शाहरुख समझकर भीड़ ने घेरा तो पुलिस ने बचाया:फाइनेंशियल क्राइसिस से डिप्रेशन में चली गई पत्नी, नौकरी लगी तो कोरोना में वो भी गई

3 महीने पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय

स्टार्स के डुप्लीकेट्स पर सब हंसते हैं, कमेंट करते हैं, ताने भी कसते हैं, लेकिन इस सब के पीछे उनके संघर्ष को कोई नहीं जानता। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे ही डुप्लीकेट यानी बॉडी डबल कलाकार प्रशांत वाल्दे की। प्रशांत 16 साल से शाहरुख खान के डुप्लीकेट हैं।

खुद शाहरुख ने इन्हें अपनी टीम का हिस्सा बनाया हुआ है। SRK के साथ प्रशांत 20 फिल्में और करीब 300 ऐड कर चुके हैं।

मगर, ऊपर की ये दो लाइन पढ़कर प्रशांत की जिंदगी जितनी खूबसूरत लग रही है, वैसी है नहीं। इंजीनियरिंग छोड़ परिवार के खिलाफ जाकर वो डांसर बने। मुंबई में बड़ा स्ट्रगल किया। शाहरुख तक पहुंचने के लिए कई पापड़ बेलने पड़े। कभी एक दिन के बच्चे को हॉस्पिटल में छोड़कर काम पर जाना पड़ा। कभी पानी से बिस्किट खाकर दिन गुजारे। फाइनेंशियल क्राइसिस ऐसा आया कि पत्नी डिप्रेशन में चली गई और आज भी नींद की गोलियां खाती है।

2007 में आई फिल्म ओम शांति ओम में पहली बार प्रशांत शाहरुख के बॉडी डबल बने, इसके बाद से ही वे उनके साथ हैं। अपकमिंग फिल्म डंकी और जवान में भी होंगे, लेकिन जब शाहरुख के कुछ विवादित बयानों के बाद उनका बायकॉट हुआ तो प्रशांत के शोज भी कैंसिल हुए। हालत ये हो गई कि अपना घर बचाने के लिए उन्हें दुबई जाकर काम करना पड़ा। वहां भी कोरोना के कारण 4 महीने में ही भारत लौटा दिया गया।

पढ़िए, शाहरुख के ऑफिशियल डुप्लीकेट प्रशांत वाल्दे की कहानी उन्हीं की जुबानी....

गरीब परिवार के प्रशांत को नहीं था पढ़ाई में इंट्रेस्ट

प्रशांत का जन्म नागपुर के पास तलौदी मुकासा में एक मिडिल क्लास परिवार में हुआ। पिता आयुर्वेदिक डॉक्टर थे, जिनके ऊपर कई रिश्तेदारों की जिम्मेदारी थी। प्रशांत को पढ़ाई में दिलचस्पी कम थी, लेकिन इसके बावजूद उनके पिता ने इंजीनियरिंग में दाखिला करवाया। डांस में रुचि ज्यादा थी तो प्रशांत ने बिना परिवार को बताए पढ़ाई छोड़ दी और डांस सीखने लगे। एक डांस कॉम्पिटिशन जीता तो न्यूजपेपर के जरिए पिता को सच्चाई पता चली। खूब डांट पड़ी और परिवार खिलाफ हो गया।

आगे की कहानी प्रशांत से सुनिए..

शाहरुख जैसे दिखते थे, तो लोग भीड़ लगाकर तस्वीरें लेते थे

मैंने डांस एकेडमी खोली और ऑर्केस्ट्रा में काम शुरू कर दिया। मैं जब भी स्टेज परफॉर्म करता था तो लोग मुझे शाहरुख खान ही कहते थे। उस वक्त मुझे नहीं पता था कि डुप्लीकेट, लुक अलाइक, जूनियर आर्टिस्ट क्या होता है। उस वक्त मैं शाहरुख की बहुत फिल्में देखता था। फिल्में देखकर मैं उनसे बहुत प्रेरित हुआ। मैं उनका डाय हार्ड फैन था। लोग मेरी परफॉर्मेंस के बाद मेरे साथ फोटो क्लिक करवाते थे, मिलते थे, मुझे बहुत अच्छा लगता था।

