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नाबालिग से रेप का मामला:दिव्या खोसला बोलीं- पर्ल को जमानत मिले और पीड़ित के मां-बाप पर जांच बैठे, आखिर कानून सबके लिए बराबर है

4 दिन पहले
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पर्ल वी पुरी और दिव्या खोसला कुमार एक म्यूजिक वीडियो तेरी आंखों में साथ काम कर चुके हैं। - Dainik Bhaskar
पर्ल वी पुरी और दिव्या खोसला कुमार एक म्यूजिक वीडियो तेरी आंखों में साथ काम कर चुके हैं।

पर्ल वी पुरी के लिए लगातार आवाज उठा रहीं दिव्या खोसला कुमार ने फिर से सोशल मीडिया पर पीड़ित के पैरेंट्स पर सवाल उठाए हैं। दिव्या ने पर्ल की फैमिली में चल रही परेशानियों का जिक्र करते हुए उनकी जमानत की मांग की है। इसके अलावा एक दूसरी पोस्ट में दिव्या ने पीड़ित के पैरेंट्स की नियत पर भी सवाल उठाया है कि वे इतने सहज ढंग से क्यों रिएक्ट कर रहे हैं।

पोस्ट में बताई पर्ल के साथ खड़े होने की वजह
दिव्या ने एक दिन पहले की पोस्ट में लिखा था- कुछ लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि मैं पर्ल के लिए यह सब क्यों कर रही हूं। कुछ महीने पहले पर्ल के पिता का निधन हुआ था और अब उनकी मां घातक बीमारी से जूझ रही हैं। पर्ल के पास कोई नहीं है जो उसके लिए केस लड़े और उसके लिए वकील हायर करे। उनकी बुजुर्ग मां कुछ ही सैकंड्स में अपने बेटे के लिए रो देती हैं। वह अपना केस लड़ने के लिए और खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए तैयार है, लेकिन कम से कम उसे जमानत पर छोड़ा तो जाए। वह कहीं भाग नहीं रहा। लेकिन उससे खुद को बचाने के लिए दिया गया मानव अधिकार क्यों छीना जा रहा है। क्यों?

पीड़ित के पैरेंट्स की भी हो जांच
बुधवार की एक और पोस्ट में दिव्या लिखती हैं- यदि किसी 5 साल की बच्ची का रेप होता है तो क्या उनके पैरेंट्स इसे नजरअंदाज कर कस्टडी के लिए लड़ते रहेंगे। पिता ने 2019 में शिकायत की थी, तब उन्होंने मामले को आगे क्यों नहीं बढ़ाया? बच्ची की कस्टडी मिलने के बाद वह चुप क्यों रहा। अब दो साल बाद जब उसकी मां निचली अदालत से कस्टडी का केस लगभग जीतने ही वाली है तो वह केस के बारे में क्यों बोल रहा है। मां अपनी बातचीत में इतनी सहज क्यों लग रही थी। कोई भी मां, जिसकी बेटी पर ये सब गुजरा हो वह सारी परेशानियों को किनारे रखकर अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने सामने नहीं आएगी। वह दुनिया को पलट कर रख देगी। इसके उलट वह पर्ल के साथ शूटिंग करती रही।

इन दोनों से हम सच जानना चाहते हैं। तुम्हें एहसास है कि तुम एक मासूम की जिंदगी से खेल रहे हो, उसे गैर जमानती अपराध में जेल हो रही है। आप खुद को पीड़ित कहते हो लेकिन क्या अगर आप ही इस केस के असली अपराधी हुए तो पर्ल को पीड़ित कौन मानेगा। हम पीड़ित के मां-बाप पर जांच करवाना चाहते हैं। आखिरकार कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।

11 जून को होगी पर्ल की जमानत याचिका पर सुनवाई
पर्ल वी पुरी फिलहाल 14 दिन के लिए ज्यूडीशियल कस्टडी में हैं। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को वसई कोर्ट में की जाएगी। सेशन जज अदिति कदम पर्ल के केस में सुनवाई करेंगी। पर्ल ने शनिवार को ही जमानत के लिए याचिका लगाई थी। जो सोमवार को कोर्ट के सामने पहुंची। रिपोर्ट्स के मुताबिक नाबालिग ने सेक्सुअल असॉल्ट के बारे में नहीं बताया था, लेकिन पुलिस के पास विक्टिम की मेडिकल रिपोर्ट है, जो ऑन रिकॉर्ड है।

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