कोरोना में एक और बुरी खबर:बीते जमाने की दिग्गज अभिनेत्री कुमकुम का 86 साल की उम्र में निधन, प्यासा, CID, मदर इंडिया जैसी फिल्मों में किया था काम

एक वर्ष पहले
कुमकुम ने अपने करियर में 100 से ज्यादा बॉलीवुड फिल्मों में काम किया था।

बॉलीवुड के लिए मंगलवार का दिन एक और बुरी खबर लेकर आया, जब बीते जमाने की मशहूर एक्ट्रेस कुमकुम का 86 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थीं। उन्होंने मदर इंडिया, आर-पार, CID जैसी कई मशहूर हिंदी फिल्मों में काम किया था। उनकी मौत के बारे में मशहूर एक्टर जॉनी वॉकर के बेटे नासिर और जगदीप के बेटे नावेद ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी।

इस बारे में बताते हुए नासिर खान ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'बीते जमाने की फिल्म अभिनेत्री कुमकुम आंटी का निधन, वो 86 साल की थीं। उन्होंने कई फिल्में, गाने और डांस किए, जो उन पर फिल्माए गए थे। उन्होंने मेरे पिता जॉनी वॉकर के साथ भी कई फिल्में की थीं। जिनमें से दो सबसे प्रसिद्ध फिल्में #प्यासा और #CID है।'

आगे उन्होंने लिखा, 'वे अमर गाने 'ये है बॉम्बे मेरी जान' में भी पिता के साथ दिखी थीं। अल्लाह उन्हें जन्नत प्रदान करे। उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं। एक और रत्न चला गया। #ripkumkum'

गुरुदत्त ने दिया था पहला ब्रेक

कुमकुम का जन्म बिहार के हुसैनाबाद के बेहद प्रतिष्ठित नवाब परिवार में 22 अप्रैल 1934 को हुआ था। उनका असली नाम जैबुन्निसा था। वे 1954 में आई 'आरपार' के गाने 'कभी आर कभी पार लागा तीरे नजर' में पहली बार नजर आई थीं। उन्हें इंडस्ट्री में लाने का श्रेय गुरुदत्त को दिया जाता है।

इस गीत का फिल्मांकन पहले नावेद जाफरी के पिता जगदीप पर होना था, लेकिन गुरुदत्त साहब ने ही इसे एक महिला पर फिल्माने का फैसला किया था। क्योंकि उस वक्त कोई बड़ी कलाकार एक छोटा सा गाने के लिए तैयार नहीं थी, इसलिए इसे कुमकुम के साथ शूट किया गया था।

सौ से ज्यादा फिल्मों में काम किया

करीब 20 साल के अपने करियर में कुमकुम ने सौ से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने 50 से 60 के दशक के दौरान सबसे ज्यादा फिल्में कीं। इस दौरान गुरुदत्त, किशोर कुमार, दिलीप कुमार, देवानंद समेत कई बड़े सितारों के साथ काम किया।

आर-पार (1954), मिस्टर एंड मिसेस 55 (1955), हाउस नंबर 44 (1955), सीआईडी (1956), फंटूश (1956), प्यासा (1957), नया दौर (1957), मदर इंडिया (1957), शरारत (1959), उजाला (1959), दिल भी तेरा हम भी तेरे (1960), कोहिनूर (1960), सन ऑफ इंडिया (1962), मिस्टर एक्स इन बॉम्बे (1964), गंगा की लहरें (1964), एक सपेरा एक लुटेरा (1965), राजा और रंक (1968), आंखें (1968), गीत (1970), ललकार (1972) और एक कुंवारा-एक कुंवारी (1973) उनकी मशहूर फिल्में हैं। कुमकुम ने 1963 में एक भोजपुरी फिल्म 'गंगा मैया तोहे पियारी चढ़ाईबो' में भी काम किया था। इसे भोजपुरी इंडस्ट्री की सबसे पहली बनी फिल्म भी माना जाता है।

जगदीप के बेेटे ने भी ट्वीट किया

इस बारे में जानकारी देते हुए नावेद जाफरी ने अपने ट्वीट में लिखा, 'हमने एक और रत्न खो दिया है। मैं उन्हें तब से जानता था, जब मैं बच्चा था और वे हमारे लिए परिवार की तरह थीं। एक बेहतरीन कलाकार और शानदार इंसान। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे कुमकुम आंटी।' इससे एक दिन पहले एक्शन डायरेक्टर परवेज खान का निधन हुआ था।

निर्देशक अनिल शर्मा ने भी दी श्रद्धांजलि

अनिल शर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा, 'बीते दौर की सुंदर और प्रतिभाशाली अभिनेत्री... जिन्होंने कई सुपरहिट फिल्में और महान गाने किए... आज चल बसीं... ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं और प्रार्थनाएं।'

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