ऑर्गेनाइजर्स करते थे शाहरुख जैसे परफॉर्म करने की डिमांड

धीरे-धीरे ऑर्गेनाइजर कहने लगे कि थोड़ा शाहरुख के गानों पर डांस करो, उनके डायलॉग बोलो। मैंने कई सीडी खरीदी, शाहरुख के डायलॉग याद किए और उनका स्टाइल सीखने की कोशिश की। इतनी प्रैक्टिस की, कि सोते, उठते, खाते समय भी शाहरुख ही दिखने लगे थे। एक टाइम आया जब पूरा शो मेरे नाम पर चलने लगा। लोग मुझे बहुत पसंद करते थे, भीड़ उमड़ आती थी। मुझे बहुत काम मिलने लगा, लेकिन दिमाग में बस ये था कि मुंबई जाना है और बतौर डांस कोरियोग्राफर पहचान बनानी है।

प्यार की खातिर डांस छोड़कर करनी पड़ी मामूली नौकरी

मेरा बड़े लेवल का डांस इंस्टीट्यूट था, जिसका पूरे नागपुर में नाम था। 2003 में मुझे एक स्टूडेंट से प्यार हो गया और घरवाले इसके भी खिलाफ हो गए। उसने अपने घर में बताया तो घरवालों ने ये कहकर इनकार कर दिया कि मैं मामूली कोरियोग्राफर हूं, जबकि वो बहुत अच्छे परिवार से थी। बहुत हंगामा हुआ। उसके घरवालों ने शर्त रखी कि शादी करनी है तो कोई नौकरी करनी होगी, जिससे परिवार में नाक न कटे। मैंने एक कंपनी में नौकरी की, जहां मुझे साढ़े चार हजार रुपए सैलरी मिलती थी, जबकि मेरी इंस्टीट्यूट से 50 हजार से 1 लाख रुपए तक कमाई होती थी। नौकरी में मेरे रोज के 14-15 घंटे जाते थे। प्यार की खातिर मैंने डांस सिखाना छोड़ दिया। मैंने करीब 8 महीने नौकरी की, लेकिन मैं संतुष्ट नहीं था। मेरा बेटा भी हुआ। बेटा 1 महीने का था और घर में आर्थिक तंगी थी। मैंने पत्नी से कहा कि मुझे एक मौका दो, मैं मुंबई जाकर काम करना चाहता हूं।

1 महीने के बेटे को छोड़कर गए मुंबई

साल 2007 में मैंने पत्नी से 1200 रुपए लिए और एक महीने के बेटे को छोड़कर मुंबई जाने का फैसला किया। दोस्त के घर में रहा। सुबह 6 बजे निकल जाता था, ना कुछ पता था ना ही किसी से जान पहचान थी। ऑफिस के चक्कर काटते हुए मेरे जूते तक घिस गए। एक दोस्त के मामा जो लाइटमैन थे, उन्होंने मुझे जूनियर प्रेम चोपड़ा से मिलने को कहा, उन्होंने एक ऑडिशन की जानकारी दी। मैं सैलून में रुका, तैयार हुआ और पहुंच गया। मेरे काम से कास्टिंग वाले खुश हो गए।

जूही चावला के साथ किया पहला ऐड

ऑडिशन के बाद मुझे जूही चावला के साथ कुरकुरे का ऐड मिला। बाद में मुझे पता चला कि सुनील ग्रोवर ने भी शाहरुख का लुक अलाइक बनकर ऑडिशन दिया था, लेकिन वो काम मुझे मिला।

मुझे 25 हजार रुपए मिले, जिसमें से मुझे 16 हजार मिले। मैं बहुत खुश हुआ। किराए का घर लिया और सबसे पहले बीवी बच्चे को बुलाया। ना घर में बिस्तर थे ना ही बर्तन। कभी जमीन में सोए, स्ट्रगल किया। धीरे-धीरे घर सेट हुआ।

ऐड से पॉपुलैरिटी मिली और मिली ओम शांति ओम फिल्म

कुरकुरे का ऐड फेमस हो गया और लोग पहचानने लगे कि शहर में एक और शाहरुख जैसा दिखने वाला शख्स आया है। फेमस होते ही मुझे ओम शांति ओम फिल्म के लिए कॉल आया। फिल्मिस्तान स्टूडियो में लुक टेस्ट के लिए पहुंचा। फराह खान से मिला तो प्रोडक्शन के लोग मुझे शाहरुख समझकर ग्रीट करने लगे। फराह खान मुझसे मिलकर सरप्राइज हो गईं और उन्होंने तुरंत शाहरुख को कॉल किया और कहा, शाहरुख तुम्हें आने की जरूरत नहीं है, हमें शाहरुख मिल गया है।

