• Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Vishal Dadlani Slams Kangana Ranaut's India's Independence Was 'bheek' Remark, He Reminds Her Of Bhagat Singh So She Never Again Dares To Forget

बयान पर विवाद:कंगना के आजादी वाले बयान पर भड़के विशाल ददलानी, भगत सिंह की याद दिला कर बोले-फिर कभी भूलने की हिम्मत न करें

2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

एक्ट्रेस कंगना रनोट ने हाल ही में आजादी को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिसके कारण उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। उनका जगह-जगह जमकर विरोध भी हो रहा है और उनके खिलाफ अब तक कई शहरों में FIR भी दर्ज करवाई जा चुकी हैं। अब सिंगर-म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कंगना रनोट का नाम लिए बिना उनके बयान पर गुस्सा जाहिर किया है। इस पोस्ट के जरिए विशाल ने कंगना को यह याद दिलानी की बात कही है कि हमें आजादी 'भीख' में नहीं मिली है।

विशाल ददलानी ने पोस्ट में अपनी एक फोटो शेयर की है, जिसमें उन्होंने ब्लैक कलर की टी-शर्ट पहनी है। इस टी-शर्ट पर शहीद भगत सिंह की फोटो है और लिखा है-'जिंदाबाद'। इस फोटो के कैप्शन में विशाल ने लिखा है, "उस महिला को याद दिलाएं जिसने कहा था कि हमारी आजादी 'भीख' में मिली थी। मेरी टी-शर्ट पर शहीद सरदार भगत सिंह हैं, जो एक नास्तिक, कवि दार्शनिक, स्वतंत्रता सेनानी, भारत के पुत्र और एक किसान के बेटे हैं।"

फिर कभी भूलने की हिम्मत न करें
विशाल ददलानी ने आगे लिखा, "उन्होंने 23 साल की उम्र में हमारी और भारत की आजादी के लिए अपनी जान दे दी। अपने होठों पर एक मुस्कान और एक गीत के साथ फांसी पर चढ़ गए। उसे याद दिलाएं सुखदेव, राजगुरु, अशफाकउल्लाह और उन सभी हजारों लोगों की, जिन्होंने झुकने और भीख मांगने से इनकार कर दिया था। उसे विनम्रता से याद दिलाएं, लेकिन दृढ़ता से ताकि वह फिर कभी भूलने की हिम्मत न करें।" विशाल का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कंगना रनोट का विवादित बयान
दरअसल, कंगना रनोट ने अपने एक बयान में कहा था कि 1947 में आजादी नहीं, बल्कि भीख मिली थी। और देश को जो असली आजादी मिली है, वह 2014 में मिली जब नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी की सरकार सत्ता में आई। उनके इस बयान के बाद से खूब बवाल मच रहा है। हर तरफ उनकी आलोचना हो रही है। बहुत लोगों ने इस बयान पर कंगना का पद्म श्री सम्मान वापस लिए जाने की मांग भी की है। इसके अलावा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग भी उठ रही है।

कंगना की अपने बयान पर सफाई
कंगना रनोट ने हाल ही में अपने बयान पर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई उन्हें यह बताए कि 1947 में क्या हुआ था तो वह अपना पद्म श्री सम्मान लौटा देंगी। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया स्टोरी पर लिखा, "इस इंटरव्यू में सारी बातें साफ तौर पर कही गई थीं कि 1857 में आजादी के लिए पहली संगठित लड़ाई लड़ी गई....साथ में सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई और वीर सावरकर जी के बलिदान पर भी बात की गई। 1857 का मुझे पता है, लेकिन 1947 में कौन सी लड़ाई लड़ी गई इसकी मुझे जानकारी नहीं है। अगर कोई मेरी इस बात पर जानकारी बढ़ाए तो मैं अपना पद्म श्री अवॉर्ड वापस कर माफी मांग लूंगी... कृपया मेरी मदद करें।"

खबरें और भी हैं...