड़ाऊंगी। मैं बहुत क्लीयर हूं कि जो भी हूं, जैसी भी हूं, उसे लेकर बहुत प्राउड हूं। मैं लोगों को अपना वही हिस्सा दिखाती हूं। जो मेरे दिल में है, वही मेरे चेहरे पर दिखेगा। हां, हमेशा खुश रहना आसान नहीं होता है, लेकिन जब आपके कंट्रोल में कुछ नहीं हो, तब खुश रहना जरूरी होता है। मैं लोगों के लिए इंप्रेशन बनना चाहती हूं, फिर सिचुएशन चाहे जो भी हो। अपने लिए हंसना बहुत जरूरी होता है।

शादी करने को लेकर कुछ सपने होंगे, वह क्या है?

मैंने सच ऐसे सपने के बारे में कभी नहीं सोचा। उस मामले में बहुत प्रैक्टिकल हूं। मैं वन डे एट अ टाइम वाली लड़की हूं। मेरे फोन का वॉल पेपर भी वन डे एट अ टाइम है, क्योंकि मैं हूं ऐसी इंसान। मुझे आज में जीने का बहुत शौक है। न तो मुझे परसों में और न कल में जीना है, सिर्फ आज में जीती हूं। क्योंकि जब आज में जीते हो, तब ज्यादा चीजें हासिल कर पाते हो।

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