डुप्लीकेट शाहरुख की स्टार शाहरुख से पहली मुलाकात

मैंने असिस्टेंट से कहा, जब भी शाहरुख आएं तो मुझे बताना। मैं हमेशा से उनसे मिलना चाहता था। जैसे ही शाहरुख आए, मैं उन्हें दूर से देखता रहा। मैंने पास जाकर उनके पैर छुए। बातचीत शुरू हुई और मस्ती-मजाक होने लगा। जितने शॉट दिए उसमें बहुत तारीफें मिलीं। मैंने फिल्म में सिर्फ 2 दिन काम किया। फीस 24 हजार मिलनी थी, लेकिन मुझे सिर्फ 2 हजार मिले। बाकी पैसे कोऑर्डिनेटर ने रख लिए। मैं शाहरुख से पहली बार मिलकर इतना खुश था कि मैं उन 2 हजार में भी बहुत खुश था। वो काम बहुत अनमोल था।

लगातार काम नहीं मिलता था तो मुफ्त में किया काम

एक फिल्म तो मिली, लेकिन लगातार काम नहीं मिलता था। कभी मुफ्त में स्टेज शो किए तो कभी दिनभर के 300 रुपए मिले। एक समय तो ऐसा भी आया जब मेरे पास दूध खरीदने तक के पैसे नहीं थे। मैं पैसे बचाने के लिए मीरा रोड स्टेशन से घर तक 5 किमी पैदल चलता था। बहुत मुश्किल समय था। दोस्तों से 10-20 रुपए उधार लिया करता था।

दुबई गए, लेकिन परिवार की हालत देख 3 महीने में वापस आए

2008 तक मुंबई में काम नहीं मिला तो मैं दुबई चला गया, स्टेज शो किए, कभी एंकर बना, गाना गाया। जिस क्लब में मैंने काम किया वो मेरे रहते ही दुबई का नंबर 1 क्लब बन गया। यहां मुंबई में मेरी बीवी, बच्चे की हालत खराब हो गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बच्चे की बिगड़ी हालत देखकर मैंने 3 महीने में ही वापस आना चाहा तो क्लब वालों ने पासपोर्ट रखकर मुझे छोड़ने से इनकार कर दिया। वापस आने का वादा किया तो भारत आने को मिला। जो थोड़े बहुत पैसे जमा किए थे, उनसे मैंने भायंदर में EMI पर एक फ्लैट लिया। धीरे-धीरे सफर चलता रहा।

दूसरे बच्चे की डिलीवरी के नहीं थे पैसे, पत्नी डिप्रेशन में, नींद की गोली लेती हैं

थोड़ा बहुत काम से घर चलाना मुश्किल था। इसी बीच मेरा दूसरा बच्चा हुआ। मेरे पास बच्चे की डिलीवरी तक के पैसे नहीं थे। मेरे दोस्तों ने 30 हजार रुपए उधार दिए। फैमिली का सपोर्ट भी नहीं था। वाइफ की सर्जरी हुई थी तो डॉक्टर ने कहा- डेढ़ महीने रेस्ट करना है। मेरे घरवाले नहीं आए। वाइफ के घरवाले आए जरूर, लेकिन वो ये कहकर ही अगले दिन चले गए कि तुम खुद अपना परिवार संभालो। पत्नी ने डिलीवरी के अगले दिन से ही काम शुरू कर दिया। उसके हार्मोन्स डिस्बैलेंस हो गए और वो डिप्रेशन में चली गईं। मेरी वाइफ अब पहले जैसे स्ट्रॉन्ग और एक्टिव नहीं हैं। वो बिना नींद की दवाई के नहीं रह सकतीं।

धीरे-धीरे शाहरुख खान के साथ फिल्में मिलने लगीं। मेरी मेहनत देखकर उन्होंने भी मुझे कई जगह काम दिलवाया। कहीं मुझे 2 हजार मिलते, तो कहीं 3 हजार। आगे एक ऐड के 10 हजार तक मिलने लगे।

