भास्कर इंटरव्यू:गानों के रिक्रिएशन और रैप म्यूजिक पर मोहित चौहान बोले- मेरा मेलॉडिक जॉनर है, मैं फोक और पहाड़ी गानों पर फोकस करता हूं

एक वर्ष पहलेलेखक: शशांक मणि पाण्डेय

कभी नादान परिंदे को घर बुलाना हो या मटरगस्ती खुली सड़क पर करना हो हम सबको एक ही रुहानी आवाज याद आती है वह हैं मोहित चौहान। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में मोहित ने बताया कि वह अपना सोलो एलबम अगले साल रिलीज करने वाले हैं। उन्होंने म्यूजिक के जॉनर और नए टैलेंट पर भी बात की पढ़िए बातचीत का अंश:

आजकल इंडस्ट्री में गानों के रिक्रिएशन और रैप म्यूजिक को जोड़ा जा रहा है मोहित अपने आपको इसमें कहा देखते हैं?
रैप एक जॉनर है म्यूजिक का जो विदेशी है। इंडिया में नहीं करते थे, बेसिकली अमेरिका का जॉनर है। इसमें बेस के लिए वब लोग सोशल इश्यू पर बात करते हैं। इसको फिल्म के गानों में उपयोग करते हैं, यह भी अच्छा है। मेरा मेलॉडिक जॉनर है और मैं वैसा ही गीत बनाता हूं। मेरे गीत फोक, लाइट क्लासिकल है या फिर माउंटेन म्यूजिक से इंस्पायर होता है। पहाड़ी संगीत विदेश के ब्लूज से भी बहुत क्लोज रहता है। पूरी दुनिया के पहाड़ी म्यूजिक में सिमलैरिटी रहती है, और मैं अपना इंस्पिरेशन नेचर, माउंटेन से लेता हूं मेरा जॉनर भी यही है।

आपका एल्बम कलाम आया था अब कोई नया एलबम की प्लानिंग कर रहे हैं?
नॉन फिल्म मेरा लास्ट एलबम 2010 में आया था फितूर नाम से, मैने अभी कुछ गाने बनाए है कुछ रिकॉर्ड भी कर लिए हैं। उम्मीद कर रहा हूं कि उसको जल्द ही कंप्लीट कर अगले साल तक रिलीज करूगां। इसमें तकरीबन 8-10 गानों का कलेक्शन होगा और यह सारे गाने नॉन फिल्मीं होंगे।

मोहित आप हिमाचल से हैं वहा का फोक म्यूजिक बहुत रिच है पर उसको इतनी पहचान नहीं मिल पाई है क्या कारण हैं?
इसका कारण हमारी इंडस्ट्री के फिल्म निर्माता हैं, कहीं न कहीं वह इस म्यूजिक को लैक कर रहे हैं उसके इमेजिनेशन को भी लैक कर रहे हैं। मैं एक फिल्म निर्माता से मिला जो अपनी फिल्म पहाड़ों में बना रहे थे। फिल्म का किरदार भी पहाड़ी है वहीं पला बढ़ा है, जब उनसे पूछा कि सर इसमें कोई गाना होगा जो इस मिट्टी का हो लेकिन इस बात का उनको कोई आइडिया ही नहीं था।

उन्होंने कहा यह तो मैंने सोचा ही नहीं। आप कोई भी अच्छी फिल्में देखे तो जहां का किरदार होता हैं वहीं का संगीत बैकग्राउंड में उठ कर आता है तब किरदार खिलता है। बहुत सारे निर्माता हैं जो इस पर ध्यान नहीं देते हैं, मुझे लगता है कि उनको इसपर ध्यान देना चाहिए। इससे ऑथिंटीसिटी बनती है और फोक संगीत को ऊंचाई मिलेगी।

देश में आजकल बहुत से रिएलिटी शो हैं नए लोग आते है खूब फेमस भी होते है पर एक दम से गायब हो जाते है क्या कारण है इसका ?
बहुत सारे नए बच्चे आते हैं, वह सब पुराने गाने गाते कुछ मेरे गाए हुए गाने भी गाते हैं। जैसे अगर कोई मेरा गाना गाता है तो उसका ध्यान इसपर रहता है कि मैंने गाना कैसा गाया था। इससे उनकी अपनी फीलिंग कहीं पर छुप जाती है। मुझे ऐसा लगता है कि ऐसे शोज में औरों के गाने के साथ कुछ खुद का ओरिजनल गाएं इससे उनकी खुद पहचान बनेगी। क्योंकि इंडस्ट्री में गाने लिमिटेड होते हैं।

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