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दिल्ली क्राइम 2 की तिलोत्तमा से बातचीत:न्यूयॉर्क की जेल में कैदियों के साथ काम कर समझा किरदार, बोलीं- अब ऐसे रोल मिलेंगे तो नहीं करूंगी

15 दिन पहले

नेटफ्लिक्स की पॉपुलर सीरीज दिल्ली क्राइम का दूसरा सीजन 26 अगस्त को आ चुका है। सीरीज में शेफाली शाह, रसिका दुग्गल, राजेश तेलंग और आदिल शेख अहम किरदारों में हैं। इस सीजन में जो किरदार सबसे ज्यादा चर्चा में रहा वो है लता का जिसका किरदार एक्ट्रेस तिलोत्तमा शोम ने प्ले किया है। तिलोत्तमा ने फिल्म में साइको सीरियल किलर का रोल प्ले किया है जो अपने सपने को पूरा करने के लिए बेरहमी से लोगों का कत्ल करती है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में तिलोत्तमा ने अपने किरदार और इससे जुड़ी कई दिलचस्प बातें कीं हैं। पढ़िए इस बातचीत का प्रमुख अंश-

दिल्ली क्राइम में साइको किलर बनने का एक्सपीरिएंस कैसा था?

मैंने बहुत ज्यादा फोकस नहीं किया और मैं उसे साइको किलर नहीं कहूंगी। वो एक ऐसी लड़की का रोल है जो हम लोगों जैसी ही है। हम ये कबूल नहीं करेंगे, लेकिन वो हम जैसी ही लड़की है। वो डीप साइकोसिस से परेशान है, क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो वो लोगों को नहीं मारती। मेरा फोकस इस पर था कि लता के सपने क्या हैं, हम जैसों कि तरह, हम दिखना चाहते हैं। हम किसी भी तरह अपनी जिंदगी को महत्वपूर्ण बनाना चाहते हैं। हम अपनी स्टोरी लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। हमारे सपने हैं, हमारी इच्छाएं हैं, लेकिन कुछ लोगों को सपने देखने की इजाजत नहीं होती। मैंने लता के सपनों पर फोकस किया और कैसा बुरा महसूस होता है जब सपने को इजाजत नहीं मिलती। सिर्फ इसलिए क्योंकि आप एक औरत हैं आपके सपनों को दबाया जाता है। जब आपको कहा जाता है कि तुम औरत हो सिर्फ बच्चे पैदा करो और जॉब नहीं कर सकती। आपके अंदर कुछ मर जाता है और इसका जिम्मेदार कौन है। लता कि यही कहानी है।

क्या आपको लगता है कि सपने के लिए गलत रास्ता चुनना ठीक है?

नहीं, बिल्कुल भी नहीं। हमारी सोसाइटी सिर्फ अच्छे, बुरे। कसूरवार या बेकसूर। बहुत लोग हैं जिन्होंने बहुत टेरिबल क्राइम किया है, क्योंकि उनके साथ कुछ बीता है। हमें खुद से पूछना चाहिए। क्योंकि ये आपके या आपको करीबियों के साथ भी हो सकता है।

इस रोल के लिए आपने कैसे तैयारी की?

जब मैंने अपने करियर की पहली फिल्म की थी मानसून वेडिंग, उसके बाद में ड्रामा थैरेपी पढ़ने न्यूयॉर्क गई थी। इसके बाद मैंने राइकर आइलैंड की जेल में काम किया। वो महिलाओं और पुरुषों की एक हाई सिक्योरिटी जेल है। वहां स्टूडेंट्स और कैदियों के साथ काम करने पर मैंने क्राइम और उसकी सजा की पैचीदगी को समझा। वहां 2 साल तक काम करने से मैंने ना सिर्फ दिल्ली क्राइम की लता की तैयारी की बल्कि जिंदगी की भी तैयारी की। जब आप जेल में काम करते हैं तो आप सवाल करना शुरू करते हैं कि क्राइम तो गलत है, लेकिन क्यों होता है। अगर इस सवाल का सही जवाब आप दे पाएं तो पता चलेगा कि सजा कैसी होनी चाहिए। क्योंकि दोष सिर्फ उसका नहीं होता जिसने क्राइम किया है। मैं बस यही दिखाना चाहती थी कि लता ने जो किया वो गलत है, लेकिन उसने वो जुर्म किया क्यों। मैंने बस यही तैयारी की।

सेट पर शूटिंग के समय कैरेक्टर स्विच करना कैसा था?

ये मेरा काम है। मैं असल में किसी का मर्डर नहीं कर रही थी। मुझे जब मारना था तो मैं नकली हथोड़े से तकिया को मारती थी। तो ऐसा कुछ नहीं था कि मुझे डार्क सीन में जाना है या किसी को असली में मारना है। सीन कट होते ही मैं तिलोत्तमा थी।

क्या सीरीज आने के बाद आपको इसी तरह के रोल मिल रहे हैं, क्या रिस्पॉन्स मिल रहा है?

इसी तरह के रोल मिलेंगे तो ना बोल दूंगी। वो तो बोरिंग हो जाएगा। लेकिन मैं बहुत एक्साइटेड हूं क्योंकि दिल्ली क्राइम के बाद मेरे पास कुछ बहुत ही एक्साइटिंग काम हैं। शो से बहुत प्यार मिला। ये सब ऑडियंस की वजह से हुआ क्योंकि उन्होंने लता को और शो को कबूल किया। मेरे पास पिछले एक हफ्ते में बहुत सारा काम आया है, लेकिन उनमें से कुछ भी लता की तरह नहीं है।

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