शाहरुख ने खुद बनाया प्रशांत को ऑफिशियल लुक अलाइक

साथ काम करते-करते शाहरुख खान ने खुद ही अपनी टीम में मेरा नाम डालना शुरू कर दिया। फिर मेरे पास डायरेक्ट प्रोडक्शन से कॉल आने लगा। कभी मुझे 50 हजार और 30 हजार रुपए मिल जाते हैं। विदेश में शूटिंग के लिए मुझे 3 लाख तक मिले हैं।

फैन फिल्म से इतने पैसे मिले कि गोरेगांव में घर खरीदा

फैन फिल्म में मेरा 60 दिनों का काम था, इस फिल्म से मुझे अच्छे-खासे पैसे मिले थे। मैंने उन पैसों से गोरेगांव में घर खरीदा था।

शाहरुख के विवादों के कारण प्रशांत को कर दिया गया बायकॉट

जिंदगी तब बदली जब शाहरुख भाई की फिल्में चलना बंद हो गईं। जब ऑरिजिनल स्टार्स चलते हैं, तब ही हम भी चलते हैं। उनके कुछ विवादित बयानों के चलते लोगों ने उनका बहिष्कार किया तो मेरा भी बायकॉट कर दिया गया। लोग कहते थे कि भले ही मैं हिंदू हूं, लेकिन एक मुस्लिम की छवि से काम करता हूं। मुझे काम मिलना बंद हो गया।

काम रुका तो मैं फिर 2019 में दुबई चला गया। बॉलीवुड दुबई पार्क में काम करते हुए मुझे एक महीने के 2 लाख रुपए मिलते थे। मुझे लोन चुकाना था और सेटल होना था। उस समय शाहरुख का कोई काम नहीं चल रहा था, क्योंकि उनकी लगातार 5 फिल्में फ्लॉप हुई थीं। 4 महीने तक काम ठीक चला और फिर कोरोना आने से काम रुक गया। हमें मुंबई भेज दिया गया।

नागपुर पहुंचकर बनाई फिल्म

मैं परिवार को लेकर नागपुर आ गया। मैंने खुद एक फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी और जान पहचान वालों के साथ फिल्म बनाई। फिल्म रिलीज से पहले ही सब अपने-अपने पैसे लेकर निकल गए और मैं अकेला पड़ गया। शाहरुख भाई की मदद से मेरी फिल्म के 150 आर्टिकल पूरी दुनिया में छपे। उन्हीं की ब्रांड वैल्यू से मेरा प्रमोशन हुआ। फिल्म 125 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई।

लोग उड़ाते हैं मजाक

मैं शोज में शाहरुख का डुप्लीकेट बनकर जाता हूं तो लोग बहुत मजाक उड़ाते हैं। लोग छेड़ते हैं, बुरे कमेंट्स करते हैं। कोई नल्ला कह देता है, कोई बेइज्जती करते हुए हंस देता है। बहुत दुख होता था। तब ही सोच लिया था कि अपनी पहचान बनानी है। इसलिए मैंने फिल्म बनाई।

किस्से जब प्रशांत को असली शाहरुख समझ बैठी भीड़

मैं एक बार चेन्नई में बर्थडे के लिए शूटिंग कर रहा था। जैसे ही शूटिंग खत्म हुई तो मैंने सोचा उन्हें बर्थडे विश कर दूं। मैं प्रोडक्शन की गाड़ी की इजाजत लेकर उसी से गया था। मैं जैसे ही मन्नत गया तो मैंने उनके पर्सनल बॉय को कॉल किया। उसने बताया कि शाहरुख सो रहे हैं, वो 11ः30 बजे उठेंगे। मैं उसी समय केक और फूल लेकर पहुंचा। घर के सामने गाड़ी पार्क करके जैसे ही उतरा तो लोगों की भीड़ मेरी तरफ आने लगी। मुझे लगा ये लोग मुझे असली शाहरुख समझ रहे हैं, तस्वीरें लेकर चले जाएंगे।

