रामू का पब्लिसिटी स्टंट:रामगोपाल वर्मा ने देवी मैसम्मा को चढ़ाई शराब, फोटो शेयर कर लिखा- मैं केवल वोदका पीता हूं, लेकिन मैंने देवी को व्हिस्की पिलाई

11 दिन पहले
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रामगोपाल वर्मा को विवाद कुछ ज्यादा ही पसंद हैं। इसलिए वे उनमें बने रहना पसंद भी करते हैं। ताजा मामला उनकी अपकमिंग फिल्म कोंडा की शूटिंग से जुड़ा है। जिसकी शुरुआत से पहले वे वारंगल के मैसम्मा देवी मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे। कुछ रिवाजों को पूरा करने के बाद रामू ने वहां की कुछ तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, लेकिन भाषा विवाद बढ़ाने वाली ही रखी। पहले उनकी पोस्ट देखिए।

रैली नहीं कर पाए तो देवी अनुष्ठान किया
पोस्ट में रामू ने लिखा- हालांकि मैं केवल वोदका पीता हूं, लेकिन मैंने देवी मैसम्मा को व्हिस्की पिलाई। इसके साथ एक और फोटो शेयर करते हुए रामू ने लिखा- चीयर्स। गौरतलब है कि राम गोपाल वर्मा की यह फिल्म 'कोंडा' तेलंगाना के राजनेताओं कोंडा मुरली और कोंडा सुरेखा पर बेस्ड है। 'कोंडा' की बात करें तो फिल्म में आदिथ अरुण और इरा मोर मुख्य भूमिका में होंगे। फिल्म की ज्यादातर शूटिंग वारंगल में होगी।

हालांकि इस खास अनुष्ठान से पहले राम गोपाल ने वारंगल में एक रैली की योजना बनाई थी, लेकिन उसे तब झटका लगा जब पुलिस ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया।

कौन हैं मैसम्मा देवी
गौरतलब है कि दक्षिण भारत में देवी मैसम्मा की पूजा की जाती है। इसके अलावा महाराष्ट्र में भी उनकी ‘मेसाई’ और ‘मेस्को’ नाम से पूजा होती है। चेचक जैसे संक्रामक रोगों से दूर रखने के लिए देवी मैसम्मा से प्रार्थना की जाती है। हैदराबाद के ‘टैंक बून्द’ में स्थित ‘कट्टा मैसम्मी’ मंदिर उनका प्रमुख मंदिर है। कहा जाता है कि इस मंदिर के सामने 1908 में छठे निजाम मीर महबूब अली खान तक ने सिर झुकाया था। इसके बाद ही मूसी नदी में आई बाढ़ नियंत्रण में आ सकी थी।

आषाढ़ के महीने में होने वाला बोनालू त्यौहार मां मैसम्मा को समर्पित है। हालांकि इस मंदिर में देवी को शराब चढ़ाई जाती है, इसका जिक्र कम ही मिलता है।

इन देवी स्थानों पर भी चढ़ती है शराब

  • राजस्थान के नागौर जिले में मां भुवाल काली माता का एक ऐसा मंदिर है जहां प्रसाद के रूप में शराब चढ़ाई जाती है। खास बात ये है कि देवी को ढाई प्याला शराब ही चढ़ाई जाती है। यदि इस प्याले में एक बूंद कम प्रसाद हो तो वे ग्रहण नहीं करती हैं।
  • इसी तरह हरिद्वार में मां दक्षिणा काली का मंदिर है। इस मंदिर में मां काली को हर शनिवार कई भक्त शराब चढ़ाने आते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां माता को शराब चढ़ाने से नशे की लत छूट जाती है।

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  • मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में महामाया देवी का मंदिर है, जिन्हें महालाया चौबीस खंभा माता के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में नवरात्रि की अष्टमी तिथि को देवी को शराब का भोग लगाया जाता है। यह परंपरा महाराज विक्रमादित्य के समय से चल रही है।
  • राजस्थान के ही आमेर किले में मां काली का एक मंदिर है, जिन्हें शिला देवी के कहा जाता है। ये राजा मानसिंह की ईष्ट देवी हैं। उन्होंने मां काली को प्रसाद के रूप में शराब चढ़ाई थी, तभी से उन्हें शराब चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। माना जाता है, इससे माता मनोकामना पूरी करती हैं।
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