कोरोना के कारण बॉलीवुड का 2100 करोड़ दांव पर:अप्रैल 2022 तक रिलीज होने वाली 14 बड़ी फिल्मों पर असर, फिल्में टलने से बिगड़ेगा रिलीज कैलेंडर

मुंबई9 दिन पहलेलेखक: हिरेन अंतानी
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  • 3-4 महीने तक नहीं आएगी बड़ी फिल्में , लालसिंह चड्ढा-केजीएफ -2 के लिए भी खतरे की घंटी
  • नवंबर-दिसंबर 2022 में रिलीज होने वाली फिल्में भी खिसक सकती हैं 2023 तक

2022 की शुरुआत में आई कोरोना की तीसरी लहर ने बॉलीवुड और साउथ सिनेमा दोनों के ही रिलीज कैलेंडर को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। अप्रैल 2022 तक रिलीज के लिए शेड्यूल 14 फिल्मों को अपनी रिलीज डेट आगे बढ़ानी पड़ सकती हैं। इसकी शुरुआत जनवरी में शेड्यूल हुईं आरआरआर, राधे-श्याम और पृथ्वीराज की रिलीज टलने से हो चुकी है। अकेले इन 3 फिल्मों पर इंडस्ट्री के करीब 1100 करोड़ रुपए दांव पर लगे हैं।

वहीं, अप्रैल 2022 तक की फिल्मों पर नजर डालें तो 14 बड़ी फिल्मों पर इंडस्ट्री के 2125 करोड़ रुपए लगे हैं। मेकर्स जल्दबाजी में रिलीज करके अपनी कमाई के अनुमानों को बिगाड़ने के मूड में नहीं लग रहे हैं। जनवरी में शेड्यूल की गईं सारी फिल्मों की रिलीज लगभग टल चुकी है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो फरवरी और मार्च 2022 में रिलीज होने वाली फिल्मों की रिलीज भी टाली जाएंगी।

तगड़ी कमाई की उम्मीद रखने वाली बड़ी फिल्में अब रिलीज के लिए लंबा इंतजार करेंगी। शूटिंग-पोस्ट प्रोडक्शन रूक रहे हैं, इसका असर साल के अंत में आने वाली फिल्मों की रिलीज पर भी हो सकता है।

अभी क्या स्थिति
दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और बिहार में सिनेमाघर बंद हैं। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में 50% क्षमता के साथ थिएटर चल रहे हैं। UP, गुजरात समेत ज्यादातर राज्यों में नाइट शो बंद हो चुके हैं। इसी को देखते हुए फिलहाल चार फिल्मों जर्सी, आरआरआर, राधे-श्याम और पृथ्वीराज की रिलीज टाली जा चुकी है।

सब कुछ नॉर्मल होने तक नहीं आएंगी बड़ी फिल्में
पर्सेप्ट पिक्चर कंपनी के फीचर फिल्म बिजनेस हेड और फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपर्ट युसूफ शेख ने बताया कि आरआरआर, पृथ्वीराज, लालसिंह चड्ढा जैसी फिल्मों में 200 से 400 करोड़ का निवेश है। अब इतनी तगड़ी कमाई के लिए सारे देश में थिएटर में नॉर्मल ऑक्यूपेंसी चाहिए। जब तक ऐसे हालात नहीं होते इन फिल्मों की रिलीज के बारे में कोई सोच-विचार नहीं होगा।

युसूफ बताते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री के सारे स्टैक होल्डर्स, प्रोड्यूसर, डिस्ट्रीब्यूटर, एग्जिबिटर्स, ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूटर कोई अपनी रिलीज डेट पर नहीं अड़ेंगे। अच्छी कमाई चाहिए तो सबको बदलाव लाना होगा। अब जनवरी में कोई फिल्म रिलीज नहीं होने वाली है। इसके बाद सब कुछ नए सिरे से सेट करते-करते तीन-चार महीने तो लग ही जाएंगे।

पूरा रिलीज कैलेंडर फिर से तय होगा
ट्रेड मैगजीन ‘कंपलीट सिनेमा’ के एडिटर और ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन ने बताया कि बीते दो साल का बॉलीवुड का अनुभव रहा है कि सिनेमा सबसे पहले बंद होते हैं लेकिन फिर सबसे लास्ट में खुलते हैं। महाराष्ट्र में तो कोविड के बाद 100% ऑक्यूपेंसी कभी आई ही नहीं। ऐसे में बड़े बजट लेकर बैठे कोई प्रोड्यूसर जल्दबाजी नहीं करेंगे।

अभी तो बिग बजट फिल्मों की रिलीज की संभावना अप्रैल 2022 तक तो मुश्किल लग रही है। बड़ी फिल्में रिशेड्यूल होने का प्रभाव दूसरी छोटी फिल्मों पर होगा। कुछ मिड बजट फिल्में आगे-पीछे होंगी। कुछ OTT पर चली जाएंगी। फिर से शूटिंग और पोस्ट प्रोडक्शन रुकने लगे हैं, इसका मतलब साल के अंत में आने वाली फिल्मों की रिलीज डेट्स भी री-शफल हो सकते हैं।

हर प्रदेश का बिजनेस अहम
दिल्ली में और हरियाणा के कुछ बड़े शहरों में सिनेमाघर बंद किए गए हैं। फिल्म बिजनेस में इनका हिस्सा 10 से 15% है। अगर कोई फिल्म 100 करोड़ की कमाई की उम्मीद रखती है तो 10 से 15 करोड़ यहीं से मिलते हैं। जाहिर है कि कोई प्रोड्यूसर इस टैरिटरी को अनदेखा नहीं कर सकता। बिहार में सिनेमा बंद किए गए हैं, बंगाल और तमिलनाडु में आधी क्षमता कर दी गई है।

फिलहाल सिर्फ वेट एंड वॉच
कोई प्रोड्यूसर अभी तो नई तारीख के बारे में सोचेंगे भी नहीं। जब सारा माहौल ठीक हो जाएगा, पैनिक खत्म हो जाएगा और लगेगा कि अब कोई रिस्ट्रिकशंस आने की संभावना नहीं है। तभी वह रिलीज का जोखिम उठाएंगे। फिलहाल पूरी इंडस्ट्री फिर से वेट एंड वॉच के मोड में आ गई है।

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