70 के दशक की ट्रेंड सेटर थीं जीनत:लगातार फ्लॉप फिल्मों से परेशान होकर छोड़ने वाली थीं फिल्म इंडस्ट्री, देव आनंद की सलाह से बनीं स्टार

2 महीने पहले

70 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस जीनत अमान का 71वां बर्थडे है। जीनत अमान ने उस दौर में फिल्मी इंडस्ट्री में कदम रखा था, जब एक्ट्रेसेस इंडियन लुक में ज्यादा नजर आती थीं, लेकिन वेस्टर्न लुक में नजर आकर उन्होंने इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड शुरू किया। बोल्डनेस की वजह से उन्हें सेक्स सिंबल का भी क्रेडिट मिला। हालांकि, 5 दशक के करियर में उन्होंने 33 फिल्मों में ही काम किया।

पेरेंट्स का तलाक, पिता का निधन और मां की दूसरी शादी देखते हुए जीनत अमान का बचपन काफी उथल-पुथल में बीता। अलग-अलग जगहों पर रहने के कारण जीनत अमान की पढ़ाई भी अधूरी ही रही।

बतौर पत्रकार करियर की शुरुआत करने वाली जीनत ने मॉडलिंग में भी खूब नाम कमाया। फेमिना मिस इंडिया और मिस एशिया पेसिफिक इंटरनेशनल का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने फिल्मों का रुख किया और वहां भी कामयाबी ही हाथ लगी, लेकिन जिंदगी भर जीवनसाथी के प्यार के लिए तरसती रहीं। पहली शादी में धोखा मिला तो दूसरी शादी भी सफल नहीं रही। 13 साल बाद ही दूसरे पति की मौत हो गई, लेकिन दुर्भाग्य ऐसा कि पति के अंतिम दर्शन में ससुराल वालों ने शामिल नहीं होने दिया।

आज जीनत अमान के बर्थडे पर पढ़िए उनके लाइफ से जुड़े कुछ अनसुने दिलचस्प फैक्ट्स-

पेरेंट्स का तलाक देख कर बीता बचपन

जब जीनत छोटी थी, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। इसके बाद वो अपनी मां के साथ रहती थीं। जब वो 13 साल की हुईं तो उनके पिता का निधन भी हो गया। इसके बाद उनकी मां ने हेंज नाम के जर्मन व्यक्ति से शादी कर ली। शादी के बाद मां जीनत को लेकर जर्मनी चली गईं।

उथल-पुथल से भरा रहा बचपन, पढ़ाई भी रह गई अधूरी

जीनत अमान का बचपन उथल-पुथल से भरा था, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ा।

पेरेंट्स के तलाक के पहले जीनत की आधी पढ़ाई-लिखाई मुंबई में हुई। पिता की मौत के बाद जब मां ने दूसरी शादी की तो जीनत को मां के साथ जर्मनी शिफ्ट होना पड़ा, जिसके बाद जीनत ने आगे की पढ़ाई लॉस एंजेलिस के एक यूनिवर्सिटी से की। हालांकि उसके बाद भी उनकी ग्रेजुएशन की पढ़ाई अधूरी ही रही।

पहले पत्रकार थीं, फिर मॉडलिंग से बनाई पहचान

पढ़ाई अधूरी रह जाने के बाद जीनत ने फेमिना मैगजीन के लिए लिखने का काम करना शुरू कर दिया। मतलब की जीनत ने करियर की शुरुआत बतौर पत्रकार की थी। फैशन मैगजीन में काम करने की दौरान जीनत को भी मॉडलिंग के तरफ झुकाव होने लगा। इसके बाद वो मॉडलिंग करने लगी। खूबसूरत होने की वजह से जीनत को पॉजिटिव रिस्पांस भी मिलता रहा और वो मॉडलिंग के फील्ड में आगे बढ़ती गईं। 19 साल की उम्र में उन्होंने फेमिना मिस इंडिया और मिस एशिया पेसिफिक इंटरनेशनल के खिताब भी अपने नाम किए। ये खिताब जीतने वाली वो पहली साउथ एशियाई महिला बनीं। इसके बाद वो देश-विदेश, हर जगह की मैगजीन कवर पर छा गईं।

देव आनंद ने संवार दिया जीनत का करियर

मॉडलिंग में काफी नाम कमाने के बाद जीनत ने फिल्मों का रुख किया। उन्होंने फिल्म हलचल से डेब्यू किया था। इसके बाद जीनत फिल्म हंगामा में नजर आईं लेकिन पहली ही फिल्म की तरह ये भी बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरीं। लगातार असफलता हाथ लगने के बाद जीनत ने सोचा कि अब वो फिल्मों में काम नहीं करेंगी लेकिन वो देव आनंद ही थे, जिनकी कही एक बात से जीनत अमान रुक गईं।

