लॉकडाउन डायरी:ऋतिक के साथ बच्चों की बेहतर परवरिश करने में जुटीं सुजैन, बोलीं- 'ये रिश्तों को संजोने का अच्छा मौका'

मुंबईएक वर्ष पहले

ऋतिक से अलग होने के बावजूद सुजैन खान रोशन परिवार के साथ उन्हीं के घर में हैं। दोनों ने ये फैसला बच्चों के साथ क्वालिटी समय बिताने के लिए किया था। इससे दोनों के बीच रिश्ते फिर बेहतर होते जा रहे हैं। हाल ही में वॉग मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में सुजैन ने बताया कि वो किस तरह इस समय में खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हुए रिश्ते संजो रही हैं।

पेशे से इंटीरियर डिजाइनर सुजैन ने अपने अंदर आए कुछ बदलावों को लेकर शेयर की दिलचस्प बातें - 

  • सुजैन ने कहा, 'जब कोविड-19 को महामारी घोषित किया गया था तो हमें इस बात का एहसास था कि आने वाले दिनों में हमें पीस ऑफ माइंड और एनर्जी को फिर से जुटाना होगा। मन में इस सोच और प्यार से भरे ढेर एहसास के साथ हमने लॉकडाउन एडवेंचर की शुरुआत की।
  • पहले दिन ही हम एक साथ बैठे और क्वारैंटाइन की एक लिस्ट बनाई। मन में विचार था कि ऐसे वक्त में अपने दिलों में उत्साह रखें और अपने शरीर को फिट और मजबूत रखें। एंजॉय करने के लिए क्रिएटिविटी और इनोवेशन से बढ़िया और कुछ नहीं।
  • इन दिनों मुझे सबसे ज्यादा पंसद है कि एक घंटे का समय हम अपने लिए अलग रखते हैं। यह ऋतिक का ही विचार था कि हम एक ही कमरे में एक साथ चुपचाप बैठें और हफ्ते में कम से कम पांच बार पसंद की किताबें पढ़ें।
  • इस दौर ने मुझे अपने अंदर झांकने का और मौका दिया है। यह सभी से सीखने के लिए एक वेकअप कॉल है। साथ ही चीजों को एक अलग नजरिए से देखने का एक मौका है। इसके अलावा उन रिश्तों को संजोने का भी वक्त है जिन्हें हम अपना कहते हैं।
  • घर का काम करना बहुत अच्छा एहसास है चाहे वह आटे को गूंथना हो, सब्जियां काटना हो, नई रेसिपी बनाना हो, एक्सपेरिमेंट करना हो या अपनी मनगढ़ंत चीजें बनाना हो। मुझे उम्मीद है कि लॉकडाउन खत्म होने पर भी मैं इन सब कामों को अपने शेड्यूल में शामिल करूंगी।
  • हर दिन का काम हमें उसे और अच्छा करने और सराहना के लिए मजबूर करता हैं। हमारे पास लंच और डिनर के लिए डाइनिंग टेबल बिछाने से लेकर, कपड़े धोने, छत पर बागवानी करने, स्केचिंग और ड्रॉइंग और पेंटिंग करने तक जाने कितनी ही एक्टिविटीज हैं।
  • आगे जाकर जिंदगी जरुर अलग होगी। परिवार एक दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताएंगे साथ ही और करीब आना चाहेंगे। हां, दुनिया बदल जाएगी। हम सभी को अपना काम करते रहना होगा और अपना योगदान देना होगा। अनुभव सबसे अच्छा टीचर है। हमारे बच्चे भी इसके प्रति जागरूक हो रहे हैं।
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