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ऋषि कपूर की पहली बरसी:बॉबी फिल्म के लिए ऋषि कपूर ने 30 हजार रुपए में खरीदा था बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड, अपनी ऑटोबायोग्राफी खुल्लम-खुल्ला में किया खुलासा

6 महीने पहले
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बॉलीवुड के सबसे मंझे हुए एक्टर में से एक ऋषि कपूर के निधन को आज पूरे एक साल हो चुके हैं। ब्लड कैंसर जैसी से जंग लड़ते हुए एक्टर का निधन 67 साल की उम्र में मुंबई के एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में हुआ था। एक्टर का इतनी कम उम्र में गुजर जाना फिल्म इंडस्ट्री और उनके लाखों चाहने वालों के लिए जोरदार झटका था। ऋषि कपूर ने बतौर लीड एक्टर अपने फिल्मी करियर की शुरुआती होम प्रोडक्शन की फिल्म बॉबी से की थी जिसके बाद उन्होंने इंडस्ट्री को कभी-कभी और कर्ज जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्म दी हैं।

एक्टिंग के अलावा ऋषि अपनी पर्सनल लाइफ और अपने सख्त रवैये के चलते भी कई बार सुर्खियों में रहे हैं। एक्टर ने 15 जनवरी 2017 में अपनी ऑटोबायोग्राफी खुल्लम-खुल्ला- ऋषि कपूर अनसेंसर्ड जारी की थी जिसे उन्होंने मीना अय्यर के साथ लिखा है। इसमें उन्होंने अपनी प्रोफेशनल और निजी जिंदगी से जुड़े कई बड़े खुलासे किए हैं। पहली पुण्यतिथि पर आइए जानते हैं चिंटू जी के कुछ बड़े खुलासे और किस्से-

30 हजार रुपए में खरीदा बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड

ऋषि कपूर ने साल 1973 की फिल्म बॉबी से डिंपल कपाड़िया के साथ बतौर लीड बॉलीवुड में पहला कदम रखा था। इस फिल्म के लिए एक्टर को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया था। अवॉर्ड मिलने के सालों बाद ऋषि ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में खुलासा किया कि ये अवॉर्ड उन्हें टैलेंट के दम पर नहीं बल्कि पैसों से मिला था। जी हां, ऋषि ने अपनी बुक में बताया कि, "ऐसा लगता है कि 'बॉबी' के लिए मुझे बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिलने से अमिताभ निराश हो गए थे। उन्हें लगा था कि ये अवॉर्ड 'जंजीर' के लिए जरूर मिलेगा। दोनों ही फिल्में एक ही साल (1973) में रिलीज हुई थीं। मुझे ये कहते हुए शर्म आती है कि मैंने वह अवॉर्ड खरीदा था। दरअसल उस वक्त में भोला-भाला सा था। तारकनाथ गांधी नामक एक पीआरओ ने मुझसे कहा, सर 30 हजार दे दो, तो मैं आपको अवॉर्ड दिलवा दूंगा। मैंने बिना कुछ सोचे उन्हें पैसे दे दिए। मेरे सेक्रेटरी घनश्याम ने भी कहा था, सर, पैसे दे देते हैं। मिल जाएगा अवॉर्ड। इसमें क्या है।

आगे ऋषि ने लिखा, अमिताभ को बाद में किसी से पता चला कि मैंने अवॉर्ड के लिए पैसे दिए थे। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि 1974 में मैं महज 22 साल का था। पैसा कहां खर्च करना है, कहां नहीं, इसकी बहुत समझ नहीं थी। बाद में मुझे अपनी गलती का अहसास हुआ"।

"कभी-कभी के दौरान रिलेशन में गर्मजोशी न होने की एक और कहानी है। अमिताभ फिल्म में सीरियस रोल में थे। जबकि मेरा रोल थोड़ा उलट था। फिल्म में मैं खिलंदड़ा किस्म का हूं। अमिताभ रोल में गंभीरता बनाए रखने के लिए सेट पर अलग-थलग रहते थे। शायद सच तो ये है कि मैंने अवॉर्ड खरीदा था, सबने ये जान लिया था।"

