कंगना पर FIR:किसान आंदोलन की खालिस्तानी आंदोलन से तुलना करने वाली कंगना पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज

12 दिन पहले
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मुंबई पुलिस ने कंगना रनोट पर FIR दर्ज कर ली है। मोदी सरकार के कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद कंगना ने किसान आंदोलन की तुलना खालिस्तानी आंदोलन से की थी।इसके लिए कंगना ने अपने इंस्टाग्राम का सहारा लिया था। FIR में एक्ट्रेस पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित आईपीसी की धारा 295 A/ 294 A के तहत मामला दर्ज किया गया है।

खार पुलिस ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के नेताओं के साथ अमरजीत सिंह संधू, कुलवंत सिंह संधू, की शिकायत के आधार पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित धारा 295 ए के तहत अपराध दर्ज किया। शिकायत में कहा गया है कि रनोट ने सभी किसानों को खालिस्तानी आतंकवादी करार दिया है और 1984 के दंगों को लाकर उन्होंने समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।

इससे पहले, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल से मिले और मांग की कि कंगना की टिप्पणी के लिए मामला दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने जानबूझकर किसानों के विरोध को "खालिस्तानी आंदोलन" के रूप में चित्रित किया।

श्री गुरु सिंह सभा ने भी की थी शिकायत
एक दिन पहले उनके खिलाफ भोईवाडा पुलिस स्टेशन दादर में एक शिकायत दर्ज की गई। जिसमें IPC के सेक्शन 153, 153A,153B, 504, 505, 505(2) और IT एक्ट 2000 की धारा 79 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में श्री गुरु सिंह सभा मुंबई ने शिकायत दर्ज कराई। कंगना के अलावा इसमें अतुल मिश्रा को भी आरोपी बनाया गया है।

नाखुश हैं कंगना रनोट
तीनों कृषि कानून वापस लेने के सरकार के फैसले से एक्ट्रेस कंगना रनोट निराश हैं। उन्होंने अपने विचार सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किए थे। कंगना ने लिखा था कि यह बेहद शर्मनाक और अनुचित है। कंगना ने लिखा-"दुखद, शर्मनाक, बिल्कुल अनुचित। अगर संसद में चुनी हुई सरकार की जगह सड़कों पर लोगों ने कानून बनाना शुरू कर दिया... तो यह भी एक जिहादी राष्ट्र है। उन सभी को बधाई जो इसे इस तरह चाहते थे।"