पान सिंह तोमर के राइटर संजय चौहान का निधन:लिवर की बीमारी से थे पीड़ित, भोपाल में बतौर पत्रकार की थी करियर की शुरुआत

2 महीने पहले
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इरफान खान की अवार्ड विनिंग फिल्म पान सिंह तोमर के राइटर संजय चौहान का निधन हो गया है। वो 62 साल के थे और लिवर की बीमारी से पीड़ित थे। तबियत खराब होने पर उन्हें मुंबई के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था लेकिन 12 जनवरी को वो हमेशा के लिए दुनिया छोड़ के चले गए।

13 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे ओशिवारा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पान सिंह तोमर के अलावा उन्होंने साहेब बीवी गैंगस्टर, मैंने गांधी को नहीं मारा, धूप और आई एम कलाम जैसी फिल्में भी लिखी है।

करियर की शुरुआत बतौर पत्रकार की थी
संजय चौहान मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले थे। जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय से पढ़े संजय ने अपने करियर की शुरुआत एक पत्रकार के तौर पर की थी। उन्होंने शुरुआती दिनों में दिल्ली में पत्रकारिता की। उसके बाद 1990 में उन्हें क्राइम सीरीज भंवर लिखने का मौका मिला। इसके बाद वो मुंबई आ गए और दोबारा मुड़कर पीछे नहीं देखा। उन्होंने लगातार कई धारावाहिक और फिल्में लिखीं।

संजय का जाना हिंदी सिनेमा के लिए बड़ी क्षति
अपनी बेबाक और कलात्मक लेखनी से सिनेमा के पर्दे पर बहुत सारी जादुई कहानियां और संवाद रचने वाले संजय चौहान का जाना हिंदी सिनेमा संसार के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके यूं दुनिया छोड़ जाने पर इंडस्ट्री में उनके दोस्त और चाहने वाले उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। वो अपने पीछे अपनी पत्नी पत्नी सरिता और बेटी सारा को छोड़ गए हैं।

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