एक्ट्रेस के दर्द पर एक्शन:सुधा चंद्रन ने नकली पैर की वजह से एयरपोर्ट पर रोकने की शिकायत की, केंद्र समेत CISF ने माफी मांगी

एक महीने पहलेलेखक: किरण जैन

एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपना दुख जाहिर किया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में खुलासा किया कि वे जब भी एयरपोर्ट जाती हैं, तो उन्हें अपने नकली पैर को निकालकर चेकिंग कराने के लिए कहा जाता है। सुधा ने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस व्यवस्था को बदलने की गुहार लगाई थी। अब सिविल एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनसे इस असुविधा के लिए माफी मांगी है। इसके अलावा तेलंगाना और यूपी सरकार ने भी इसके लिए कदम उठाने की बात कही है।

दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान, सुधा चंद्रन ने कहा, "प्रोफेशनली, मुझे काफी ट्रैवल करना होता है और हवाई यात्रा के दौरान मुझे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार ऐसा होता है कि सुरक्षाकर्मी मेरे साथ अड़ जाते है। मेरे नकली पैर के बारे में सवाल पर सवाल करते हैं- आपका ये लिंब कहां तक है, घुटने के ऊपर है या नीचे, आपको इसे निकालना पड़ेगा, हमको इसकी जांच करनी होगी वगैरह। मैं ये नहीं कह रही कि CISF (सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स) गलत काम कर रही है, लेकिन वो एक सम्मान के साथ होना चाहिए। कुछ लोग समझदार भी होते है, लेकिन कुछ लोग ऐसे मिल जाते हैं जो आपसे गलत तरीके से बात करते हैं।

सुधा ने आगे कहा, "दुर्भाग्यवश मुझे ज्यादा दिक्कत मुंबई एयरपोर्ट पर आई है। देखिए, ये लड़ाई सिर्फ सुधा चंद्रन की नहीं हैं। मेरी कहानी तो लोग जानते हैं। मैं ये मुद्दा उन लोगों के लिए उठा रही हूं जो कि फिजिकली डिसेबल्ड हैं। चलो, मैं तो एक सेलिब्रिटी हूं, कभी-कभार मेरी बात मान भी लेंगे, लेकिन हर बार तो सेलिब्रिटी स्टेटस का इस्तेमाल करना सही बात नहीं है ना। मैं अपनी अचीवमेंट का फायदा कभी नहीं उठाना चाहती, यदि ऐसा कुछ करती हूं तो खुद को इंडियन कैसे कह पाऊंगी?"

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मांगी माफी

सुधा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने के बाद सिविल एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनसे माफी मांगी। साथ ही कुछ और मंत्रियों ने उन्हें मदद करने की बात कही है। सुधा बोलीं, "जैसे ही मेरा पोस्ट वायरल हुआ, मुझे ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से संदेश मिला कि वे इस घटना के लिए माफी चाहते हैं और पर्सनली इस मैटर को देख रहे हैं। हैदराबाद के DIG ने भी मुझे आश्वासन दिया है कि मुझे आगे चलकर परेशानी नहीं होगी। लखनऊ सरकार से भी कॉल आए। उम्मीद करती हूं कि मेरे साथ-साथ दूसरे फिजिकल डिसेबल्ड लोगों की भी मदद हो पाए।"

CISF ने भी मांगी माफी
CISF ने भी ट्विटर के जरिए सुधा चंद्रन से माफी मांगी और लिखा, मिस सुधा चंद्रन को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। प्रोटोकॉल के मुताबिक, प्रोस्थेटिक को सिक्योरिटी चेकअप के दौरान कुछ विशेष परिस्थितियों में ही निकालने के लिए कहा जाता है। हम इस बात की जांच करेंगे कि महिला CISF अफसर ने चेकिंग के दौरान प्रोस्थेटिक निकालने के लिए क्यों कहा और ये बात आगे सुनिश्चित करेंगे कि यात्रियों को कोई भी असुविधा ना हो।

वीडियो में क्या कहा था सुधा ने?
सुधा ने 21 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा था, 'गुड ईवनिंग, यह एक बहुत ही पर्सनल चीज है जो मैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बताना चाहती हूं। यह मेरी केंद्र और राज्य सरकारों से अपील है। मेरा नाम सुधा चंद्रन है। मैं एक अभिनेत्री और प्रोफेशनल डांसर हूं। मैंने आर्टिफिशियल लिंब के साथ डांस करके इतिहास रचा और कई बार अपने देश का गौरव बढ़ाया है, लेकिन जब भी मैं प्रोफेशनल विजिट्स पर जाती हूं तो मुझे हर बार एयरपोर्ट पर रोक लिया जाता है। जब मैं सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अफसरों से रिक्वेस्ट करती हूं कि प्लीज मेरे आर्टिफिशियल लिंब के लिए ईटीडी (एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर) टेस्ट कर दीजिए, तो भी वो नहीं मानते और मुझे मेरा आर्टिफिशियल लिंब उतारकर दिखाने के लिए कहते हैं। मोदी जी क्या यह इंसानियत है? क्या एक महिला दूसरी महिला को इसी तरह इज्जत देती है?

मोदी जी मैं आपसे रिक्वेस्ट करती हूं कि आप सीनियर सिटीजन को कोई कार्ड दें ताकि वो कह सकें कि वो सीनियर सिटीजन हैं।' 'बहुत आहत हूं, हर बार इस तरह की ग्रिलिंग से बहुत दुख होता है, उम्मीद करती हूं कि मेरा मैसेज सेंट्रल गवर्नमेंट अथॉरिटी तक पहुंचे और वो जल्द से जल्द कोई एक्शन लें।'

17 साल की उम्र में काटना पड़ा था पैर का पंजा
17 साल की उम्र में हुए एक हादसे में सुधा के पैर का पंजा काटना पड़ गया था। जिसके बाद उनका डांसिंग करियर खतरे में पड़ गया, लेकिन उन्होंने नकली पैर से तैयारी कर फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में पहचान बनाई। दरअसल, एक बार वे बस से जा रही थी और बस का एक्सीडेंट हो गया। जिसमें उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ। सभी पैसेंजर्स में सबसे कम चोट उन्हें लगी। कुछ घाव भी थे। डॉक्टर ने उनकी पट्टी कर दी। कुछ वक्त बाद उस घाव में गैंगरिन हो गया। जिसके चलते उनके पैर का पंजा अलग करना पड़ा। उस वक्त उनकी उम्र महज 17 साल की थी।

इन टीवी शोज और फिल्मों में काम कर चुकी हैं सुधा
सुधा 90 के दशक से टीवी इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। सुधा 'नागिन' के अलावा अब तक 'बहुरानियां', 'हमारी बहू तुलसी', 'चंद्रकांता', 'जाने भी दो पारो', 'कभी इधर कभी उधर', 'चश्मे बद्दूर', 'अंतराल', 'कैसे कहूं', 'कहीं किसी रोज', 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी, 'कस्तूरी', 'अदालत' और 'शास्त्री सिस्टर' जैसे कई टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं। टीवी शोज के साथ सुधा 'नाचे मयूरी', 'शोला और शबनम', 'अंजाम', 'हम आपके दिल में रहते हैं', 'शादी करके फंस गया यार', 'मालामाल वीकली' के साथ साउथ की भी कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं।

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