लोगों ने अचानक ही खींचा-तानी करना शुरू कर दी। वो कार तक डैमेज हो गई। शुक्र है कि पुलिस पहुंची और उन्होंने मुझे वहां से बचाया। अगर पुलिस मुझे नहीं बचाती तो मेरे कपड़े तक फट सकते थे। मुझे पुलिस वैन में बैठाया गया, जहां पहले ही कुछ शाहरुख के फैन बैठे हुए थे। पुलिस मुझे पकड़कर बांद्रा पुलिस स्टेशन ले गई। जब शाहरुख के पर्सनल बॉय का कॉल आया तो मैंने बताया कि मुझे पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस ने जब पूछताछ की तो मैंने सच्चाई बताई।

मैं करीब आधे घंटे तक पुलिस स्टेशन में बैठा रहा। पुलिस वालों ने वहीं मुझसे कुछ डायलॉग बुलवाए और गाने की फरमाइश की। मैंने उनका खूब मनोरंजन किया। अगर उस वक्त पुलिस नहीं आती तो मैं बच नहीं पाता। मैं डर से शॉक में चला गया था। पुलिस ने मुझसे रिक्वेस्ट की कि अब दोबारा कभी वहां मत जाना।

शाहरुख की बालकनी में जाकर फैंस को कर चुके हैं ग्रीट

फैन फिल्म की शूटिंग शाहरुख के घर मन्नत के सामने भी हुई थी। बर्थडे का सीन शूट करना था। जिस बालकनी में शाहरुख फैंस से मिलने खड़े होते हैं, वहां शाहरुख ने मुझे भेज दिया। लोगों को लगा सच में मैं शाहरुख हूं। मैं वहां से हाथ हिलाता रहा और शूटिंग हो गई।

डियर जिंदगी फिल्म की शूटिंग गोवा में हुई थी। भीड़ पहले से ही शाहरुख से मिलने के लिए शूटिंग रुकने का इंतजार कर रही थी। डायरेक्टर और शाहरुख दोनों जानते थे कि जैसे ही पैक-अप बोला जाएगा वैसे ही भीड़ हमला कर देगी। ऐसे में दोनों ने प्लान बनाया कि पैक-अप नहीं बोला जाएगा। गौरी ने गलती से पैक-अप बोल दिया, लेकिन जैसे ही शाहरुख ने उन्हें आंख मारी तो गौरी ने कहा फिर से टेक लेंगे। मैं समझ चुका था। दूसरे टेक से पहले मैं लोगों के बीच जाकर पोज देने लगा। भीड़ मेरी तरफ आ गई और शाहरुख वहां से निकल गए। कुछ समय बाद पब्लिक समझ गई कि शाहरुख जा चुके हैं और मैं नकली शाहरुख हूं।

मैं लखनऊ ताजबाग में शूटिंग के लिए पहुंचा। वहां किसी ने खबर फैला दी कि शाहरुख खान आए हैं। लोगों की ऐसी भीड़ जमा हुई कि मुझे एक घर में 2 घंटे तक छिपना पड़ा। मौका मिलते ही मैं भागा तो भीड़ मेरे पीछे भागने लगी।

शाहरुख के ही कपड़े पहनकर करते हैं शूटिंग

शूटिंग में अक्सर मेरे और शाहरुख के लिए एक जैसे दो कपड़े तैयार किए जाते हैं, लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ जब शाहरुख ने शूटिंग में अपने पर्सनल कपड़े इस्तेमाल किए। ऐसे में वो अपने पर्सनल कपड़े मेरे लिए छोड़कर जाते हैं, जिन्हें पहनकर मैं शूटिंग करता हूं।

शाहरुख खुद करते हैं नुकसान की भरपाई

जब शाहरुख की फिल्मों के कारण प्रशांत को अपने दूसरे प्रोजेक्ट छोड़ने पड़ते हैं, तो शाहरुख खुद उन्हें छोड़े गए प्रोजेक्ट के पैसे देते हैं। मैं कई बार कहता हूं कि मेरी गैरमौजूदगी में किसी और को ले लो, लेकिन वो ऐसा नहीं करते।

टिकटॉक आने के बाद काम मिलना हुआ कम

पहले पूरी मुंबई में तकरीबन 25-30 ही लुक अलाइक हुआ करते थे। उस समय काम बहुत ज्यादा मिलता था। ऐसे में किसी को काम की कमी नहीं रहती थी, लेकिन फिर टिकटॉक आ गया, वॉट्सऐप आया तो कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ गया। अब हर घर में कलाकार आ गए।

इसी तरह की हस्तियों की कहानी जानने के लिए नीचे दी गई खबर पढ़ें-

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