'शहजादा' की राहें क्लीयर:अल्लू अर्जुन की अला वैकुंठपुरमुलू की हिंदी रिलीज रुकी, प्रोड्यूसर मनीष बोले-मैं कॉरपोरेट नहीं, जो दूसरों का नुकसान देखकर आंखें मूंद लूं

4 महीने पहलेलेखक: अमित कर्ण
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‘पुष्पा: द राइज’ की रिलीज के बाद से हिंदी बेल्ट की ऑडियंस में अल्लू अर्जुन की जबरदस्त पॉपुलैरिटी बढ़ी है। ऐसे में उनकी दो साल पुरानी फिल्म अला वैकुंठपुरमलो को प्रोड्यूसर मनीष शाह हिंदी में रिलीज कर रहे थे। अब इस रिलीज को रोक दिया गया है। गोल्डमाइंस के प्रमोटर मनीष शाह ने शहजादा के मेकर्स से हुई लम्बी बातचीत के बाद यह फैसला लिया है।

अब वे अला वैकुंठपुरमुलो का हिंदी वर्जन 26 जनवरी को थिएटर में रिलीज नहीं कर रहे हैं। इस फैसले के बाद शहजादा के मेकर्स ने मनीष शाह का शुक्रिया अदा किया है।

शुक्रवार को हुई प्रोड्यूसर की मीटिंग
गौरतलब है कि अला वैकुंठपुरमुलू की हिंदी रीमेक ‘शहजादा’ है जिसमें कार्तिक आर्यन मेन लीड हैं। मनीष शाह से कार्तिक और अल्लु अरविंद ने चर्चा की और उनसे ‘अला वैकुंठपुरमुलू’ की रिलीज रोकने की गुजारिश की। इस पर शुक्रवार को शहजादा के प्रोड्यूसर अल्लु अरविंद के साथ मनीष शाह की लंबी बैठक चली। मनीष शाह ने कहा- ‘प्रोड्यूसरों से हमारी बात चल रही है। हम देख रहें हैं कि क्या बेस्ट पॉसिबल वेआउट होगा?’

8 फरवरी को सेटेलाइट रिलीज होगी
दैनिक भास्कर से खास बातचीत में मनीष ने कहा, "इसकी बजाय हम इसे मेरे सैटेलाइट चैनल पर 6 फरवरी को ब्रॉडकास्ट करेंगे। दरअसल ‘अला वैकुंठपुरमुलू’ की हिंदी रीमेक ‘शहजादा’ भूषण कुमार,अल्लू अरविंद बना रहे हैं। उन सबसे मेरी बातचीत हुई। उन सबसे मेरे अच्छे ताल्लुकात हैं। ऐसे में उनकी गुजारिश पर मैंने सिनेमाघरों में ‘अला वैकुंठपुरमुलू’ की रिलीज टाल दी है। मगर अल्लू अर्जुन के चाहने वालों को हम डिप्राइव नहीं करेंगे। मैं इंडिविजुअल प्रोड्यूसर हूं। कॉरपोरेट नहीं, जो अपने फायदे के सामने दूसरे के नुकसान से आंखें मूंद लूं।"

यह है अलावैकुंठपुरमुलू का मतलब
अला वैकुंठपुरमुलू फिल्म के नाम का मतलब क्या है? अला वैकुंठपुरमुलू पोथन की पौराणिक कहानी गजेंद्र मोक्षनम की प्रसिद्ध कहानी है। गजेंद्र मोक्षनम में भगवान विष्णु हाथियोंं के राजा गजेंद्र को एक मगरमच्छ (मकरम) से बचाने के लिए अवतार लेकर आते हैं। इसी तरह फिल्म में रामचंद्र के घर को 'वैकुंठपुरम' कहा जाता है जिसमें बंटू (अल्लू अर्जुन) परिवार को बचाने के लिए आता है। और यही अला वैकुंठपुरमुलू की कहानी का सार है।

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