50 के हुए करण जौहर:एक्टर के तौर पर की थी करियर की शुरुआत, लंदन ओलंपिक में बुलाए जाने वाले दूसरे भारतीय

एक महीने पहले

आज करण जौहर 50 साल के हो चुके हैं। करण जौहर ने अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्में की हैं और बेस्ट डायरेक्टर्स में अपना नाम स्थापित किया है। उन्होंने अबतक 56 फिल्में बनाई हैं जिनमें से 9 फिल्में करण ने डायरेक्ट की हैं। करण ने करियर की शुरुआत एक्टर के तौर पर की थी। चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर करण का पहला सीरियल इंद्रधनुष था जिसके बाद उन्होंने फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ से डायरेक्टर के तौर पर करियर की शुरुआत की। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही थी। इस फिल्म को नेशनल अवॉर्ड भी मिला था जिसके बाद केजो ने एक के बाद एक कई हिट फिल्में दीं। करण जौहर को बॉलीवुड में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्म श्री अवॉर्ड से नवाजा है। तो चलिए आज करण जौहर के बर्थडे पर उनके 50 सालों के सफर को जानते हैं।

पंजाबी पिता और सिंधी मां के घर हुआ जन्म

करण जौहर का जन्म प्रोड्यूसर यश जौहर के घर हुआ था। उनकी मां हीरू जौहर यश चोपड़ा की छोटी बहन हैं। करण के पिता पंजाबी तो वहीं मां सिंधी फैमिली से आती हैं। करण दोनों के इकलौते बेटे हैं। करण के पिता हमेशा से उन्हें एक एक्टर के तौर पर देखना चाहते थे लिहाजा करण ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की। चाइल्ड एक्टर के तौर पर उनका पहला सीरियल 1989 में दूरदर्शन पर इंद्रधनुष नाम से आया था। इस सीरियल में करण ने श्रीकान्त की भूमिका निभाई थी।

15 फिल्मों में की एक्टिंग

करण जौहर में अबतक 15 फिल्मों में एक्टिंग की है। ज्यादातर फिल्मों में उनके साइड रोल ही रहे हैं। हालांकि बॉम्बे वेलवेट में करण विलेन के रोल में नजर आए थे। ये फिल्म तो फ्लॉप रही पर करण की एक्टिंग को क्रिटिक्स ने खूब सराहा था।

लगे रहो मुन्नाभाई ने तोड़ा अंधविश्वास

करण न्यूमेरोलॉजी में बहुत विश्वास रखते थे। जिसके चलते वो अपनी हर फिल्म का नाम 'k' से शुरू करते थे। करण को लगता था इस लेटर से बनने वाली फिल्में सक्सेसफुल रहती हैं। लेकिन 2006 में आई फिल्म लगे रहो मुन्नाभाई ने उनका ये भ्रम तोड़ दिया। इस फिल्म को देखने के बाद करण ने 'k' लेटर से फिल्में बनाना छोड़ दिया।

पहली फिल्म ने तोड़े सफलता के रिकॉर्ड

करण ने फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में करण ने शाहरुख के बेस्ट फ्रैंड का रोल भी प्ले किया था। ये फिल्म सुपरहिट रही जिसके बाद डायरेक्शन में करण का इंटरेस्ट जागने लगा। जिसके बाद करण ने डायरेक्टर के तौर पर 1998 में पहली फिल्म कुछ कुछ होता है बनाई। इस फिल्म के बाद करण एक अच्छे डायरेक्टर के तौर पर इंडस्ट्री में स्टेब्लिश हो गए। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन कमाई की और इस फिल्म को बेहतरीन इंटरटेनमेंट के लिए नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया। साथ ही उन्हें बेस्ट डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड और बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड भी मिला। इस फिल्म ने सफलता के रिकॉर्ड तोड़ दिए।

दूसरी फिल्म भी रही ब्लॉकबस्टर​​​​​​​

करण ने 2001 में दूसरी फिल्म बनाई 'कभी खुशी कभी गम'। फैमिली ड्रामा पर बेस्ड ये फिल्म करण जौहर की दूसरी ब्लॉकबस्टर थी। मल्टीस्टारर इस फिल्म को क्रिटीक्स ने फुल मार्क्स दिए और करण को बेहतरीन डायरेक्टर बताया। जिसके बाद करण ने कभी 'अलविदा न कहना' 'माय नेम इज खान' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाई।

56 फिल्में की प्रोड्यूस

करण ने पिता यश की मौत के बाद से धर्मा प्रोडक्शन का काम अपने कंधो पर ले लिया। उन्होंने इस प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले 56 फिल्में प्रोड्यूस की हैं जिनमें से 9 फिल्में उन्होंने डायरेक्ट भी की हैं। साथ ही करण रियलीटी शोज में भी एक्टिव रहते हैं। फिलहाल वो फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' के प्रोडक्शन और डायरेक्शन में बिजी हैं।

पद्म श्री से सम्मानित

करण जौहर को फिल्मों में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने 2020 में पद्म श्री से सम्मानित किया है। वहीं करण ऐसे मनमोहन सिंह के बाद ऐसे दूसरे भारतीय हैं जिन्हें लंदन ओलंपिक कार्यक्रम में बुलाया गया था। 2007 में करण को जेनेवा विश्व आर्थिक मंच के द्वारा 250 ग्लोबल युवा नेताओं में से एक चुना गया था। साथ ही करण ऐसे पहले डायरेक्टर हैं जिन्हें मिस वर्ल्ड कान्टेस्ट में जूरी मेंबर बनाया गया था। ये कॉन्टेस्ट 2006 में पोलैंड के वॉरसॉ में हुआ था।

(ग्राफिक्स- यामिनी संकडिया)