आतंकवाद पर बनी फिल्में:नार्थ-ईस्ट में उग्रवाद पर बनी अनेक, फिल्में जिन्होंने दिखाई है उत्तर-पूर्वी राज्यों की आतंकवाद की समस्या

7 दिन पहले

फिल्म अनेक आने वाली है। इस फिल्म में भारत के नॉर्थ ईस्ट में फैली आतंकवाद की समस्या को दिखाया जाएगा। अनेक के ट्रेलर में आयुष्मान खुराना भारत के राज्यों में भाषाई मतभेद के मुद्दे को भी बखूबी उठाते नजर आ रहे हैं। तो चलिए आज नजर डालते हैं उन्हीं फिल्मों पर जिनमें भारत में आतंकवाद की समस्या को फिल्मों के जरिए लोगों के सामने लाया गया है।

दिल से

मणि रत्नम की इस फिल्म में शाहरुख खान, मनीषा कोइराला मुख्य भूमिका में हैं। जबकि प्रीति जिंटा ने इसी फिल्म से सपोर्टिंग रोल में अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म को मणि रत्नम और तिग्मांशू धूलिया ने लिखा है। 1998 में रिलीज हुई इस फिल्म में नार्थ ईस्ट के आतंकवाद की समस्या को बखूबी दिखाया गया। साथ ही इस फिल्म में लव एंगल को आतंकवाद से जोड़कर इस समस्या को लोगों के सामने पेश किया गया।

फिल्म में मनीषा कोइराला एक सुसाइड बॉम्बर की भूमिका में थीं जिन्हें बचाने के चक्कर में शाहरुख खान अपनी जान गवां देते हैं।

दिल से का बजट 11 करोड़ था जिसने 39.26 करोड़ की कमाई की थी। फिल्म को 2 नेशनल अवॉर्ड और 6 फिल्म फेयर अवॉर्ड मिले थे। फिल्म अमेरिका और जापान में भी बड़ी हिट सबित हुई थी और अमेरिका के बॉक्स ऑफिस चार्ट में कमाई में टॉप 10 में शामिल होने वाली पहली फिल्म बनी थी।

3 स्मोकिंग बैरल्स

3 स्मोकिंग बैरल्स 2017 में आई नार्थ ईस्ट के आतंकवाद पर बेस्ड फिल्म है। इस फिल्म को संजीव डे ने डायरेक्ट किया था। ये पहली फिल्म थी जिसे 6 भाषाओं में बनाया गया था जो किसी भारतीय फिल्म के लिए एक रिकॉर्ड था। इस फिल्म में 3 कहानियां दिखाई गई हैं जो नॉर्थ ईस्ट की पॉलिटिक्स और आतंकवाद को बखूबी पेश करती है। इस फिल्म में तीन अलग-अलग कहानियों में ड्रग्स,आतंकवाद को दिखाया गया है।

21 सितंबर 2018 को रिलीज हुई इस फिल्म ने मैक्सिको इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट नैरेटिव फीचर के लिए अवॉर्ड दिया गया था वहीं 7वें आसाम स्टेट अवॉर्ड में भी फिल्म को दो कैटेगरी में अवॉर्ड दिए गए हैं। इस प्रकार इस फिल्म को कुल 6 अवॉर्ड से नवाजा गया है।

टैंगो चार्ली

2005 में आई इस फिल्म को मणि शंकर ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में अजय देवगन, बॉबी देओल, संजय दत्त, सुनील शेट्टी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म बॉर्डर पर लगी सिक्योरिटी फोर्स पर आधारित है जिसमें इन्हें आतंकवाद से निपटते हुए दिखाया गया है। फिल्म में आंध्र नक्सलियों की मुठभेड़, गुजरात की सांप्रदायिक हिंसा, कारगिल युद्ध के बारे में बताया गया है।

इस फिल्म को 25 मार्च 2005 को रिलीज किया गया था। फिल्म बनी तो 13.5 करोड़ में थी लेकिन बड़ी फ्लॉप साबित हुई और अपनी लागत भी वसूल नहीं कर पाई। फिल्म ने कुल 7.16 करोड़ का कलेक्शन किया था।

आतंकवाद पर बेस्ड फिल्मों के लिए कश्मीर सेंटर पॉइंट

बॉलीवुड में आतंकवाद पर जब भी कोई फिल्म बनती है तो ज्यादातर कश्मीर उसका सेंटर पॉइंट होता है। भारत में अगर आतंकवाद पर बनी फिल्मों के बारे में सर्च किया जाए तो कश्मीर पर बनी तमाम फिल्में नजर आ जाती हैं। उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक, ब्लैक फ्राइडे, मिशन कश्मीर, हिंदुस्तान की कसम, मां तुझे सलाम, फना, रोजा, शिकारा, हैदर जैसी फिल्मों में कश्मीर में फैले आतंकवाद को सामने लाया गया है।

भारत में कश्मीर के अलावा अन्य राज्यों में फैले आतंकवाद पर बनी फिल्में

मद्रास कैफे

मद्रास कैफे को शूजित सरकार ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में जॉन अब्राहम और नरगिस फखरी लीड रोल में थे। फिल्म राजीव गांधी हत्याकांड पर बनी थी, जिसमें श्रीलंका में तमिल संगठन द्वारा आजादी को लेकर चल रहे वॉर के बारे में दिखाया गया था।

फिल्म 23 अगस्त 2013 को रिलीज हुई थी। यह 35 करोड़ के बजट में बनी और हिट साबित हुई। फिल्म ने 67 करोड़ का कलेक्शन किया था। ये फिल्म मलेशिया, थाईलैंड, लंदन और भारत में शूट हुई थी। मद्रास कैफे को दो नेशनल अवॉर्ड और फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल चुके हैं।

लाल सलाम

2002 में आई इस फिल्म को गगन विहारी ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म की कहानी नक्सलवाद पर आधारित थी। जिसमें नंदिता दास, शरद कपूर और सयाजी शिंदे मुख्य भूमिका में थे। कहानी एक गांव में पॉलिटिशियन और पुलिस से परेशान लोगों के नक्सली बनने पर थी।

ये फिल्म 1.25 करोड़ में बनी थी लेकिन फ्लॉप साबित हुई और 84 लाख का ही कलेक्शन कर पाई थी।

माचिस

1996 में आई इस फिल्म को गुलजार ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में चंद्रचूड़ सिंह, ओम पुरी, तब्बू, जिमी शेरगिल लीड रोल में थे, जिसमें 1984 में हुए सिख दंगे पर आधारित इस फिल्म को लव स्टोरी से जोड़ते हुए पंजाब में पनपे आतंकवाद पर बनाया था।

माचिस 25 अक्टूबर 1996 को रिलीज हुई थी जो 3 करोड़ के बजट में बनी थी और इस फिल्म ने 7 करोड़ की कमाई की थी।