बातचीत:सैफ अली खान ने की अपने पेरेंट्स की लेगेसी को आगे बढ़ाने के प्रेशर पर बात, बोले- आप नहीं चाहते कि लोग आपको गाली दें या आप पर चप्पल फेंके

8 महीने पहले
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सैफ अली खान ने एक इंटरव्यू में अपने एक्टिंग करियर और अपने पेरेंट्स की 'विरासत' को बनाए रखने के दबाव के बारे में बात की। साथ ही सैफ ने यह भी कहा कि उन्होंने एक अलग अप्रोच के साथ फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश किया था, जो शायद उस समय के नॉर्म्स के खिलाफ था। सैफ को हाल ही में फिल्म 'भूत पुलिस' में देखा गया था, और इससे पहले वो वेब सीरीज 'तांडव' में नजर आए थे।

सैफ ने की अपने पेरेंट्स के बारे में बात

सैफ अपने माता-पिता, एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और महान क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी के बारे में बात करते हुए, कहते हैं, "मेरे पेरेंट्स सुपरस्टार थे, लेकिन उन्होंने कभी वैसा व्यवहार नहीं किया। अपने आप को बहुत गंभीरता से लेना बहुत आसान है, चाहे वो बॉडीगार्ड के झुंड के बारे में हो या उस वाइब के बारे में हो। आप किसी ऐसे व्यक्ति को दोष नहीं दे सकते जो बेहतर नहीं जानता। आपको बस सफलता के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।"

सैफ ने की फिल्मों में आने पर बात

सैफ ने आगे कहा, "आप नहीं चाहते कि लोग आपको गाली दें या गेयटी गैलेक्सी (थिएटर) में आप पर चप्पल फेंके। इसलिए आप फिल्म इंडस्ट्री में नहीं आते हैं। मेरे पास मेरे कंटेंपरेरीस की तरह मेंटल अपरोच नहीं है। कोई अपनी पहली फिल्म से लेकर अब तक सुपरस्टार हैं तो कोई राज करने वाले सुपरस्टार हैं। मेरा अच्छा परफॉर्म करना या ऑडियंस मुझे पसंद कर रहे हैं, यह मेरे मेंटल स्टेट के लिए एक मिरर रिएक्शन रहा है। मेरे पालन-पोषण और शिक्षा के कारण चीजों पर मेरा एक बहुत ही इंटरनेशनल पर्सपेक्टिव है। और वेस्टर्न अंग्रेजी का पर्सपेक्टिव हिंदी फिल्म हीरो के अपोजिट है। वो बहुत मर्दाना नहीं हैं। वे सॉफ्ट स्पोकन हैं। यह एक डिफरेंट स्टैंडर्ड था।"