भाई की 'राधे' अब मोस्ट वांटेड नहीं:पहले दिन 4.2 मिलियन व्यूअरशिप के बाद निगेटिव पब्लिसिटी से नुकसान, ओवरसीज में भी महज 15 करोड़ का बिजनेस किया

मुंबई5 महीने पहलेलेखक: मनीषा भल्ला
  • पे पर व्यू मॉडल के भारत में अच्छे दिन आए या नहीं, इसे लेकर एक्सपर्ट्स एकमत नहीं

सलमान खान की 'राधेः योर मोस्ट वांटेड भाई' को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया काफी खराब है। इस बीच ओटीटी प्लेटफॉर्म जी-5 ने दावा किया है कि राधे को पहले ही दिन 4.2 मिलियन व्यूअरशिप मिली है। मतलब, पहले ही दिन 42 लाख लोगों ने इसे देखा है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है, लेकिन निगेटिव पब्लिसिटी का नुकसान फिल्म को उठाना पड़ सकता है।

हालांकि जी-5 ने अभी तक आंकड़ों पर कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है कि राधे के पे पर व्यू (Pay per View) मॉडल से कितना फायदा हुआ और कितने नए सबस्क्राइबर्स जुड़े हैं। ओवरसीज में राधे को अच्छी कमाई हो रही है, लेकिन 4 महीने पहले की तमिल फिल्म 'मास्टर' या सलमान की पिछली फिल्म 'दबंग-3' इस मामले में राधे से कहीं आगे हैं।

'राधे' पायरेसी का शिकार भी हो चुकी है, ओटीटी पर आने के कुछ घंटों के भीतर ही फिल्म लीक हो गई। इसका नुकसान भी जी-5 को उठाना पड़ रहा है।

विदेश में राधे की कमाई दबंग-3 के आगे फीकी
ऑस्ट्रेलिया में राधे 67 स्क्रीन पर रिलीज हुई है। न्यूजीलैंड में 28 स्क्रीन पर फिल्म रिलीज हुई। ट्रेड से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इंटरनेशनल मार्केट में अभी तक का राधे का कलेक्शन 20 लाख डॉलर यानी 15 करोड़ रुपए जितना रहा है। दबंग -3 का कुल ओवरसीज कलेक्शन 80 लाख यूएस डॉलर यानी 60 करोड़ रुपए रहा था।

यूएई में राधे से आगे मास्टर
यूएई में फिलहाल थियेटर 50 प्रतिशत ऑक्यूपेसी में खुले हैं। वहां राधे ने 10 लाख यूएस डॉलर ( 7.5 करोड़ रु.) का बिजनेस किया है। यहां तमिल फिल्म मास्टर ने पहले वीक एंड में 13 लाख यूएस डॉलर (9.52 करोड़ रु.) का बिजनेस किया था। मास्टर अभी जनवरी में पोंगल के अवसर पर रिलीज हुई थी।

पे पर व्यू मॉडल हिट या फ्लॉप
भारत में राधे पहली ऐसी बड़ी फिल्म थी जो ‘पे पर व्यू ’ मॉडल से रिलीज हुई है। राधे की वजह से भारत में पे पर व्यू मॉडल के अच्छे दिन आए या नहीं, इस पर एनालिस्ट्स की राय अलग-अलग हैं।

ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन ने भास्कर को बताया कि दुनिया में एक साथ थिएटर बंद रहेंगे, ऐसा किसी ने सोचा नहीं था। ऐसे में गॉडजिला वर्सेज कोंग, वंडर वुमन और टेनेंट पीपीवी मॉडल से रिलीज हुई हैं। पीपीवी फॉर्मूला वेस्टर्न देशों में चल पड़ा है। भारत में स्थितियां ऐसी रहीं तो यह फॉर्मूला आगे बढ़ेगा क्योंकि अब फिल्में एक जुनून नहीं, बिजनेस है। कोई अपने बिजनेस को ज्यादा होल्ड नहीं करेगा।

ट्रेड एनालिस्ट गिरीश जौहर ने बताया कि हम टेक्नोलॉजी के हिसाब से पश्चिमी देशों से दस साल पीछे हैं इसलिए यहां पे पर व्यू मॉडल सफल होने में काफी समय लगेगा। यहां अभी कई लोगों के पास इंटरनेट एक्सेस नहीं है। जहां एक्सेस है, वहां स्पीड के इश्यू हैं। पश्चिमी देशों में पायरेसी पर कंट्रोल करने के लिए सॉफ्टवेयर आ चुके हैं। यहां पर खुद सलमान खान को लोगों से पायरेटेड वर्जन से दूर रहने की अपील करनी पड़ रही है।

ट्रेड एनालिस्ट राहुल वी. दुबे के मुताबिक जब तक भारत में निरंकुश पायरेसी है, तब तक पे पर व्यू मॉडल सफल नहीं होगा। अभी बहुत सारे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर राधे मुफ्त में उपलब्ध है। ऐसे में पे पर व्यू पर ज्यादा लोग खर्च नहीं करेंगे। ये बहुत बुरी बात है, लेकिन यही सच है।

जी-5 के कितने नए सब्सक्राइबर बने?
जी-5 राधे जैसी बड़ी फिल्म अपने प्लेटफॉर्म से रिलीज करके नए सबस्क्राइबर जोड़ने की उम्मीद में है। जी ग्रुप खुद बता रहा है कि राधे को 42 लाख व्यूज मिले हैं। एक घर में एक टीवी सेट पर चार लोगों ने फिल्म देखी होगी, ऐसा ही मानें तो राधे के सबस्क्राइबर्स की तादाद दस लाख के करीब होती है। इसमें से 30 प्रतिशत नए सबस्क्राइबर हो सकते हैं। यह तीन लाख नए सब्सक्राइबर ही जी-5 का फायदा माना जाएगा।

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