कुमार सानू की बेटी शैनन की आपबीती:अमेरिका में रंगभेद-नस्लभेद झेल चुकी हूं, यहां खुद को आर्टिस्ट ही नहीं इंसान साबित करना भी बड़ी लड़ाई है-शैनन

13 दिन पहलेलेखक: किरण जैन
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कुमार सानू की बेटी शैनन भी सिंगिंग की दुनिया में अपना नाम कमाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। शैनन ने अपने करियर की शुरुआत हॉलीवुड से की जहां महज 4 साल की उम्र में बॉलीवुड मूवी अवॉर्ड्स के कार्यक्रम में परफॉर्म किया था। 2018 में उन्होंने अपना पहला अमेरिकन गाना 'ए लॉन्ग टाइम' गाया। इसके अलावा काइली टाउनसेंड के साथ 'गिव मी योर हैंड' गाया जिसे अकेडमी अवार्ड्स में बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग के लिए नॉमिनेट किया गया था। इतना सब हासिल करने के बावजूद शैनन आज भी नस्लीय टिप्पणी का सामना करती हैं।

दैनिक भास्कर से शैनन ने अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ से जुड़ी कुछ खास बातें शेयर कीं। बातचीत के दौरान, उन्होंने बताया कि तकरीबन 19 साल लंदन और LA जैसे देशों में बिताने के बावजूद, उन्हें वहां रंगभेद और नस्लीय टिप्पणी का सामना करना पड़ता है।

मेरे पिता ही मेरे इंस्पिरेशन है
मेरे कॅरियर का इंस्पिरेशन मेरे पिता कुमार सानू हैं, वही मेरे गुरु हैं। मुझे याद है, बचपन में, मैं उनसे जिद्द करके उनके साथ रिकॉर्डिंग स्टूडियो में जाती थी। मुझे उनकी आवाज सुनना बेहद पसंद था और यही वजह है कि मैंने उनके नक्शे कदम पर चलने का फैसला लिया। बहुत छोटी उम्र में ही मैं अपनी मां के साथ लंदन शिफ्ट हो गई थी। वहीं मैंने म्यूजिक की पढ़ाई की और जैसे-जैसे वक्त बीतता गया, वेस्टर्न म्यूजिक के प्रति मेरा लगाव बढ़ता गया। पिछले 3 सालों में मैंने हॉलीवुड और बॉलीवुड (हिमेश रेशमिया, सोनू निगम) जैसे कुछ जाने-माने लोगों के साथ कोलैबोरेशन किया जिसका परिणाम बहुत अच्छा मिला।

रियल लाइफ में मेंटल स्ट्रेस का सामना करती हूं
मेरे गाने ज्यादातर मेरे आस-पास के माहौल से प्रेरित होते हैं। जब भी ऐसा कोई मुद्दा होता है जहां मुझे लगता है कि ये दुनिया तक पहुंचाना जरूरी है, मैं उस पर काम करना शुरू कर देती हूं। सच कहूं तो मेरे लिए मेंटल हेल्थ और डिप्रेशन जैसे सब्जेक्ट बहुत मायने रखते हैं। रियल लाइफ में मैं काफी मेंटल स्ट्रेस का सामना करती हूं। बचपन में मैंने काफी बुली की जाती रही। मुझे अपनी पहचान बनाने के लिए बहुत लड़ना पड़ा और आज भी ये जंग जारी है।

आए दिन रंगभेद और नस्लीय टिप्पणी का सामना होता है
यहां वेस्टर्न कंट्रीज में हमें आए दिन रंगभेद और नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। मुझे याद है जब मैं ऑडिशन के लिए जाती तब वह मुझे नीचा दिखाया जाता था क्योंकि मैं वहां मौजूद लोगों से अलग थी। मैं बहुत यंग थी इसीलिए उस सिचुएशन को हैंडल नहीं कर पाती। मुझ पर रेसिस्ट कमेंट होते और मैं रोकर घर लौट आती थी। कई बार मेरा आत्मविश्वास डगमगा जाता है। इससे सामना करने के लिए, खुद को हिम्मत देनी होती है। खुद को ना सिर्फ बतौर आर्टिस्ट लेकिन एक इंसान प्रूव करने का भी चैलेंज होता है। हालांकि अब मैं इससे लड़ना सीख गई हूं और आने वाले दिनों में इसी सब्जेक्ट पर गाना बनाना चाहूंगी और उसे ग्लोबल ऑडियंस तक पहुंचाने की ख्वाहिश रखती हूं। अपने इंडियन कल्चर को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना चाहती हूं।

इंट्रोवर्ट हूं इसलिए कॉमेडी करने की ख्वाहिश भी है
बॉलीवुड में मुझे मेरे पिता के अलावा अलका याग्निक, श्रेया घोषाल, अरिजीत सिंह, अमान मलिक के गाने बहुत पसंद हैं। मौका मिला तो बतौर सिंगर इनके साथ काम करना चाहूंगी। मुझे एक्टिंग का भी शौक है। पर्सनली, मुझे थ्रिलर और सस्पेंस मूवी देखना पसंद हैं लेकिन मेरी पर्सनैलिटी थोड़ी इंट्रोवर्ट है तो स्क्रीन पर कॉमेडी करने की ख्वाहिश रखती हूं।

अपने पिता के नाम का कभी फायदा नहीं उठाया
मेरे पिता बहुत नामचीन हैं लेकिन मैंने कभी उनके नाम का फायदा नहीं उठाया। मेरे परिवार वालों को मेरी इस बात का बहुत गर्व है। मैं अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहती हूं और मुझे यकीन है आने वाले दिनों में मैं इसमें कामयाब हासिल कर पाउंगी।