राहुल रॉय की सलाह:ब्रेन स्ट्रोक से जूझ चुके राहुल रॉय ने यंग एक्टर्स को दी सलाह, करियर में रिस्क लें लेकिन अपनी जान जोखिम में ना डालें

एक महीने पहले
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40 साल की उम्र में टेलीविजन एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला के निधन से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री स्तब्ध है। इस बीच एक्टर राहुल रॉय ने यंग एक्टर्स को चेतावनी दी है कि वह काम के लिए अपनी जान को खतरे में ना डालें।

राहुल ने एक इंटरव्यू में कहा, 'मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और मैं हैवी डोज की दवाईयां ले रहा था और अंडर ऑब्जरवेशन था। लेकिन अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे कई चीजों का अहसास होता है। मैंने इस घटना से सीखा कि एक एक्टर के तौर पर हमें रिस्क जरूर लेने चाहिए लेकिन अपनी जान जोखिम में डालकर नहीं। ऐसे अनप्रोफेशनल लोगों पर भरोसा करके कभी कुछ भी ऐसा खतरनाक ना करें जिन्हें फिल्म मेकिंग का कोई आइडिया नहीं है और जो अपने गोल अचीव करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।'

राहुल ने आगे कहा, मैं खासतौर से उन नए एक्टर्स को ये बात कहना चाहूंगा जो कि इंडस्ट्री में नए हैं या इंडस्ट्री में आना चाहते हैं। अपने काम को अपने सिर पर मत चढ़ने दीजिए और किसी को अपना फायदा मत उठाने दीजिए जिससे कि आप मृत्युशैय्या पर पहुंच जाएं। यह किसी के साथ घटने वाली सबसे खतरनाक चीज है। रिस्क लीजिए लेकिन जान जोखिम में डालकर नहीं। आपको केवल प्रोफेशनल लोगों पर ही भरोसा करना चाहिए।

9 महीने बाद काम पर लौटे राहुल

पिछले दिनों राहुल ब्रेन स्ट्रोक से जूझने के नौ महीने बाद काम पर वापस लौट आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल के बहनोई रोमीर सेन ने बताया थ कि राहुल ने पिछले दिनों एक म्यूजिक वीडियो की शूटिंग की थी। उन्होंने बिना कोई परेशानी के सेट पर पूरा दिन बिताया। यह म्यूजिक वीडियो राहुल के करीबी दोस्त अजहर हुसैन ने बनाया है।

शूटिंग के दौरान हुआ था ब्रेन स्ट्रोक

52 साल के राहुल 'कारगिल' में गलवान वैली पर बेस्ड फिल्म 'एलएसी' की शूटिंग कर रहे थे। । इसी दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया, जिसके बाद उन्हें तुरंत ही उन्हें श्रीनगर के अस्पताल ले जाना पड़ा और बाद में टीम ने उन्हें मुंबई लाकर नानावटी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया, जहां उनकी ब्रेन सर्जरी हुई और वो बेड रेस्ट पर चले गए।

तीन दशक से फिल्मों में सक्रिय हैं

तीन दशक से फिल्मों में सक्रिय 52 साल के राहुल ने 1990 में रिलीज हुई फिल्म 'आशिकी' से बॉलीवुड डेब्यू किया था, जिसमें अनु अग्रवाल भी लीड रोल में थीं। इसके बाद वे 'जुनून' (1992), 'फिर तेरी कहानी याद आई' (1993), 'नसीब' (1997), 'एलान' (2011) और 'कैबरे' (2019) जैसी फिल्मों में काम किया। वे 'बिग बॉस' के पहले सीजन (2007) के विनर भी रहे हैं।

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