'द कश्मीर फाइल्स':राइटर जावेद बेग ने कश्‍मीरी पंडितों से मांगी माफी, बोले-गवाह हूं, गुनाह हुए हैं; मुझे आज भी दुख होता है और मैं शर्मिंदा हूं

3 महीने पहले

एक्टर अनुपम खेर स्टारर 'द कश्मीर फाइल्स' इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म के समर्थन में कश्मीरी राइटर जावेद बेग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कश्मीरी पंडित समुदाय से न सिर्फ माफी मांगी है, बल्कि उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया है कि वो दौर बहुत ही भयानक था और वे गवाह हैं कि गुनाह हुए हैं।

सच हमेशा सच रहता है, फिर चाहे कोई उसे कहे या न कहे
जावेद बेग एक एक्टिविस्ट भी हैं, उन्होंने पोस्ट शेयर कर लिखा कि उनके पूर्वजों ने जो गलतियां की हैं, आज के युवाओं को उस गलती को स्वीकार करना चाहिए। जावेद बेग ने यह भी कहा है कि कश्मीरी मुसलमानों ने आजादी के नाम पर हाथ में हथियार लिए। यह कोई प्रोपेगैंडा नहीं, बल्कि हकीकत है। उन्होंने कहा कि सच हमेशा सच रहता है, फिर चाहे कोई उसे कहे या न कहे।"

मुझे आज भी दुख होता है और मैं शर्मिंदा हूं
जावेद बेग ने अपने पोस्ट में गिरजा टिक्‍कू का जिक्र करते हुए लिखा, "मैं भी एक कश्मीरी मुसलमान हूं। हमारी बहन गिरजा टिक्कू के जीते जी टुकड़े कर दिए गए। यह कश्मीर के उन मुस्लिम परिवारों ने किया, जिनके हाथ में पाकिस्तान ने आजादी के नाम पर हथ‍ियार थमा दिए थे। मैं कश्मीरी पंडित बिरादरी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। यह कोई प्रोपेगैंडा नहीं, बल्‍क‍ि सच्‍चाई है। कोई सच बोले या न बोले, सच फिर भी सच ही रहता है। मैं कश्मीरी पंडितों के हत्याकांड का गवाह हूं, जो नवरोज के दिन 21 मार्च 1997 में संग्रामपोरा बीरवाह में हुआ था। वह मेरा होमटाउन है। मुझे आज भी दुख होता है और मैं शर्मिंदा हूं।"

जिन कश्मीरी पंडितों को मारा गया, वो हमारी ही बस्ती के, हमारे ही लोग थे
इतना ही नहीं इन पोस्ट के साथ ही जावेद बेग ने अपना एक वीडियो क्लिप भी शेयर किया है। जिसमें वे एक न्यूज चैनल पर अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। वीडियो में जावेद कहते हैं कि वे बीरवाह के जिस इलाके से आते हैं, वहां 21 मार्च को पहला हत्याकांड हुआ था। जिसमें दर्जनों कश्मीरी पंडितों को मारा गया था। वह बर्बर हत्‍याकांड देखा है। जिनकी हत्‍याएं हुईं, न तो वो किसी की आजादी रोक रहे थे और न ही वो किसी कश्मीरी मुसलमान को मार रहे थे। निहत्थे लोगों के साथ आप जो कर रहे हो वो जुल्म नहीं है तो क्या है। जिन कश्मीरी पंडितों को मारा गया, वो हमारी ही बस्ती के, हमारे ही लोग थे।"

गुनाह हुए हैं, इस बात को समझने के लिए किसी फिल्‍म की जरूरत नहीं
इस वीडियो के आखिरी में राइटर यह कहते नजर आ रहे हैं कि कश्मीरी पंडित कोई गैर नहीं थे। वो हमारा ही खून हैं। हमारी ही नस्ल हैं। जो गलतियां उनके वालिद (पिता) की पीढ़ी ने कीं, उन गलतियों को आज स्‍वीकार करना चाहिए। यह मानना चाहिए कि गुनाह हुए हैं। इस बात को समझने के लिए किसी फिल्‍म की जरूरत नहीं है। इसके लिए बस जमीर की जरूरत है।" 11 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'द कश्मीर फाइल्स' की कमाई का ग्राफ दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड्स तोड़ रही है।

'द कश्मीर फाइल्स' के लिए गुजराती फिल्म 'प्रेम प्रचार' की गई पोस्टपोन
इस बीच खबर है कि 'द कश्मीर फाइल्स' के लिए गुजराती फिल्म 'प्रेम प्रचार' की रिलीज को टाल दिया गया है। अब यह फिल्म बाद में रिलीज की जाएगी। गुजराती फिल्म के वितरक वंदन शाह ने एक बयान में कहा कि हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही थी, निर्माता चाहते थे कि 'द कश्मीर फाइल्स' को और शो मिले। उन्होंने कहा, "हम कुछ दिनों बाद 'प्रेम प्रचार' को सिनेमाघरों में रिलीज करेंगे।"

लगभग 12 करोड़ की लागत में बिना किसी बड़े स्टार के 'द कश्मीर फाइल्स' बॉलीवुड की पहली ऐसी फिल्म है, जिसके बिजनेस में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं पहले दिन फिल्म को पूरे देश में महज 600 स्क्रिन ही मिली थीं। लेकिन, बाद में फिल्म के लिए दर्शकों के जुनून को देखते हुए स्क्रीन संख्या 600 से बढ़ाकर 2000 कर दी गई थी। हर शहर में फिल्म के शो भी दोगुने से ज्यादा किए गए। ट्रेड एनालिस्ट सुमित कडेल का कहना है कि यह फिल्म 70-100 करोड़ का लाइफटाइम नेट कलेक्शन कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो इसमें चौंकने वाली बात नहीं होगी, क्योंकि यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हो चुकी है।

फिल्म में नहीं है कोई बड़ा स्टार
इस फिल्म में अनुपम खेर के अलावा मिथुन चक्रवर्ती, दर्शन कुमार, पल्लवी जोशी, पुनीत इस्सर, मृणाल कुलकर्णी समेत कई कलाकार लीड रोल में हैं। 'द कश्मीर फाइल्स' में कश्मीरी पंडितों की उस वक्त की कहानी को दिखाया गया है, जब 90 के दशक में उन्हें अपने ही राज्य से निकाल दिया गया था। फिल्म को अभिषेक अग्रवाल ने प्रोड्यूस किया है।

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