1896 में भारत आई थी पहली फिल्म:घोड़ों पर रिसर्च से हुआ था फिल्मों का आविष्कार, चलती ट्रेन पर्दे पर देख भाग गए थे दर्शक

5 महीने पहलेलेखक: ईफत कुरैशी

7 जुलाई 1896, ठीक 126 साल पहले भारत में पहली बार फिल्म दिखाई गई थी। 1 रुपए की टिकट में लूमियर ब्रदर्स ने 200 भारतीयों को मुंबई के वॉटसन होटल में फिल्म दिखाई। भारत में फिल्में 1896 में आई, लेकिन दुनिया में फिल्में बनना 1888 में शुरू हुई थीं। पहली फिल्म बनाने से पहले कई बड़ी रिसर्च हुईं और कई लोगों की कड़ी मेहनत लगी, लेकिन आज दुनियाभर में 167 फिल्म इंडस्ट्रीज हैं, जिनसे सालाना 1 लाख 68 हजार करोड़ रुपए कमाई होती है। ये आंकड़ा कोरोना काल आने के बाद 2021 का है, जबकि साल 2019 में ग्लोबल फिल्म इंडस्ट्री रेवेन्यू इससे दोगुना 3 लाख 33 हजार करोड़ था। फिल्म इंडस्ट्री का इतिहास करीब 130 साल पुराना है।

एक समय ऐसा भी था, जब चलते हुए लोगों को पर्दे पर दिखाना नामुमकिन समझा जाता था, लेकिन घोड़ों पर हुई रिसर्च से ये नामुमकिन लगने वाला शब्द भी मुमकिन हो सका। 1878 में ये कारनामा करने वाले शख्स एक फिल्ममेकर नहीं बल्कि एक साइंटिस्ट और फोटोग्राफर एडवियर्ड मुईब्रिज थे। इसके बाद से फिल्म बनाने में साल दर साल लगातार तरक्की हुई और 1900 का दशक आते-आते दुनियाभर में बड़े स्तर पर फिल्में बनने लगीं।

आइए जानते हैं पहली फिल्म बनने से लेकर अब तक ये इंडस्ट्री कितनी बदली-