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सुशांत मामले का कच्चा चिट्ठा:पिछले 165 दिनों से सुशांत सिंह राजपूत की मौत की हो रही है जांच, परिवार और फैंस को अब भी है इंसाफ का इंतजार

किरण जैन9 महीने पहले
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बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून 2020 को उनके बांद्रा स्थित फ्लैट पर मिला था। अचानक हुई एक्टर की मौत से पूरे देश को जोरदार धक्का लगा था। अभिनेता की मौत ने बॉलीवुड में हो रही कई साजिशें सामने आईं कि कैसे बॉलीवुड निर्माताओं के एक शक्तिशाली बैनर ने उनके करियर को तोड़ने की कोशिश की, उन्हें आत्महत्या करने पर मजबूर किया और साथ ही बॉलीवुड में हो रहे नेपोटिज्म पर भी रोशनी डाली।

प्रोफेशनल लाइफ के अलावा सुशांत और रिया चक्रवर्ती का अफेयर भी काफी चर्चा में आ गया। लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रहे सुशांत और रिया से जुड़ी हर बात चर्चा का मुद्दा बन गई। इस मामले की जांच पिछले 165 दिनों से सीबीआई के पास है हालांकि अब तक जांच एजेंसी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।

सुशांत की मौत ने बॉलीवुड का असली चेहरा लोगों के सामने लाया:

सीनियर जर्नलिस्ट उज्जवल त्रिवेदी की मानें तो सुशांत की मौत बॉलीवुड का असली चेहरा लोगों के सामने लाने में सक्षम रही है। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान उज्जवल बताते हैं, "कई नामचीन प्रोड्यूसर सुशांत के साथ फिल्म बनाना चाहते थे, ऐसे में पिछले एक साल में अचानक ऐसा क्या हुआ जिससे सभी ने अपने हाथ पीछे ले लिए? सुशांत अपनी मौत से एक दिन पहले फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ रहे थे, तो उन्होंने अचानक आत्महत्या करने का निर्णय क्यों लिया? मौत के बाद 'नेपोटिज्म' का मुद्दा सामने आया। उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती का मानना था कि वे दिमागी मरीज थे, तो वो उनका घर छोड़कर क्यों गई? रिया पर 15 करोड़ रूपए का मनी लॉन्डरिंग का आरोप है। वो पैसे कहां गए? सुशांत की मौत को 7 महीने हो गए हैं लेकिन आज भी इन सवालों का जवाब नहीं हैं।"

उज्जवल आगे बताते हैं, "उनके परिवार वालों और फैन्स को आज भी इंसाफ का इंतजार है। सुशांत की मौत सिर्फ उनकी दिमागी हालत की वजह से नहीं बल्कि कई कारणों की वजह से हुई थी। जांच अभी भी चल रही है। सुशांत की मौत ने बॉलीवुड का असली चेहरा लोगों के सामने लाया है।"

बिहार इलेक्शन में राजपूत लॉबी को अट्रैक्ट करने के लिए मुद्दे को इतना बड़ा बनाया गया:

पटना के वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर शशी सागर की मानें तो कहीं-न-कहीं इस मुद्दे को बड़ा बनाने के पीछे बिहार इलेक्शन हो सकता है। वे बताते हैं, "जितना समझ आ रहा है वो यही है कि इलेक्शन के दौरान राजपूत लॉबी को अट्रैक्ट करने के लिए ही बिहार में इस मुद्दे को इतना बड़ा बनाया गया। जो लोग यहां सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे उस आंदोलन को कोई पोलिटिकल पार्टी ही लीड कर रही थी। आम आदमी में कोई पागलपन नहीं था। इस बात से इंकार नहीं करूंगा की लोग दुखी थे क्योंकि वो उनके शहर का लड़का था, हालांकि चुनाव एक बड़ा फैक्टर था इसे बड़ा मुद्दा बनाने के लिए। अब तो बिहार का कोई नेता इस बारे में बात नहीं कर रहा और ना कोई संगठन उनके लिए सड़क पर है।"

बता दें, जन्मदिन के मौके पर सुशांत के फैंस ने उनके बांद्रा स्थित फ्लैट के बाहर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने का फैसला किया हैं। उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भी अपने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को अपने स्पेशल तरीके से अभिनेता को याद करने की अपील की है।

ऐसी है पूरे मामले की टाइमलाइट-

14 जून: सुशांत सिंह राजपूत मुंबई में मृत पाए गए।

18 जून: मुंबई पुलिस के समक्ष रिया चक्रवर्ती ने अपना बयान दर्ज किया।

25 जून: सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमे आत्महत्या की बात कहीं गई।

27 जून: फॉरेंसिक रिपोर्ट में जहर के कोई निशान ना होने का पता चला है।

25 जुलाई: सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

29 जुलाई: रिया ने SC से पटना से मुंबई तक FIR के ट्रांसफर की मांग की।

31 जुलाई: ईडी ने आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।

2 अगस्त: बिहार के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को मुंबई में क्वारैंटाइन करने का मुद्दा बना।

6 अगस्त: सीबीआई ने मामले में FIR दर्ज की।

19 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने पटना एफआईआर को सीबीआई को ट्रांसफर किया।

20 अगस्त: जांच शुरू करने के लिए सीबीआई की टीम मुंबई पहुंची।

22 अगस्त: सीबीआई टीम ने एम्स की फॉरेंसिक टीम से ली मदद।

25 अगस्त: ईडी ने एसएसआर मौत मामले में ड्रग संबंधी खुलासे किए।

26 अगस्त: एनसीबी (नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो) जांच में शामिल हुई।

4 सितंबर: NCB ने ड्रग्स मामले में सैमुअल मिरांडा और शौविक चक्रवर्ती को हिरासत में लिया।

7 सितंबर: रिया ने सुशांत की बहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

8 सितंबर: NCB ड्रग मामले में रिया चक्रवर्ती को न्यायिक हिरासत में लिया।

16 सितंबर: महाराष्ट्र SHRC ने मुंबई पुलिस और कूपर अस्पताल को रिया चक्रवर्ती के मुर्दाघर में प्रवेश के मामले पर क्लीन चिट दी।

3 अक्टूबर: एम्स ने हत्या के सिद्धांतों को खारिज कर दिया।

सभी सीबीआई रिपोर्ट पर निर्भर करता है: वकील रिजवान मर्चेंट

वरिष्ठ वकील रिजवान मर्चेंट कहते हैं, “यह सब सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट पर निर्भर करता है। उन्होंने अदालत के साथ जांच में कोई प्रगति जारी नहीं की या साझा नहीं की, और इसलिए किसी भी तरह की अटकलें लगाना संभव नहीं होगा। दावा किया जा रहा है कि चयनात्मक मीडिया चैनलों के साथ साझा किया गया है और सार्वजनिक डोमेन पर फ्लैश किया गया है जोकि पूरी तरह से अविश्वसनीय हैं।"

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