ड्रग्स केस:आर्यन खान के मामले पर सीनियर लॉयर हितेश जैन बोले- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आर्यन की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है

3 महीने पहले
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मुंबई सेशंस कोर्ट ने आर्यन खान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले ने कई लोगों को हैरान कर दिया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान एक सीनियर लॉयर हितेश जैन जिन्होंने कई अन्य लोगों की तरह इस केस को दुर्भाग्यपूर्ण पाया है, ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आर्यन की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।

पहले ऐसे मामलों में बेल मिल जाया करती थी: हितेश जैन

हितेश कहते हैं, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आर्यन खान की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। उसके खिलाफ ड्रग्स को कम मात्रा में लेने का आरोप लगया गया है। पहले ऐसे कुछ मामले रहे हैं जहां पर इन जैसे मामलों में बेल मिल जाया करती थी।"

हितेश ने की आर्यन ड्रग केस पर बात

हितेश आगे कहते हैं, "हालांकि एनडीपीएस एक्ट कहता यह है कि ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, कम मात्रा में ड्रग्स लेने पर ज्यादा से ज्यादा एक साल की सजा होती है। इसलिए, सेशन के जजों को ऐसे लोगों को जेल में ना डाल कर कनूनी जनादेश का सम्मान करना चाहिए था।"

हितेश को यह भी लगता है कि आर्यन खान जैसे मामलों की जमानत में देरी करने से जुडिशरी की प्रोसेस और रिसोर्सेज पर अनावश्यक बोझ पड़ता है। इस बारे में वो कहते हैं, "यह देखना निराशाजनक है कि ट्रायल कोर्ट अपनी जिम्मेदारी से भाग रही हैं और आरोपियों को राहत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।"

पार्टी के तीन दिन पहले NCB को मिली थी सूचना

मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज पर NCB द्वारा की गई छापेमारी में हशीश, एमडी, कोकीन की भारी मात्रा पाई गई है। तीन दिन पहले NCB को इस ड्रग्स पार्टी की सूचना मिली थी। यह पता चला था कि इस पार्टी में शामिल होने के लिए 80 हजार रुपए से लेकर लाखों रुपए तक वसूले गए थे। इसी सूचना के आधार पर पार्टी में शामिल होने के बहाने NCB के कुछ अधिकारी क्रूज में घुस गए थे। अंदर का नजारा देखने के बाद इस टीम ने बाहर बैठे अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद NCB टीम ने छापेमारी को अंजाम दिया।

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