महमूद की बर्थ एनिवर्सरी:जब सेट पर लेट आने के चलते महमूद ने जड़ दिया था राजेश खन्ना को तमाचा, अंतिम दिनों में अमिताभ बच्चन से हो गई थी अनबन!

2 महीने पहले
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मशहूर कॉमेडियन, एक्टर और डायरेक्टर महमूद अली की 29 सितंबर को बर्थ एनिवर्सरी है। महमूद इंडस्ट्री के उन चुनिंदा कलाकारों में से एक रहे जिन्होंने अपने टैलेंट का लोहा मनवाया। बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। उनके कई किस्से मशहूर हैं। पहले हम बात करते हैं फिल्मो में उनकी एंट्री की। जिस तरह से महमूद फिल्मों में लोगों को गुदगुदाने और हंसाने का काम करते थे, ठीक उनके फिल्मों में आने का वाकया भी मजेदार था।

खेलते-खेलते मिल गया फिल्म में काम

दादा मुनि यानी अशोक कुमार अपनी फिल्म किस्मत की शूटिंग कर रहे थे। उन्हें एक चाइल्ड आर्टिस्ट की जरूरत थी। महमूद बचपन में खूब शैतानी करते थे। दादा मुनि की नजर एक बच्चे पर पड़ी जो शूटिंग स्पॉट के पास ही खेल रहा था और शैतानियां कर रहा था। उन्हें लगा ये लड़का फिल्म के रोल के लिए बिल्कुल सही है। बस फिर क्या था अशोक कुमार ने महमूद को फिल्म में रोल दे दिया।

महमूद ने पैसे कमाने कई तरह के काम किए। उन्होंने डायरेक्टर पीएल संतोषी के पास बतौर ड्राइवर रहे है। तब उन्हें 75 रुपए सैलरी मिलती थी। एक समय पर वे मशहूर एक्ट्रेस मीना कुमारी को टेबल टेनिस भी सिखाया करते थे। महमूद स्वाभिमानी बहुत थे। मीना कुमारी ने मशहूर प्रोड्यूसर-डायरेक्टर बीआर चोपड़ा से कहा कि आप फिल्म में महमूद को जरूर रोल दीजिए। जब इस सिफरिश का महमूद को पता चला तो, उन्होंने साफ मना कर दिया और फिल्म से बाहर हो गए। महमूद अपने स्वाभिमान को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। वे नहीं चाहते थे किसी सिफारिश की वजह से उन्हें काम मिले। बाद में एक्टर- प्रोड्यूसर और डायरेक्टर गुरुदत्त के साथ उनकी ट्यूनिंग बनी। गुरुदत्त की फिल्म प्यासा में महमूद को एक छोटा सा रोल मिल गया। इस तरह महमूद ने बतौर एक्टर एंट्री ली और फिर डायरेक्टर भी बन गए।

सेट पर लेट आते थे सुपरस्टार राजेश खन्ना तो जड़ दिया चांटा
1979 में महमूद ने अपनी फिल्म 'जनता हवलदार' के लिए राजेश खन्ना को साइन किया था। फिल्म की शूटिंग के दौरान एक बार महमूद के बेटे राजेश खन्ना से हाय-हेलो करके चले गए। राजेश को ये बात बुरी लगी। उन्हें लगा कि ये उनका अपमान है। इसके बाद से राजेश हमेशा सेट पर लेट आने लगे। महमूद को शूट के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। एक बार इसी झल्लाहट में महमूद ने राजेश खन्ना को थप्पड़ जड़ दिया। महमूद ने कहा कि राजेश खन्ना से कहा कि हमने आपको फिल्म के लिए पूरे पैसे दिए हैं, आपको शूटिंग पूरी करनी होगी। इसके बाद से राजेश टाइम पर आने लगे।

महमूद अमिताभ को बेटे की तरह मानते थे।
महमूद अमिताभ को बेटे की तरह मानते थे।

अमिताभ को दिया आसरा, अंतिम दिनों में हुई अनबन
बॉम्बे टू गोवा फिल्म से महमूद ने ही अमिताभ बच्चन को बड़ा ब्रेक दिया था। महमूद अमिताभ को बेटे की तरह मानते थे। लेकिन महमूद की मौत से कुछ साल पहले महमूद और अमिताभ के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। दरअसल एकबार अमिताभ पिता हरिवंश राय को लेकर मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल गए थे। वहां पर महमूद भी एडमिट थे। तब उनकी बायपास सर्जरी हुई थी। महमूद ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ये जानते हुए कि मैं वहां एडमिट हूं, अमिताभ मुझसे मिलने नहीं आए। अमिताभ ने बता दिया कि असली बाप ही असली होता है, मैं तो नकली था। खबरों के मुताबिक महमूद ने अमिताभ को एहसान फरामोश कहा था।

जब किशोर दा ने नहीं दिया महमूद को काम
एक समय ऐसा भी था जब लगभग हर फिल्म में महमूद के लिए एक मजबूत रोल रखा जाने लगा था। फिल्म में महमूद का किरदार अपने आप में एक कहानी होता था। कई बार वे फिल्म के हीरो से ज्यादा फीस लिया करते थे। उस दौर के सभी हीरो फिल्म में महमूद के होने पर अक्सर अपना नाम वापस ले लिया करते थे। लेकिन खुद महमूद को किशोर कुमार से डर रहता था। वे कहते थे कि मैं सभी एक्टर्स की सीमा जानता हूं कि कौन कितने पानी में है, लेकिन किशोर का पता लगाना थोड़ा मुश्किल है। वो कभी भी कुछ भी कर जाते हैं।

महमूद को किशोर कुमार से डर लगता था।
महमूद को किशोर कुमार से डर लगता था।

महमूद ने एक बार किशोर कुमार से उनकी किसी फिल्म में खुद को रोल देने की गुजारिश की थी। तब किशोर दा ने उनसे कहा कि वह ऐसे किसी व्यक्ति को मौका कैसे दे सकते, जो भविष्य में उन्हें चुनौती दे सकता है। उनकी इस बात पर महमूद ने भी बड़ा दिलचस्प जवाब दिया कि एक दिन जब मैं भी बड़ा फिल्मकार बन जाऊंगा तब आपको जरूर अपनी फिल्म में भूमिका दूंगा। इसके बाद महमूद ने अपनी होम प्रोडक्शन की फिल्म ‘पड़ोसन’ में किशोर को रोल दिया। लंबी बीमारी के बाद 2004 में अमेरिका में उन्होंने दम तोड़ दिया था।

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