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बॉलीवुड में बवाल क्यों:कार्तिक आर्यन को अपनी फिल्मों से निकालने वाले धर्मा और रेड चिलीज की पिछली 10 में से 7 फिल्में फ्लॉप

मुंबई3 दिन पहलेलेखक: मनीषा भल्ला
  • 2019 की टॉप 10 फिल्मों में धर्मा की सिर्फ एक, रेड चिलीज की एक भी नहीं

एक्टर कार्तिक आर्यन के हाथ से धर्मा प्रोडक्शन, रेड चिलीज और आनंद एल. राय की फिल्में निकल जाना इन दिनों सुर्खियों में है। इसे कार्तिक का बड़ा नुकसान माना जा रहा है, लेकिन खुद धर्मा और रेड चिलीज भी काफी समय से किसी बड़ी हिट की तलाश में हैं। इन दोनों की पिछली 10 फिल्मों का हाल देखें तो उनमें से 7 फ्लॉप रही हैं। आनंद एल. राय की पिछली पांच में से कोई भी फिल्म बड़ी हिट नहीं रही।

कार्तिक आर्यन को लेकर बॉलीवुड में बवाल तब शुरू हुआ, जब करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन की फिल्म दोस्ताना-2 से उनको बाहर किया गया। इसके बाद शाहरुख खान के रेड चिलीज की एक फिल्म से भी कार्तिक को बाहर करने की खबरें आईं और फिर आनंद एल. राय के प्रोडक्शन से भी उन्हें हटाया गया। एक साथ 3 बड़े बैनर्स की फिल्मों से कार्तिक का नाम कटने से नेपोटिज्म और फिल्म माफियाराज जैसी बातों को फिर हवा मिल गई।

2020 का साल इंडस्ट्री के लिए बुरा रहा। पहले तीन महीने तक ही फिल्में रिलीज हुईं और तब से अब तक इंडस्ट्री की गाड़ी फिर से पटरी पर नहीं आ सकी है, लेकिन 2019 की टॉप 10 हिट फिल्मों की सूची में टॉप 5 में भी धर्मा या रेड चिलीज नहीं हैं।

कार्तिक के नाम पर बवाल क्यों?
मध्यप्रदेश के एक डॉक्टर कपल की संतान कार्तिक इंजीनियरिंग पढ़ने मुंबई आए थे। कार्तिक ने धीरे-धीरे अपना मुकाम बनाना शुरू किया और अब इंस्टा पर उनके दो करोड फॉलोअर्स हैं।
कार्तिक की पहली फिल्म 'प्यार का पंचनामा' सफल रही, लेकिन बाद में उन्हें संघर्ष करना पड़ा। 'प्यार का पंचनामा-2' और 'सोनू के टीटू की स्वीटी' की शानदार सफलता के साथ वह स्टार बन गए।

वैलिडेशन अब पुरानी सोच
माना जाता है कि बॉलीवुड में वैलिडेशन चाहिए तो बड़े प्रोडक्शन हाउस की फिल्म करना जरूरी है, लेकिन ओटीटी और साउथ की फिल्मों के बॉलीवुड पर प्रभाव के जमाने में शायद अब वैलिडेशन कोई मुद्दा नहीं रहा।
आज ओटीटी और यूट्यूब समेत कई सारे डिस्ट्रीब्यूशन माध्यम हैं। उनके अपने स्टार हैं। शाहरुख, अक्षय कुमार और आलिया भट्ट ने भी अपनी प्रोडक्शन कंपनी शुरू कर दी है। अब किसी को कोई बड़े प्रोडक्शन हाउस से वैलिडेशन की जरूरत नहीं है।

एक ही पक्ष की खबरें चल रही हैं
कार्तिक आर्यन ने अब तक पूरी कंट्रोवर्सी पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन फिल्म मेकर अनुभव सिन्हा और लेखक अपूर्व असरानी कह चुके हैं कि यह खबरें जिस तरह से चल रही हैं, यह बताता है कि कार्तिक के खिलाफ मानो मुहिम छेड़ी गई है।

कोई किसी स्टार को मिटा नहीं सकता
फिल्म प्रोड्यूसर गिरीश जौहर ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि एक्टर्स को अभी ओटीटी, एंडोर्समेंट, एडवर्टाइजमेंट और दूसरे बहुत सारे काम मिलते हैं। आज के स्टार कहीं न कहीं दूसरे बिजनेस में भी इन्वेस्ट कर रहे हैं, इसलिए कोई किसी स्टार को मिटा नहीं सकता। बॉलीवुड अब चंद घरानों या प्रोडक्शन हाउस की बपौती नहीं रहा।
जिस सभ्यता से कार्तिक ने सारे विवाद पर चुप्पी साध रखी है, उससे यह भी पता लगता है कि एक पक्ष ही खबरों को चला रहा है। जब तक दूसरा पक्ष बोलता नहीं है, तब तक कैसे कह सकते हैं कि फिल्में छीनी गईं या हटा दिया गया।

यूट्यूब से लेकर ओटीटी तक कई ऑप्शन
फिल्म प्रोड्यूसर और लेखक राज शांडिल्य कहते हैं कि आज किसी भी प्रतिभाशाली एक्टर के पास काम की कमी नहीं है। यूट्यूब अपने आप में एक इंडस्ट्री है। मुझसे कितने सारे यूट्यूबर्स मिल चुके हैं, जिनके लाखों और कई के तो एक करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
पहले स्टैंड अप कॉमेडी के सिर्फ शो होते थे। अब वह अलग इंडस्ट्री है। आर्टिस्ट अपने चैनल से या ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कंटेंट बेचकर लाखों कमा रहे हैं।

अब किसी को बड़े प्रोड्यूसर्स की दरकार नहीं
दिल्ली में एक आला एक्टिंग स्कूल चला रहे और महेश भट्ट के लिखे और प्रोड्यूस किए ‘दि लास्ट सैल्यूट’ नाटक के नायक एक्टर इमरान जाहिद बताते हैं कि अब यूट्यूब और कुछ ऐप्स भी फिल्मों से ज्यादा व्यूज जुटाते हैं। कलंक जैसी बड़ी फिल्म औंधे मुंह गिर जाती है और उससे तो ज्यादा कोई यूट्यूब वीडियो वायरल हो जाता है।
अब पॉपुलैरिटी, कमाई या एंडोर्समेंट पाने के लिए किसी परंपरागत हाउस की दरकार नहीं है। चमचागिरी का जमाना गुजर चुका है।

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