अमिताभ बच्चन से रहा अनकहा तनाव

ऋषि ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में लिखा है, ‘‘अमिताभ बच्चन एक महान एक्टर हैं। 1970 की शुरुआत में उन्होंने फिल्मों का ट्रेन्ड ही बदल दिया। एक्शन की शुरुआत ही उन्हीं से होती है। उस वक्त उन्होंने कई एक्टर्स को बेकार कर दिया। मेरी फिल्मों में एंट्री 21 साल की उम्र में हुई। उस वक्त फिल्मों में कॉलेज जाने वाला एक लड़का हीरो हुआ करता था। मेरी कामयाबी का सीक्रेट बस यही है कि मैं काम को लेकर काफी जूनूनी रहा। मेरे ख्याल से पैशन ही आपको सफलता दिलाता है। उन दिनों अमिताभ और मेरे बीच एक अनकहा तनाव रहा करता था। हमने कभी उसे सुलझाने की कोशिश नहीं की और वह खत्म भी हो गया। इसके बाद हमने साथ में 'अमर अकबर एंथनी' की और फिल्म के बाद तो गहरी दोस्ती हो गई।’’

"जीतेंद्र से तो मेरे रिलेशन अच्छे थे, लेकिन अमिताभ और मेरे संबंधों में तल्खी थी। मैं उनके साथ अनकम्फर्टेबल महसूस करता था। वे मुझसे 10 साल बड़े थे, लेकिन मैं उन्हें अमितजी की जगह अमिताभ ही बुलाता था। शायद मैं बेवकूफ था। 'कभी-कभी' की शूटिंग के वक्त तो न मैं उनसे बात करता था और न ही वे। हालांकि, बाद में सब ठीक हो गया और हमारे रिश्ते बेहद अच्छे हो गए। अब तो उनसे फैमिली रिलेशनशिप है। उनकी बेटी श्वेता की शादी मेरी बहन रितु नंदा के बेटे निखिल से हुई है।’’

गर्लफ्रेंड के लिए नशे में नीतू के घर झगड़ने पहुंच गए थे संजय दत्त

बायोग्राफी में ऋषि ने बताया है, "टीना मुनीम ने स्क्रीन पर अलग आकर्षण बनाया था। मैंने उनके जैसी किसी और मॉर्डन-खूबसूरत को-स्टार के साथ कभी काम नहीं किया। लोग कहते थे कि हम स्क्रीन पर अच्छे लगते हैं। 'कर्ज' में हमने साथ काम किया, जो मेरे दिल के बेहद करीब है। हमारी दोस्ती और साथ आ रही फिल्मों के कारण हमारे सीक्रेट अफेयर की अफवाह उड़ी। लोगों ने कहानियां बनाना शुरू कर दी थीं। तब मैं शादीशुदा नहीं था और टीना का अफेयर संजय दत्त के साथ था। जब संजू ने हमारे अफेयर की खबर सुनी तो एक दिन वे ड्रग्स के नशे में गुलशन (ग्रोवर) के साथ नीतू कपूर के पाली स्थित अपार्टमेंट में झगड़ने पहुंच गए।"

बुक में ऋषि लिखते हैं, गुलशन ने मुझे बाद में बताया कि फिल्म 'रॉकी' की शूटिंग के दौरान संजय, नीतू के घर झगड़ने पहुंच गए थे, लेकिन नीतू ने इस सिचुएशन को बेहतरीन तरीके से संभाला। उन्होंने शांतिपूर्वक संजू को समझाया कि वे बातें महज अफवाहें हैं। नीतू ने उनसे कहा था-'टीना और चिंटू के बीच ऐसा कुछ नहीं है। वे सिर्फ अच्छे दोस्त हैं। इंडस्ट्री में रहते हुए तुम्हें अपनों पर भरोसा करना सीखना चाहिए।' कुछ वक्त बाद, मैं और संजू इन बातों को याद करके हंसते थे। ये अफवाहें तब साफ हुईं जब नीतू और मेरी शादी हुई और इस शादी में मेरी सारी हीरोइन्स पहुंचीं।"

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