प्रतीक गांधी का संघर्ष:'स्कैम 1992' के एक्टर ने बताया- सूरत में आई बाढ़ ने छीन लिया था हमारा घर, फिर पूरा परिवार एक रूम-किचन वाले घर में रहा

2 वर्ष पहले
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पिछले साल रिलीज हुई वेब सीरीज 'स्कैम 1992' में निभाए गए हर्षद मेहता के किरदार ने प्रतीक गांधी को रातोंरात स्टार बना दिया। हाल ही में एक बातचीत में प्रतीक ने हंसल मेहता के निर्देशन में बनी इस वेब सीरीज से पहले वाली जिंदगी के बारे में बताया। उनके मुताबिक, घर चलाने के लिए उन्होंने टीवी टावर लगाने और एंकरिंग करने जैसे काम भी किए हैं। इतना ही नहीं, 2006 में सूरत में आई बाढ़ में जब उनका घर तबाह हो गया तो उन्होंने और उनके पूरे परिवार ने एक रूम और किचन वाले घर में रहकर गुजारा किया है।

प्रतीक की कहानी, उन्हीं की जुबानी
प्रतीक गांधी ने 'ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे' को बताई अपनी कहानी में कहा- जब मैंने पहला स्टेज परफॉर्मेंस दिया, तब मैं चौथी कक्षा का छात्र था। यह सिर्फ पांच मिनट का स्किट था। लेकिन तब मुझे जो तालियां मिलीं, वे मेरे साथ रह गईं। यहीं से मेरा अभिनय प्रयास शुरू हुआ और जल्दी ही मेरे टीचर्स ने मुझे दूसरे प्लेज में शामिल कर लिया। लेकिन हम मिडिल क्लास थे। पापा सपोर्टिव थे। लेकिन वे कहते थे- 'पहले डिग्री लो, फिर जो करना हो करो।' इसलिए मैं इंजीनियरिंग करने चला गया। तब भी मैं छोटे-मोटे प्ले कर रहा था। इश्क तो एक्टिंग से ही था।

ग्रैजुएट होने के बाद मैं बॉम्बे चला गया। 4 साल तक मैंने एक प्रोजेक्ट में इस आधार पर काम किया कि मैं एक्टिंग कर सकूं। लेकिन तब महीने की कोई इनकम नहीं थी। इसलिए मैंने टीवी टावर इनस्टॉल और एंकरिंग करने जैसे अजीब काम किए। लेकिन 2006 में सूरत में आई बाढ़ ने हमारा घर छीन लिया। मेरी फैमिली मुंबई आ गई और हम चारों एक रूम-किचन वाले घर में रहने लगे।

शादी के बाद हम 5 लोग उस छोटी सी जगह में रह रहे थे। इसलिए मैंने फुल टाइम जॉब पकड़ा। तब भी मैं काम से पहले और बाद में दो घंटे रिहर्सल करता था। यह मैंने 6 साल तक किया। आखिरकार मुझे एक गुजराती फिल्म में काम मिला। मैंने काम से 22 दिन की छुट्टी ली और शूटिंग की। कभी-कभी शूट के ठीक बाद मेरे पास काम के लिए कॉल आता था। शूटिंग पूरी होने के बाद मैं काम पर लौट गया। मैंने फिल्म का प्रमोशन भी नहीं किया।

खुशकिसमती से 'बे यार' (गुजराती डेब्यू फिल्म) रातोंरात हिट हो गई। मैं मेनस्ट्रीम गुजराती एक्टर बन गया। इसलिए जब मेरे पास अगली फिल्म का ऑफर आया तो मैंने रिस्क लिया और 36 साल की उम्र में जॉब छोड़ दिया। जबकि मुझपर घर का लोन था, एक बच्चा था, फिर भी यह सही लगा। मैंने कुछ हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज में काम किया। लेकिन मुझे बड़ा ब्रेक तब मिला, जब हंसल मेहता की टीम ने मुझे कॉल किया। मैं 'स्कैम 1992' में हर्षद मेहता के रोल के लिए शॉर्ट-लिस्टेड हो गया था। मैं कदमों में गिर गया। उनकी पुरानी न्यूज क्लिप देखने से लेकर स्टॉक मार्केट के बारे में पढ़ने तक मैंने सबकुछ किया।

शबाना की बात सुन आए आंख में आंसू
प्रतीक की मानें तो वेब सीरीज रिलीज होने के बाद उन्हें अहसास नहीं था कि यह इतनी बड़ी हिट हो गई है। फिर शबाना आजमी ने उन्हें बताया कि उन्होंने 20 साल का सबसे अच्छा परफॉर्मेंस देखा है। यह सुनकर प्रतीक की आंखों में आंसू आ गए थे। वे कहते हैं- मेरी पत्नी खुश थी। जब सीरीज के लिए मुझे आइफा अवॉर्ड मिला तो पैरेंट्स की खुशी का ठिकाना नहीं था।

प्रतीक ने आगे कहा- स्कैम की रिलीज को 5 महीने हो गए हैं और मेरी जिंदगी ने 180 डिग्री का टर्न ले लिया है। लोग अब मुझे लीड एक्टर के तौर पर देखते हैं। जिंदगी ने जैसे एकदम रफ्तार पकड़ ली है। लेकिन यह सब इसलिए हुआ कि 36 की उम्र में मैंने कम्फ़र्टेबल होने की बजाय रिस्क लेने को चुना। क्योंकि रिस्क है तो इश्क है।

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