बाबा को कोरोना का डर:संजय दत्त अपनी फिल्मों के रिलीज का कर रहे हैं इंतजार, बोले- उम्मीद है ऑडियंस को थिएटर में फिल्म देखने का मौका मिलेगा

4 महीने पहले
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संजय दत्त की इस साल तीन बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं। जिसका वह बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन कोविड ने संजय की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसकी वजह से कहीं सिनेमाघर बंद हैं तो कहीं 50% ऑक्यूपेंसी के साथ चल रहे हैं। एक इंटव्यू में संजय ने कहा कि फिल्मों को बड़े पर्दे के लिए बनाया गया है। ऑडियंस को फिल्मों का अच्छा एक्सपीरिएंस बड़े पर्दे पर ही मिलेगा। संजय दत्त की फिल्में लंबे समय से सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई हैं। सिनेमाघर में उनकी आखिरी फिल्म 2019 में 'पानीपत' रिलीज हुई थी।

मैं फिल्मों के रिलीज का इंतजार कर रहा हूं
इंटरव्यू में संजय ने बताया, "इस साल 'शमशेरा', 'केजीएफ-2' और 'पृथ्वीराज' जैसी फिल्में बहुत ही शानदार हैं और मैं बहुत एक्साइटेड हूं। मैं इनकी रिलीज के लिए इंतजार कर रहा हूं। लेकिन कोविड के बढ़ते मामलों के कारण अब सब कुछ अनिश्चित हो गया है। ये सारी फिल्में बड़े पर्दे में एक्सपीरिएंस करने के लिए बनाई गई हैं। अब इसका मजा तभी लिया जा सकता है, जब कोरोना कंट्रोल में हो। उम्मीद करता हूं कि जल्द ही सब अच्छा हो, इसके लिए सभी को मास्क लगाना और सावधानी बरतना जरूरी है।"

OTT और सिनेमाघर दोनों इंपॉर्टेंट हैं
संजय ने OTT पर बात करते हुए कहा, "मैं OTT प्लेटफॉर्म का धन्यवाद देता हूं। पिछले साल मेंरी 3 फिल्में 'सड़क 2', 'तोरबाज' और 'भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया' OTT में रिलीज हुई हैं। बड़े पर्दे का अपना आकर्षण होता है और यह ऑडियंस को फिल्म का पूरा आनंद लेने का मौका देता है। लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि OTT प्लेटफॉर्म के बूम के साथ सिनेमा विकसित हो रहा है। ऑडियंस के पास इतना कंटेंट है जो उनकी हर जरूरत को पूरा कर रहा है। ऑडियंस जो फिल्में सिनेमाघर में नहीं देख पाते उसे वह OTT में देखते हैं। इसलिए मेरी राय में ये दोनों ही इंपॉर्टेंट हैं और खूबसूरती के साथ दोनों एक्जिस्ट कर सकते हैं।"

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