देव आनंद ने जीनत अमान से कहा कि वो बस फिल्म हरे राम हरे कृष्णा करे लें, इसके बाद अगर ये फिल्म हिट हो गई तो वो फिल्मी इंडस्ट्री में छा जाएंगी। उन्होंने ये भी कहा कि अगर फिल्म फ्लॉप हो जाती है तो वो जो चाहें, वो करें। फिल्म हरे राम हरे कृष्णा रिलीज हुई और इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई भी की। इस फिल्म के लिए जीनत अमान को फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस सपोर्टिंग अवाॅर्ड भी मिला और वह स्टार बन गईं।

1978 में फिल्म सत्यम शिवम सुदंरम रिलीज हुई थी। इस फिल्म में शशि कपूर के साथ जीनत अमान नजर आईं थीं। पर इस फिल्म में कैसे जीनत अमान को कास्ट किया गया, आइए जानते हैं-

जब राज कपूर फिल्म वकील बाबू की शूटिंग जीनत अमान के साथ कर रहे थे, तो वो उसी समय फिल्म सत्यम शिवम सुदंरम के स्क्रिप्ट पर भी काम कर रहे थे। वो अक्सर शूटिंग ब्रेक के दौरान फिल्म की कहानी के बारे में जीनत समेत और लोगों से चर्चा करते थे। वो फिल्म किरदार रूपा के बारे में ज्यादा बात करते थे। वो जिस तरीके से रूपा के रोल के बारे में जीनत अमान से बात करते थे, वो उस रोल से उतना ही प्रभावित होती।

इसी दौरान जीनत अमान ने रूपा बनने का फैसला किया। वो एक दिन घाघरा चोली पहनकर और रूपा की तरह चेहरे पर टिश्यू पेपर से घाव बनाकर राज कपूर के टेंट में पहुंच गईं। इसके बाद जीनत अमान ने बाहर खड़े आदमी से कहा कि राज कपूर जी से कहो कि रूपा आई है। फिल्म के कॉस्टयूम और जले हुए चेहरे के साथ पहुंची जीनत को देखकर राज कपूर हैरान हो गए और उन्होंने अपनी पत्नी को कॉल कर कहा कि देखो इस लड़की ने क्या कर दिया है। इसके बाद राज कपूर की पत्नी ने सोने के सिक्के देकर जीनत अमान को आशीर्वाद दिया और वो इस तरह से फिल्म में रूपा के रोल के लिए चुनी गईं।

दो शादियां फिर भी प्यार के लिए तरसती रहीं

फिल्म अब्दुल्ला में जीनत अमान के साथ संजय खान भी कास्ट किए गए थे। ऐसा माना जाता है कि इसी फिल्म की शूंटिंग के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी, जिसके बाद दोनों गुपचुप शादी कर ली। कुछ समय बाद संजय खान इस शादी से मुकर गए इसलिए दोनों की शादी को गैराकानूनी करार किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय खान ने इस फिल्म के दौरान चल रही एक पार्टी में जीनत अमान को बुरी तरह मारा था, जिसके चोट के निशान आज भी उनकी आंख पर हैं।

1985 में कानूनी रूप से जीनत अमान ने मजहर खान शादी की थी। इस शादी से उनकी मां बिल्कुल खुश नहीं थीं, इसके बाद वो इस शादी को बहुत महत्व देती थीं। इस शादी से जीनत अमान ने दो बेटे भी हुए। एक इंटरव्यू में जीनत अमान ने खुद ये बताया था कि वो इस शादी से खुश नहीं थी। उन्हें मां बनने की चाहत थी इसलिए उन्होंने मजहर खान से शादी की थी। उन्होंने ये भी बताया था कि मजहर नहीं चाहते थे कि वो फिल्मों में काम करें। उनका मानना था कि घर पर रहकर बच्चों की देखभाल करें। इस रिश्ते से वो खुश नहीं थीं फिर भी वो पूरी कोशिश करती थीं कि चीजें बेहतर हो सकें।

पति को नहीं दे पाईं अंतिम विदाई

शादी के 13 साल बाद ही मजहर की मौत हो गई। वो लंबे समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे थे। जीनत ने इंटरव्यू में ये भी कहा कि मजहर को प्रिस्क्रिप्शन ड्रग्स की लत लग गई थी। रिश्ते में कड़वाहट के बाद भी जीनत ने अपने पति की पूरी देखभाल की। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि मजहर ठीक हो जाएंगे, इसलिए मुंबई में कोई ऐसा अस्पताल नहीं था जहां जीनत ने अपने पति का इलाज न कराया हो। इसके बाद भी वो उन्हें बचा नहीं सकी।

मजहर की मौत के बाद आलम ये था कि उनके ससुराल वालों ने उन्हें अपने पति के अंतिम दर्शन में शामिल होने का अधिकार भी छीन लिया। जीनत अमान ने मजहर के परिवार वालों से कहा कि वो मेरे पति थे, मेरे बच्चों के पिता थे फिर भी वो लोगे उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि में शामिल नहीं होने दीजिए।

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