भास्कर इंटरव्यू:एक्टर, डायरेक्टर और कैरेक्टर के नाम से बना 'आरआरआर', भारतीय क्रांतिकारियों पर बेस्ड है फिल्म

मुंबई9 महीने पहलेलेखक: अमित कर्ण

इंडियन सिनेमा में डायरेक्शन के लिहाज से मौजूदा दौर के सबसे बड़े हस्ताक्षर एसएस राजामौली सिनेमाई इतिहास की सबसे महंगी फिल्मों में से एक ‘आरआरआर’ लेकर आ रहे हैं। यह दो भारतीय क्रांतिकारियों अल्लूरी सीताराम राजू और कोमाराम भीम की ब्रिटिश हुकूमत और हैदराबाद के निजाम के खिलाफ जंग पर बेस्ड है।

अल्लूरी के रोल में रामचरण तो कोमाराम भीम की भूमिका में जूनियर एनटीआर हैं। इन दोनों के अलावा फिल्म में बॉलीवुड से अजय देवगन और आलिया भट्ट भी अहम रोल में हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में राजामौली ने अपनी फिल्मों के साथ साथ क्वॉलिटी फिल्मों की मेकिंग के गुरूमंत्र भी शेयर किए हैं। पेश है बातचीत का प्रमुख अंश:-​​​​

इतना कमाल का सिनेमा बनाने का राज क्या है?
(हंसते हुए) मैं भी नॉर्मल लोगों वाला ही खाना खाता हूं। बाकी एक बार अगर मेरे जहन में किसी फिल्म की एक इमेज आ जाए तो उसको साकार करने में मैं पीछे नहीं हटता। वैसा करने में कोई भी चैलेंज मुझे डरा नहीं पाता।

किन चीजों की मदद से आप फिल्मों को बनाते हैं?
मेरी मदद मेरा हार्डवर्क करता है। साथ ही मैं किसी भी हद तक और अंतहीन साल तक अपना एफर्ट डालने को रेडी रहता हूं। हां अपने मन की फिल्म बनाने में जो खर्च होगा, वह मिल सकेगा कि नहीं, वह पहलू मुझे जरूर डराता है। हालांकि वही डर मुझे और बेहतर बनने की ओर प्रेरित करता रहता है।

‘आरआरआर’ की पूरी कायनात क्या है?
इसकी बुनियादी कहानी से तो सब वाकिफ हैं। मुझे दरअसल अलग कालखंड के हीरोज और लार्जर देन लाइफ हीरोज को साथ लाकर नामुमकिन को मुमकिन करना पसंद है। मेरी यह आदत बचपन से रही है। उस दौर में ही अगर मैं शिडनी शेल्डन पढ़ता तो उनके हीरोज को यहां तेलुगू के पॉपुलर किरदारों के साथ मिक्स करने में मजा आता था। वह सब मेरे जहन में रह गया था। फिर कट टू प्रजेंट के समय में फिर मैंने सोचा कि क्या होगा, अगर दो बेहद अलग फ्रीडम फाइटरों पर एक फिक्शनल कहानी लाऊं तो? मैंने यहां वही किया है।

इसका टाइटल कैसे दिमाग में आया?
इस पहलू की बड़ी फनी कहानी है। शुरूआत में हमारे पास अलग टाइटल था। आगे चलकर किसी ने सजेस्ट किया कि क्यों न दोनों स्टार रामचरण और रामाराव और मेरे नाम राजामौली के पहले लेटर को लेकर टाइटल क्रिएट किया जाए। वैसा कर हम बाकी दुनिया को यह प्रोजेक्ट रेफर कर सकें। वह जब हम सोशल मीडिया पर लेकर आए तो फैंस और डिस्ट्रीब्यूटरों को बड़ा पसंद आया। उनके प्यार की वजह से फिर यही टाइटल परमानेंटली रह गया।

अजय देवगन और आलिया भट्ट कैसे बोर्ड पर आए? जबकि आप की विक्रमारडु की हिंदी रीमेक में अक्षय कुमार थे?
दरअसल अजय सर से मेरी पहली बातचीत ‘मक्खी’ के दौरान हुई थी। फिर जब मैं ‘आरआरआर’ लिख रहा था तो उस वक्त उनका किरदार सामने आया। उनके किरदार के चलते इस फिल्म की पूरी कहानी ड्राइव होती है। उस किरदार के लिए मुझे ऐसे कलाकार की जरूरत थी, जिनके चेहरे से ऑनेस्टी झलके।

वह आस्पेक्ट अजय सर के चेहरे से बहुत झलकता है। वह जब भी कुछ बोलते हैं तो लगता है कि वह सच ही बोलते होंगे। मैंने फिर अपनी राइटिंग टीम के सभी 13 सदस्यों से भी बात की तो उस किरदार के लिए उन्होंने भी अजय देवगन सर का ही नाम सजेस्ट किया। उनका यहां रोल यकीनन कैमियो है, पर उन्होंने इसे एक्सेप्ट किया। उन्होंने अपने पोर्शन 15 दिनों में शूट किया। अजय सर के कैरेक्टर का नाम क्या है, उस पर अभी हम लोग सस्पेंस रख रहें हैं।

आलिया से क्या एक्पेक्टेशन थीं?
एक ऐसी पर्सनैलिटी जो ऊपर से बेहद सॉफ्ट और फ्रेजाइल लगे, मगर भीतर से काफी स्ट्रॉन्ग हो। ताकि वह दो सुपरफोर्सेज को इंस्पायर करे और संभाल सकें। आलिया की मैंने ‘राजी’ देखी भी थी। वहां उनकी परफॉरमेंस से मैं काफी इंप्रेस्ड था। वहां भी उनका किरदार ऊपर से सरल था, पर इंटरनली काफी स्ट्रॉन्ग था।

यहां आलिया का भी कैमियो ही है। उन्होंने पैंडेमिक में तेलुगू के ऑनलाइन क्लासेस ली थी। वो तेलुगू में डबिंग नहीं चाहती थीं। उन्होंने एक ट्यूटर भी अपॉइंट करवाया। अजय सर के साथ जरूर यह था कि वो तेलुगू नहीं बोल सकते थे। उनके हिस्से में हमने दूसरा तरीका अपनाया। हमने उनके लिए हिंदी में तेलुगू लाइंस लिखे। उन्हें देखकर अजय सर ने तेलुगू में डायलॉग बोले।

ऐसी हेवी बजट वाली फिल्म की रिकवरी प्री रिलीज कैसे एन्श्योर करते हैं? दूसरा इसकी मेकिंग कितनी है?
आप पूरी रिकवरी तो प्री रिलीज नहीं कर सकते। कुछ अमाउंट ऑफ मनी जरूर आ सकती है। बाकी तो रिलीज के बाद ऑडिएंस की प्रतिक्रिया से फिल्म की रिकवरी होगी। मेरे केस में ऐसा जरूर होता है कि ‘आरआरआर’ से पहले चूंकि मेरे खाते में कई हिट्स हैं तो खरीदार जरूर मेरी अपकमिंग फिल्म खरीदने को उत्साहित तो रहते हैं।

मेरे प्रोड्यूसर्स रिलीज से पहले लागत का काफी हिस्सा रिकवर तो कर लेते हैं। इस फिल्म की मेकिंग कॉस्ट 550 करोड़ है। इसका बहुत हद तक हमने रिकवर तो अभी कर लिया है। ओटीटी पर यह किस प्लेटफॉर्म पर आएगी, उसका फैसला हमारे प्रोड्यूसर करेंगे।

खबरें और भी हैं...