एक्टर का दर्द:कुणाल कपूर ने बताया आउटसाइडर के चलते पहले इंडस्ट्री में एक्टर को काम बहुत मुश्किल से मिलता था

एक महीने पहले
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बॉलीवुड एक्टर कुणाल कपूर का आज जन्मदिन है, उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में एक आउटसाइडर होने के बावजूद अपना नाम बनाया है। कुलाण ने खुलासा किया कि उन्हें वास्तव में इंडस्ट्री में खुद को बनाए रखने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि एक एक्टर बनना कठिन काम है, खासकर जब आप एक 'आउटसाइडर' हों। वह कहते हैं कि, अब काम मिलने में ज्यादा मुश्किल नहीं होती है। अब एक्टर के पास स्क्रीन के ऑप्शन भी बहुत हैं।

लोग बहुत जल्दी आपको भुला देते हैं
एक इंटरव्यू में कुणाल ने खुलासा किया कि, 2004 में 'मीनाक्सी- ए टेल ऑफ थ्री सिटीज' के साथ बड़े पर्दे पर अपनी शुरुआत से ठीक पहले उन्हें लोगों ने उन्हें एक्टर बनने से मना किया था। उन्होंने बताया कि लोग कहते थे बाहरी लोगों के लिए सफलता हासिल करना मुश्किल है। लेकिन कुछ समय के लिए चीजें बदल गईं, जब रंग दे बसंती रिलीज हुई थी। हालांकि, फिल्म मेकर जल्द ही कहने लगे कि, 'वह तो गायब हो गया है, वह खत्म हो गया है'। यह देखते हुए कि चीजें कैसे बदल गई हैं। अब बहुत सारे फिल्म मेकर आज उन्हें फोन कर रहे हैं और कहते हैं कि 'आप इतने दिलचस्प अभिनेता हैं, हम आपके साथ और चीजें करना चाहेंगे'। एक अभिनेता के तौर पर आप जिस दौर से गुजरते हैं, वह पूरा एक चक्र है। यह इंडस्ट्री अस्थिर है और यहाँ धारणाएँ बहुत तेजी से बदलती हैं।

पहले काम मिलना मुश्किल था
इनसाइडर और आउटसाइडर की बहस पर बात करते हुए कहा कि, एक आउटसाइडर व्यक्ति होने के नाते फिल्मों में पहले की तुलना में काम मिलना अब कम चुनौतीपूर्ण है। "पहले आपके पास एक ऑप्‍शन था, वह यही कि अगर आप लीड एक्‍टर नहीं हैं तो आप सपॉर्टिंग एक्‍टर बनकर रह जाएंगे और फिर विलन। एक आउटसाइडर होने पर आपको परिवार औप दोस्‍तों का सपॉर्ट सिस्‍टम नहीं होता जो करियर पुश करने में आपकी मदद करें।