मंडे मोटिवेशन:2014 में सुष्मिता सेन को हो गई थी एक ऑटो इम्युन डिसीज, नानचाकू वर्कआउट के जरिए 4 साल में बीमारी से पाई मुक्ति

मुंबई2 वर्ष पहले

सुष्मिता सेन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। हाल ही में उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर नानचाकू से वर्कआउट करते हुए एक वीडियो शेयर किया है। नानचाकू एक मार्शल आर्ट हथियार है जिसमें दो स्टिक एक चेन से जुड़ी होती हैं। सुष्मिता ने इस वर्कआउट से जुड़ने के पीछे एक कहानी भी बताई है।

एडिसन डिसीज से पीड़ित थीं सुष्मिता: सुष्मिता ने कहा, 'मुझे सितंबर 2014 में एडिसन डिसीज नाम की एक ऑटो इम्युन डिसीज हो गई थी। इसके बाद मेरे शरीर में हमेशा दर्द, थकान बनी रहती थी, साथ ही फ्रस्टेशन और अग्रेशन भी बढ़ता गया।

आंखों के नीचे काले घेरे हो गए, मैं बता नहीं सकती कि चार साल तक मैंने कैसे इस बुरे दौर को झेला। इस दौरान स्टेरॉयड लेने पड़ते थे जिसके शरीर पर कई साइड इफेक्ट भी झेलने पड़ते थे।

किसी बीमारी के साथ जीवन जीना बेहद पीड़ादायक होता है। लेकिन एक दिन बहुत हुआ, मैंने अपने मन को मजबूत करने की सोची और शरीर को भी उसके लिए तैयार किया। मैंने नानचाकू से मेडिटेट करना शुरू किया।' 

नानचाकू वर्कआउट से हुआ कमाल: सुष्मिता ने आगे नानचाकू वर्कआउट की तारीफ करते हुए लिखा, 'इस वर्कआउट से मेरा एग्रेशन बाहर निकल गया, मैं इस आर्ट फॉर्म के जरिए इस दर्द से बाहर निकल गई। 

मेरे एड्रिनल ग्लांड्स जाग गईं, कोई स्टेरॉयड भी नहीं लेने पड़े और फिर 2019 में ऑटो इम्युन कंडीशन खत्म हो गई।अपने शरीर से बेहतर आपको कोई नहीं जानता, उसे जरूर सुनिए। हम सबके अंदर एक योद्धा मौजूद है, कभी हार नहीं मानिए। इस यात्रा में मेरा साथ देने के लिए टीचर नुपुर शिखरे का धन्यवाद।' 

एडिसन डिसीज क्या होती है: एडिसन डिसीज तब होती है जब शरीर में एड्रिनल ग्रंथियां कम मात्रा में कोर्टिसोल बनाने लग जाती है।  साथ ही यह एल्डोस्टेरोन भी कम बनाती है जिससे एड्रिनल इंसफिशिएंसी होने लगती है और शरीर में थकान, मतली, चक्कर आना और त्वचा का रंग काला पड़ना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।

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