दिव्य प्रकाश दुबे से खास बातचीत:पोन्नियन सेल्वन की हिंदी डबिंग का काम तीन महीने में पूरा हुआ, 300 वॉइस ओवर आर्टिस्ट्स ने दी आवाज

9 दिन पहलेलेखक: अमित कर्ण
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ऐश्वर्या राय बच्चन स्टारर 'पोन्नियन सेल्वन' साउथ की एक और पैन इंडिया फिल्म है। इस फिल्म को मणिरत्नम ने डायरेक्ट किया है। फिल्म की हिंदी डबिंग का काम लगभग ढाई से तीन महीने में पूरा हुआ है। खुद ऐश्वर्या राय ने अपने डायलॉग को हिंदी में डब करने के लिए 7 दिन तक रोजाना 8 से 10 घंटो तक काम किया है। सभी कैरेक्टर के संवादों का हिंदीकरण पॉपुलर राइटर दिव्य प्रकाश दुबे ने किया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में राइटर ने इस प्रोसेस की बारीकियों पर चर्चा की है। आइए जानते हैं उनकी बातचीत के प्रमुख अंश-

1960 में कल्कि की बुक के राइट्स 10 हजार में बिके थे
दिव्य प्रकाश दुबे ने बताया, "दरअसल 'पोन्नियन सेल्वन' साउथ की काफी पॉपुलर किताब पर आधारित है। इस किताब के राइटर कल्कि थे, साथ ही वो एक फ्रीडम फाइटर भी थे। कल्कि की किताब पर पहले भी फिल्में बनाने की कोशिश की गई थी। कमल हासन भी इस पर एक फिल्म बनाना चाहते थे। इस बुक पर फिल्म बनाने के राइट्स को 1960 में 10 हजार रुपए में बेचा गया था। आज की तारीख में उस रकम की वैल्यू करोड़ों में है। साउथ की इस किताब पर पिछले 70 सालों से फिल्में बनाने की कोशिश होती रही है, मगर अब पहली बार इस पर कोई फिल्म बन पाई है। रजनीकांत सर ने भी कहा था कि उनके जमाने में श्रीदेवी जी और एक बड़े स्टार के साथ फिल्म बनाने का प्लान किया गया था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।"

दिव्य प्रकाश ने 'महाभारत' की किताब के डायलॉग ड्राफ्ट की स्टडी की थी
दिव्य प्रकाश दुबे मेकर्स के कॉन्टेक्ट में आने के बारे में आगे कहते हैं, "मैं दरअसल डायरेक्टर विजय कृष्ण आचार्य के जरिए मेकर्स से कनेक्ट हुआ। विजय ने मणिरत्नम सर के लिए 'गुरू' लिखी थी। मेरे पास राही मासूम रजा की 'महाभारत' की किताब का डायलॉग ड्राफ्ट है। तो मणि सर से मीटिंग से पहले वह सब स्टडी करके गया था। उसे ध्यान में रखते हुए 'पोन्नियन सेल्वन' के डायलॉग को हिंदीकरण करने का मेरा इरादा था। हम नहीं चाहते थे कि फिल्म का हिंदीकरण हो तो वह माइथोलॉजिकल सीरियल के डायलॉग जैसे साउंड न करें।"

हिंदी डबिंग के 300 वॉइस ओवर आर्टिस्ट्स को अप्रोच किया गया था
फिल्म में ऐश्वर्या राय नंदिनी के रोल में हैं। सिर्फ उनका नाम नहीं बदला गया, लेकिन कुछ किरदारों के नाम हिंदी में बदले गए हैं। जैसे पडूवेटरेयर नामक किरदार को हिंदी में पर्वतेश्वर किया गया। दिव्य बताते हैं, "फिल्म में भूले बिसरे शब्दों को वापस लाया गया है। ऐश्वर्या को पसंद आया कि डायलॉग में गुप्तचर जैसे शब्द आए हैं। उन्होंने अपने हिस्से की डबिंग छह से सात दिन तक की है। विक्रम सर ने भी खुद हिंदी डबिंग की है। किसी और हिंदी के कलाकार ने उनके हिस्से के डायलॉग डब नहीं किए हैं। मणि सर की असिस्टेंट सना भी पूरे वक्त डबिंग पर रहीं। मुंबई में ऐसा कोई वॉइस ओवर आर्टिस्ट नहीं था, जिन्हें हमने अप्रोच न किया हो। हमने तकरीबन डबिंग के लिए 300 वॉइस ओवर आर्टिस्ट को अप्रोच किया था।"

कई बड़े आर्टिस्ट्स ने अपनी आवाज दी है
दिव्य ने कहा, "साउथ के कई बड़े कलाकारों की हिंदी डबिंग के लिए यहां हिंदी के कई बड़े कलाकारों ने आवाज दी है। उनके नाम सही समय पर सामने आएंगे। बाकी हर साउथ के कलाकार के लिए दो से तीन वॉइस ओवर आर्टिस्टों के ऑडिशन लिए गए, ताकि उन साउथ कलाकारों की आवाजों के हम बेहद करीब आ सकें। डबिंग का जो प्रोसेस हम करके भेजते थे, उस पर हमें रोजाना अगले दिन मणि सर के फीडबैक टोन और टेक्सचर आ जाते थे। शुरुआती स्टेज में रोजाना डबिंग कर हम चेन्नई भेजा करते थे। बाद में हम पूरा सीक्वेंस करने के बाद डब वर्जन भेजते थे। वह इसलिए कि कई बार वॉइस ओवर आर्टिस्टों की हिंदी में आवाज अच्छी रहती थी, मगर स्क्रीन पर संबंधित कलाकार का ओरिजिनल डायलॉग पर रिएक्शन मैच नहीं कर रहा था।"

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