डिप्रेशन का अनुभव:रोनित रॉय बोले- सिल्वर जुबली फिल्म देने के बावजूद मेरे पास 4 साल तक काम नहीं था, मैं शराबी हो गया था

2 वर्ष पहले
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डिप्रेशन से जूझ रहे सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को मुंबई में आत्महत्या की। इसके बाद से बॉलीवुड सेलेब्स लगातार इस बीमारी से जुड़े अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। अब 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' और 'कसौटी जिंदगी की' जैसे सीरियल्स के अभिनेता रोनित रॉय ने आपबीती सुनाई है। उनके मुताबिक, एक वक्त ऐसा आया था, जब काम न होने के चलते वे डिप्रेशन में चले गए थे और शराब का सहारा लेने लगे थे। 

कुछ फिल्में चली नहीं तो कुछ बन नहीं पाईं

द क्विंट से बातचीत में रोनित ने कहा, "मुझे नहीं पता कि क्या हुआ? मैंने एक सिल्वर जुबली फिल्म की थी, जो उस वक्त आसानी से नहीं मिलती थी। सिल्वर जुबली, गोल्डन जुबली, प्लेटिनम जुबली, आज के समय में तो ये शब्द सुनने को भी नहीं मिलते। लेकिन सिल्वर जुबली फिल्म देने के बाद भी मेरे पास काम नहीं था। घबराहट में मैंने हर तरह के ऑफर लेने शुरू कर दिए। कुछ फिल्में चली नहीं तो कुछ बन नहीं पाईं।"

इंडस्ट्री में मार्गदर्शन के लिए कोई नहीं था

रोनित ने आगे कहा, "आज अगर किसी एक्टर की फिल्म 100 करोड़ कमा लेती है तो उसे स्टार कहा जाने लगता है। मेरे पास इंडस्ट्री में मार्गदर्शन के लिए कोई नहीं था, जो यह कह सके कि क्या करना है और क्या नहीं। मेरा सिलेक्शन गलत रहा और फिल्में चल नहीं पाईं।" रोनित जिस सिल्वर जुबली फिल्म की बात कर रहे हैं, वह 'जान तेरे नाम' थी, जो 1992 में रिलीज हुई थी। यह रोनित की डेब्यू फिल्म भी थी। 

पैसे कमाने के लिए टीवी शोज में गेस्ट अपीयरेंस देने पड़े

रोनित की मानें तो चार साल तक उनका करियर खराब रहा और इस दौरान पैसे कमाने के लिए उन्हें टीवी शोज में गेस्ट अपीयरेंस देने पड़े। वे कहते हैं, "वह मुश्किल भरा वक्त था। मुझे प्रति एपिसोड 2000-3000 रुपए मिलते थे और एक एपिसोड मिलने में तीन से चार महीने का वक्त लग जाता था। उस समय मैं हर चीज से गुजरा। मेरे पास खाने के पैसे नहीं होते थे। मैं डिप्रेशन में था। शराब पीने लगा था।"

राजेश खन्ना की तरह स्टार बनने के इरादे से फिल्मों में आए थे

रोनित के मुताबिक, वे राजेश खन्ना की तरह स्टार बनने के इरादे से फिल्म इंडस्ट्री में आए थे। उन्होंने लाइफस्टाइल और कद-काठी तैयार की थी। वे बताते हैं, "शुरुआत में मैं स्टार बनना चाहता था। मैं देखता था कि राजेश खन्ना की बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग थी। मैं उससे मंत्रमुग्ध था। लेकिन अब मैं सिर्फ एक्टर बनना चाहता हूं।"

कार में पेट्रोल डलवाने के पैसे नहीं होते थे

पिछले दिनों भी उन्होंने एक इंटरव्यू में ऐसा ही खुलासा किया था। उन्होंने कहा था,  "मैं चार साल तक घर पर बैठा रहा। मेरे पास एक छोटी-सी कार थी। लेकिन उसमें पेट्रोल डलवाने के पैसे नहीं थे। मैं खाने के लिए अपनी मां के घर तक पैदल ही जाता था। क्योंकि सिल्वर जुबली फिल्म देने के बावजूद मेरे पास पैसे नहीं थे।"

वे आगे कहते हैं, "हर किसी की जिंदगी में कभी न कभी आर्थिक संकट आता है। मुझे लगता है कि अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो खुदकुशी कर लेना इसका कोई सॉल्युशन नहीं है।"

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