भास्कर इंटरव्यू:शरद केलकर कर रहे हैं 'देजा वू' में काम, बोले- यह इंडिया की सिंगल लोकेशन और सिंगल एक्टर फिल्म है

4 महीने पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय
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एक्टर शरद केलकर अभिनीत सीरीज 'फैमिली मैन-2' रही है। अब उनकी अप्कमिंग फिल्म 'भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया' होगी, जो अगस्त में रिलीज होगी। अजय देवगन, संजय दत्त स्टारर इस फिल्म में शरद आर्मी ऑफिसर के रोल में नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान, शरद बताते हैं कि वे इंडिया की सिंगल लोकेशन और सिंगल एक्टर फिल्म 'देजा वू' भी कर रहे हैं।

Q.हालिया स्ट्रीम 'फैमिली मैन-2' के लिए कैसे कमेंट मिल रहे हैं?
A.शो और इससे जुड़े सारे कलाकार बहुत अच्छे हैं। अच्छे शो का पार्ट होना बहुत इंपॉर्टेंट होता है। अब तक बड़ा विलेन या महत्वपूर्ण आदमी का किरदार निभाने को मिलता था। लेकिन इसमें एक साधारण आदमी का किरदार मिलना और उसे निभाना अच्छा लगा। बड़े इंटरेस्टिंग कमेंट मिल रहे हैं। 90 फीसदी लोगों का यही कहना है कि ऐसे नॉर्मल इंसान का रोल भी कर सकते हैं, ऐसा सोचा न था। तारीफ सुनकर खुशी होती है।

Q.'भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया' की क्या स्थिति है। कब तक इसे दर्शक देख पाएंगे?
A.सुन रहा हूं कि ये फिल्म 13 अगस्त को रिलीज होने वाली है। यह हॉट स्टार पर आएगी। हमने इसकी डबिंग खत्म कर ली है। थोड़ा वीएफएक्स का काम चल रहा है। उम्मीद करता हूं कि ट्रेलर बहुत जल्द आएगा। मुझे लगता है कि जुलाई में आ जाना चाहिए।

Q.इसमें आप मिलिट्री ऑफिसर के रोल में दिखेंगे। इसके लिए आपको वजन घटाने-बढ़ाने से लेकर क्या-क्या करना पड़ा?
A.हां, इसके लिए मुझे थोड़ा सा वजन बढ़ाना पड़ा। नॉर्मली हम फिल्मों में एक आर्मी ऑफिसर को देखते हैं, जहां वे सिक्स पैक वाले बड़े टिपिकल फिल्मी दिखते हैं। लेकिन फौज में नॉर्मल भी होते हैं। इसे जान-बूझकर सुपर हीरो टाइप नहीं रखा है, बल्कि इसको थोड़ा ह्यूमन रखा है। यह कहानी भी वर्षों पुरानी है, सो उस हिसाब से सिंपल सा ही लुक रखा है। इसके लिए मैंने थोड़ा सा वजन भी बढ़ाया है। हरेक कैरेक्टर की हिस्ट्री होती है। मेरा कैरेक्टर एक बॉक्सर का है, इसलिए थोड़ा वजन बढ़ाना पड़ा। ज्यादा नहीं, बस चार-पांच किलो वजन बढ़ाया है। लेकिन अब इतना ही वजन कम करना भारी पड़ रहा है।

Q.अजय देवगन के साथ दोबारा और संजय दत्त के साथ आप पहली बार काम कर रहे हैं, उनके साथ कैसा अनुभव रहा?
A.अजय सर के साथ जब शूट करते हैं, तब एक्शन पर बहुत ध्यान देना पड़ता है, क्योंकि वे एक्शन में पारंगत हैं। संजय दत्त तो इंसान नहीं, कुछ और ही हैं। मतलब, इतनी बड़ी बीमारी होने के बावजूद उन्हें देखेंगे, तब बोलेंगे कि यह इंसान इतनी बड़ी बीमारी से गुजर रहा है, उसके बावजूत इतना सब कैसे कर ले रहा है। मेरे हिसाब से वे सुपर मैन हैं, क्योंकि नॉर्मल इंसान ऐसा नहीं कर सकता।

Q.अच्छा, भुज के सेट का माहौल कैसा होता था?
A.हम भुज की शूटिंग उस समय कर रहे थे, जब इंडिया में कोविड-19 नया-नया शुरू हो रहा था। उस समय इस बीमारी के लक्षण के बारे में इतना ही पता था कि जब किसी को सर्दी-खांसी, जुकाम, छींक आती है, तब उससे दूर रहें, हमें यही लक्षण बताया जा रहा था। लेकिन एक्शन सीक्वेंस शूट करने के लिए जब हम राजस्थान की एक मसाले की फैक्ट्री में गए, तब वहां पर 80 पर्सेंट लोग छींक रहे थे। उस समय इतना अजीब माहौल था कि किस पर विश्वास करें और किस पर ना करें! पता ही नहीं चल रहा था कि यह खांसी और छींक किस कारण से आ रही है। हम सब ने जितने दिन भी शूट किया बहुत डर-डर कर किया। हम सब भगवान का नाम लेकर शूट करते थे, पर गनीमत थी कि किसी को कुछ नहीं हुआ।

Q.इसके अलावा और कौन-सी फिल्म या सीरीज आप कर रहे हैं?
A.अभी मैंने एक तमिल और एक मराठी फिल्म की शूटिंग खत्म की है। देखते हैं कि यह कब आएगी। साथ ही हिंदी में 'देजा वू' भी कंप्लीट की है। इसके बारे में यह समझ लीजिए कि यह भारत की पहली सिंगल लोकेशन और सिंगल एक्टर फिल्म है। इसमें कोई सपोर्टिंग एक्टर और हीरोइन नहीं है। इस फिल्म में एक ही कलाकार है और वह मैं हूं। पूरी फिल्म एक घर के अंदर शूट की गई है, जिसका सेट मुंबई में बनाया गया था। इसकी कुल 28 दिनों की शूटिंग हुई है। मैं फिल्म की कहानी के बारे में कुछ नहीं बता सकता, उसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी। यह फिल्म अभी पोस्ट प्रोडक्शन में है। इसके लेखक-निर्देशक मराठी फिल्म 'पिकासो' फेम अभिजीत वारंग हैं।