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हवेलियां बनेंगी म्यूजियम:पाकिस्तान सरकार ने दिलीप कुमार और राज कपूर की हवेलियों के मालिकों को आखिरी नोटिस भेजा, 18 मई तक का दिया वक्त

एक महीने पहले
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पाकिस्तान के किस्सा ख्वानी बाजार पेशावर में बनी राज कपूर और दिलीप कुमार के पुश्तैनी हवेलियों पर पाकिस्तान सरकार ने औपचारिक संरक्षण लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खैबर पख्तूनख्वाह प्रोविंशियल गवर्नमेंट ने इसकी पहल की थी, ताकि इन घरों को म्यूजियम बनाया जा सके। मौजूदा मालिकों को इस काम के लिए 18 मई तक का समय दिया गया है।

मालिकों को भेजा आखिरी नोटिस
पेशावर के डिप्टी कमिश्नर खालिद मेहमूद ने बुधवार को हवेलियों के मौजूदा मालिक को आखिरी नोटिस भेजा है। साथ ही उन्हें 18 मई तक सरकार द्वारा तय की गई कीमतों के आधार पर अपना रिजर्वेशन जमा करने कहा है। इस बारे में प्रोविंशियल गवर्नमेंट या कोर्ट हवेली की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर सकती है।

कीमतों से नाखुश हैं मौजूदा ओनर्स
इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने कपूर के 6.25-मारला और कुमार के चार-मरला घरों की खरीद के लिए 1.50 करोड़ और 80 लाख रूपए में खरीदकर उन्हें संग्रहालयों में परिवर्तित करने का प्लान बनाया था। राज कपूर की हवेली के मालिक अली कादिर ने हवेली के लिए 20 करोड़ की मांग की थी। वहीं दिलीप कुमार की हवेली के मालिक गुल रहमान मोहम्मद ने कहा था सरकार को इसे मार्केट रेट यानी करीब 3.50 करोड़ रुपए में खरीदना चाहिए।

2005 के भूकंप के बाद जर्जर हुई थी हालत
राज कपूर की हवेली के बारे में प्रचलित है कि 1947 के विभाजन से पहले शादी की पार्टी देने के लिए लोगों की पहली पसंद होती थी। हवेली में बुकिंग नहीं मिलने के चलते 6-6 महीने डेट्स आगे बढ़ानी पड़ती थीं। लेकिन भूकंप के बाद इसकी हालत खराब होती गई। 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इन घरों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था। पर संरक्षित करने के लिए कोई झांकने तक नहीं पहुंचा था।

100 साल पुरानी 40 से 50 कमरे वाली शानदार पांच मंजिला इमारत का टॉप और चौथा फ्लोर ढह चुका है। बाकी बिल्डिंग भी जर्जर हो चुकी है। खैबर पख्तूनख्वाह के सीएम ने 4 महीने पहले करीब 2.35 करोड़ रुपए अलॉट कर दिए हैं।

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