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सुशांत की मौत की CBI जांच:सुशांत केस में CBI के पास ढूंढने को एक ही चीज बची है- क्लोजर रिपोर्ट की तारीख

मुंबई3 महीने पहले

मनीषा भल्ला/आशीष राय. सुशांत सिंह राजपूत की मौत के केस में CBI ने रिया समेत छह लोगों पर केस दर्ज किया है, लेकिन पिछले 11 महीनों में CBI के हाथ कुछ नहीं लगा है। कोई अरेस्ट भी नहीं हुआ, कोई चार्जशीट भी फाइल नहीं की गई। CBI अब शायद क्लोजर रिपोर्ट देने की ताक में है। बार-बार पूछे जाने पर भी CBI आधिकारिक तौर पर इस केस में कुछ बताने को तैयार नहीं है।

CBI की कार्रवाई में क्या-क्या हुआ
CBI को सुप्रीम कोर्ट की ओर से 19 अगस्त को केस में आगे बढ़ने का आदेश मिल गया था। उसके बाद CBI की एक टीम ने मुंबई के सांताक्रूज इलाके में DRDO गेस्ट हाउस में ही अपनी कचहरी लगा दी थी और एक के बाद एक सारे अभियुक्तों को यहीं पूछताछ के लिए बुलाया था।

  • 28 अगस्त से लगातार तीन दिन तक सात-सात घंटे रिया से पूछताछ हुई थी। रिया के साथ उसके भाई शौविक, पिता इंद्रजीत और मां संध्या चक्रवर्ती, सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी, हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा, स्टाफ में से दीपेश सावंत और केशव की पूछताछ हुई थी। सुशांत के स्टाफ से महेश शेट्टी और मैनेजर श्रुति मोदी से भी घंटों तक सवाल किए गए।
  • CBI की टीम ने सुशांत के घर पर पूरा क्राइम सीन रीक्रिएट किया था। टीम कूपर हॉस्पिटल भी गई थी और सुशांत की पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर्स की टीम से भी सवाल-जवाब किए गए थे। सुशांत और रिया कुछ समय के लिए मुंबई एयरपोर्ट के पास एक रिसॉर्ट में तीन महीने के लिए रुके थे। उस रिसॉर्ट के मैनेजर और सारे स्टाफ से भी पूछताछ हुई थी।

जांच टीम के अफसरों का ट्रैक रिकॉर्ड
CBI ने इस केस की जांच के लिए एक टीम बनाई थी। जिसके सारे अफसर महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं और कई बड़े केस हैंडल कर चुके हैं।

  • मनोज शशिधर गुजरात कैडर के 1994 बैच के अधिकारी हैं, वह गुजरात IB में ADG थे और वडोदरा के कमिश्नर भी रह चुके हैं। इन्हें पिछले साल ही CBI में भेजा गया था।
  • गगनदीप गंभीर भी गुजरात कैडर से हैं। 2004 बैच की अधिकारी गगनदीप इस से पहले सृजन घोटाला और हाथरस कांड में जांच अधिकारी रह चुकी हैं। उन्होंने अवैध खनन मामला, अगस्ता वेस्टलैंड डील और विजय माल्या केस में भी जांच की है।
  • टीम की तीसरी अफसर नूपुर प्रसाद AGMUT कैडर से हैं। 2007 बैच की अधिकारी नूपुर बिहार के गया की रहने वाली हैं। इनके पति IPS सुरेंद्र फिलहाल FRRO में कार्यरत हैं।

3 हफ्ते पहले ही CBI को मिले नए डायरेक्टर
जब सुशांत का केस CBI के पास आया तब ऋषि कुमार शुक्ला निर्देशक थे। उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है। उनके बाद सुबोध कुमार जायसवाल ने पिछले महीने 25 मई को ही कार्यभार संभाला है। नए डायरेक्टर के लिए सुशांत केस कितना प्रायोरिटी में है यह कहना मुश्किल है। शायद वे जो केस आगे नहीं बढ़ रहा है इसमें तत्काल क्लोजर रिपोर्ट के लिए निर्देश दे सकते हैं।

प्रवक्ता भी नए अफसर, बोले कुछ पता नहीं
CBI के नए प्रवक्ता रमेश चंद्र जोशी से ‘दैनिक भास्कर’ ने सुशांत केस के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई भी जानकारी साझा करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि उन्हें कुछ पता नहीं । जोशी इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस के अफसर हैं और अभी तीन महीने पहले ही CBI के प्रवक्ता के रूप में नियुक्त किए गए हैं।

CBI का फिर राजनैतिक इस्तेमाल हुआ
सुशांत की मौत मुंबई में हुई थी। पहली नजर में यह एक सुसाइड केस था। इसका मतलब यह केस मुंबई पुलिस को हैंडल करना था। दूसरी तरफ सुशांत के पिता ने पटना में रिया चक्रवर्ती और दूसरे लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इस केस की जांच बिहार पुलिस के पास थी।

महाराष्ट्र में गैर भाजपा दलों की मिली-जुली सरकार है। बिहार में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड की गठबंधन सरकार है। बिहार का विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा था इसलिए मामले ने राजनैतिक तूल पकड़ लिया। बाद में यह केस CBI को सौंपा गया।

पर बिहार विधानसभा चुनाव आते-आते यह मामला ठंडा हो चुका था। CBI की जांच भी उसी दौरान धीमी होती गई। आज न तो राजनैतिक पार्टियों को इस केस की दरकार है और न ही CBI कोई निर्णायक कदम उठा रही।

ED की जांच से खुला ड्रग एंगल
एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने भी सुशांत केस में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच की थी। पर ED को अपनी जांच में ऐसे कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

  • रिया ने सुशांत के बैंक अकाउंट्स से 15 करोड़ रुपयों का गबन किया है ऐसा आरोप सुशांत के पिता ने लगाया था।
  • इसके आधार पर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने मनी लॉन्ड्रिंग हुआ है या नहीं यह जांच शुरू की।
  • 7 अगस्त को ED की ओर से रिया चक्रवर्ती से पूछताछ की गई।
  • अब तक ED किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची, पर माना जा रहा है कि ED को रिया या उनके परिवार के खिलाफ कुछ नहीं मिला।
  • एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने रिया के मोबाइल फोन को स्कैन किया था, उस पर चैट रिकॉर्ड से ड्रग एंगल का पता चला, ED ने इसके बारे में NCB को सूचित कर दिया।
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