कन्नड़ पॉवर स्टार को मिलेगा कर्नाटक रत्न अवॉर्ड:पुनीत राजकुमार को राज्य सरकार मरणोपरांत करेगी सम्मानित, पहली बार 1992 में पिता राजकुमार को मिला था

3 दिन पहले

कर्नाटक सरकार दिवंगत कन्नड़ एक्टर पॉवर स्टार पुनीत राजकुमार को मरणोपरांत कर्नाटक रत्न अवॉर्ड से सम्मानित करेगी। इसकी घोषणा शुक्रवार को CM बसवराज बोम्मई ने की। पुनीत को यह सम्मान 1 नवंबर यानी कन्नड़ राज्योत्सव के समारोह में दिया जाएगा।

पुनीत राज्य के सर्वोच्च अवार्ड से सम्मानित होने वाले 10वें व्यक्ति हैं। इससे पहले समाज सेवा के लिए डॉक्टर वीरेंद्र हेगड़े को 13 साल पहले यानी 2009 में दिया गया था। इस सम्मान ने साल 1992 में उनके पिता डॉक्टर राजकुमार भी सम्मानित हो चुके हैं, उनके साथ कवि कुवेम्पु को भी सम्मानित किया गया था। राजकुमार कर्नाटक रत्न अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले लोगों में पहले लोगों में शामिल हैं।

परोपकार के भी पावरस्टार थे पुनीत
अपने 46 साल के छोटे से जीवनकाल में पुनीत परोपकार के भी पावर स्टार थे। वे धर्मों के खिलाफ कुछ नहीं सुन पाते थे। कोरोना महामारी के दौरान भी पुनीत ने CM रिलीफ फंड में 50 लाख रुपए डोनेट किए थे। पुनीत ने 45 स्कूल, 26 अनाथालय, 16 वृद्धाश्रम, 19 गोशाला और1800 अनाथ लड़कियों की हायर एजुकेशन की जिम्मेदारी उठाई थी।

दिल का दौरा पढ़ने से हुआ था निधन
पिछले साल 29 अक्टूबर को दिल का दौरा पड़ने के बाद पुनीत राजकुमार का निधन हो गया था। उनके परिवार में पत्नी अश्विनी रेवंत और धृति और वंदिता दो बेटियां हैं। उनकी आखिरी फिल्म 'जेम्स' इस साल 17 मार्च को रिलीज हुई थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर शानदार ओपनिंग मिली थी।

पुनीत का फिल्मी सफर
पुनीत के पिता राजकुमार साउथ के आइकन रहे हैं। पुनीत ने अपने करियर की शुरुआत चाइल्ड एक्टर के तौर पर की थी। उन्हें फिल्म बेट्टद हूवु के लिए बेस्ट चाइल्ड एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था। फिल्म 'अप्पू' से बतौर लीड एक्टर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्हें आकाश (2005), आरसु (2007), मिलन (2007) और वंशी (2008) जैसी फिल्मों में दमदार एक्टिंग के लिए जाना जाता है, जो अभी तक उनकी सबसे बड़ी कॉमर्शियल हिट हैं। साउथ में उनकी फिल्मों की दीवानगी इस कदर होती थी कि एक बार उनकी 14 फिल्में लगातार कम से कम 100 दिनों तक सिनेमाघरों में बनी रही थीं।

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