भास्कर इंटरव्यू:'द बिसलब्लोअर' की एक्ट्रेस सोनाली कुलकर्णी बोलीं- मैंने गलत के खिलाफ हमेशा आवाज उठाई है

6 महीने पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय
  • कॉपी लिंक

सोनाली कुलकर्णी, सचिन खेडेकर, ऋत्विक भौमिक, अंकिता शर्मा स्टारर 9 एपिसोड की वेब सीरीज 'द बिसलब्लोअर' 16 दिसंबर को सोनी लिव पर स्ट्रीम होने जा रही है। इसमें सोनाली एडिटर की भूमिका में डॉक्टर के कारनामों का पर्दाफाश करते दिखाई देंगी। इसके अलावा उनकी दो वेब सीरीज क्रैकडाउन-2 और धारावी बैंक की तैयारी चल रही है। सितारा और शॉट एंड स्वीट फिल्म सहित तीसरी मराठी फिल्म भी आने वाली है। सोनाली ने सीरीज और अपने तहत बताया:

मेरा किरदार गलत के साथ न्याय करता है:
शो की कहानी बड़ी मजेदार है। मेडिकल प्रोफेशन को हम भगवान मानते हैं। बड़ा पवित्र और महान है। ऑपरेशन सक्सेस होने पर डॉक्टर के पैर भी छूते हैं। वहीं अगर इस प्रोफेशन में कुछ गलत घटनाएं घटती है, तब हमारा विश्वास हिल जाता है। जिनके साथ अप्रिय घटनाएं होती नहीं हैं, वे विश्वास भी नहीं करते हैं। डिसमिस करने से कहानी शुरू होती है। सीरीज में मेरा किरदार जेनाब पारकर का है, जो न्यूज चैनल की एडिटर है।

यह किस तरह से गलत घटना के साथ न्याय करती है। अलग-अलग किरदारों से मिलकर स्टोरी करती है। इससे जनता को क्या फर्क पड़ता है, ये चीजें शो में दिखेगी। शो का मुद्दा सिर्फ मेडिकल प्रोफेशन के बारे में नहीं, बल्कि गलत घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने को लेकर है।

मेरे डॉक्टर को पता है कि उन्हें कितना मानती हूं:
यह कैरेक्टर हाथ में लेते वक्त मेरे मन में जरा भी किंतु-परंतु और संदेह नहीं था, क्योंकि मेरे फैमिली डॉक्टर से लेकर स्पेशलिस्ट तक, जितने भी डॉक्टर हैं, उनको पता है कि उन्हें कितना मानती हूं। मुझे लगता है कि डॉक्टर के हाथ में मरीज को जान बचाने की कला है। इससे बड़ी कला और कोई हो नहीं सकती। अगर किसी भी प्रोफेशन में कोई गलत कर रहा है, तब उस इंसान की सोच गलत है। वह प्रोफेशन गलत नहीं है। कोरोना काल में जो अहमियत डॉक्टर को मिल रही है, वे उसके हकदार हैं। कुछ लोग ऐसे हैं, जो गलत काम करते हैं। उनके साथ जो इंसाफ करना होगा, वह भगवान देख लेगा उसे हमें क्यों तय करें।

इस कैरेक्टर के लिए सालों का अनुभव काम आया। बस, उन यादों को थोड़ा याद करना पड़ा। अब तक इतने सारे पब्लिकेशन हाउसेस में गई हूं। चैनल के ऑफिस में जाकर एडिटर से मिलने का मिला है। मेरे कई फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर रिपोर्टर दोस्त है। ऊपरी तौर पर मुझे पता है कि यहां क्या-क्या होता है, डेडलाइन पर शो शुरू करना पड़ता है या स्टोरी फाइल करना होता है। इन बातों को बड़े करीब से देखा है। यह कैरेक्टर मुझे नरेट किया गया, तब सारी यादें मेरे साथ थी, इसलिए किसी एक एडिटर को कॉपी करने की कोशिश नहीं की। डायरेक्टर मनोज पिल्ले का कहना था कि किसी को इमिटेड मत करो। हम एक जेहनाव बनाते हैं, जो लोगों को पसंद आएगी।

पैंडमिक में शूटिंग रोकनी पड़ी:
इसकी शूटिंग मुंबई, लोनावाला और भोपाल में हुई है। लेकिन मेरी यूनिट, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर ने काफी कुछ झेला है, क्योंकि पैंडमिक में शूटिंग रोकनी पड़ी। अलग-अलग शहरों में जाना पड़ा। करीब से देखा कि लॉक डाउन आ गया और यूनिट अटक गई, पर शो को पैशन के साथ कंप्लीट किया है। किसी भी सीन के साथ कंप्रोमाइज नहीं किया गया है। ऐसे में इस शो का सेक्सेसफुल होना बहुत जरूरी है।

बार-बार मेकअप करना पड़ता था:
भोपाल में शूटिंग चल रही थी, तम एक-दो नहीं, बल्कि कई बार ऐसा हुआ कि यहां आने-जाने के लिए फ्लाइट कैंसिल हो गई फिर तो दो-दो दिन रुकना पड़ा। हमारे सामने चैलेंजेस थे कि पैंडमिक वापस कैसे जाए और डेट कैसे अलॉट करें। यह भी था कि बार-बार मास्क पहनना पड़ा था, जिससे मेकअप निकल जाता था। मास्क निकाल नहीं सकते थे, क्योंकि गर्वमेंट का रूल था, जो हमारी सेफ्टी के लिए बनाया गया था। इस तरह छोटे से लेकर बड़े चैलेंस फेस किए। लेकिन अच्छा लगा।

खबरें और भी हैं...