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  • 'Bigg Boss 14' Runner Up Rahul Vaidya Said Mother Was Sitting In Front Of Me Hoping For My Win, She Was Very Sorry For My Defeat; Sad To See Them

इंटरव्यू:'बिग बॉस 14' के रनरअप राहुल वैद्य बोले- मां जीत की आस लगाए मेरे सामने बैठी थीं, मेरी हार से उन्हें बहुत अफसोस हुआ; उन्हें देखकर बहुत दुखी हूं

मुंबई8 महीने पहलेलेखक: किरण जैन
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सिंगर राहुल वैद्य 'बिग बॉस 14' के रनरअप रहे। शो के फिनाले के आखिरी पड़ाव में उनका मुकाबला रुबीना दिलैक से हुआ। हालांकि, इस पड़ाव में वे रुबीना से हार गए। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में राहुल ने बताया कि उनकी इस हार से उनकी मां और गर्लफ्रेंड दिशा परमार काफी मायूस हैं। हालांकि, उनके लिए हार-जीत रियलिटी शो का एक हिस्सा है। साथ ही राहुल ने शो से जुड़ी कई बातें भी शेयर की हैं।

मेरी मां के लिए थोड़ा दुखी हूं
जब होस्ट सलमान खान ने रुबीना का नाम लिया, तो मैं उनके लिए खुश था। हालांकि, मेरी मां के लिए थोड़ा दुखी हूं। वो बिलकुल मेरे सामने मेरी जीत की आस लगाए बैठी थीं और मुझे लगता है की मुझसे ज्यादा उन्हें अफसोस हुआ है। मुझे आदत है रियलिटी शो की इसमें कोई जीतता है, तो कोई हारता है। मां के साथ-साथ अपने फैंस के लिए भी अफसोस हो रहा है। वो भी आस लगाए बैठे होंगे, उनसे जरूर बात करूंगा। मां से भी बैठकर बात करूंगा।

मेरी हार से दिशा भी थोड़ी मायूस थी
मेरी हार से दिशा भी थोड़ी मायूस थी। उनकी आंखें भी नम हो गई थीं, चेहरा भी बहुत छोटा हो गया था। मैं हैरान हूं ये देखकर की मेरी हार के बावजूद भी मैं ठीक हूं पर मेरे घर वालों पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ा है। मुझसे ज्यादा मेरी मां और दिशा परेशान हैं। वो शायद बाहर से लड़ रहे थे और मैं अंदर से। उन्हें देखकर बुरा लग रहा है।

खुद को अनलकी समझता हूं
'बिग बॉस 14' के पूरे सफर में मेरी और रुबीना की कभी नहीं बनी। कभी सोचा भी नहीं था कि उनसे ही मेरा आखिरी मुकाबला होगा। हालांकि, मुझे यकीन है कि लोगों को पहले से ही अंदाजा हो गया था कि हम खेल के आखिरी तक एक दूसरे का सामना करेंगे। बाहर की दुनिया पूरी तरह से अलग होती है और इसलिए मैंने इसके बारे में बिलकुल सोचा ही नहीं था। यकीन मानिए, आखिरी मोमेंट तक मेरे दिमाग में एक बार भी ये ख्याल नहीं आया कि मैं नहीं जीतूंगा। मुझे हमेशा से लगता था कि मैं ही जीतूंगा। हालांकि, वोट्स का मामला है, कभी कम कभी ज्यादा हो जाता है। सच कहूं तो खुद को अनलकी समझता हूं।

ये शो मेरे लिए 'लाइफ चेंजर' साबित हुआ
'बिग बॉस' ने मुझे एक अलग ही पहचान दी है। बहुत खुश हूं कि मैंने इस शो में आने का फैसला लिया। इस पूरे सफर में बहुत कुछ सिखने को मिला है। ना जाने कितने दिनों या महीनों तक इसकी यादें ताजा होती रहेंगी। ये कहना बिलकुल गलत नहीं होगा कि ये शो मेरे लिए 'लाइफ चेंजर' साबित हुआ है।

मैं हारा हूं तो इसे ग्रेस के साथ एक्सेप्ट करता हूं
कुछ लोगों का मानना हैं कि एक हफ्ता जब मैं घर से बाहर आया, वो मेरी वीकनेस बन गया था। हालांकि, मैं इस बात को नहीं मानता। जो लोग आपसे प्यार करते हैं वो बिलकुल नहीं सोचेंगे कि मैं एक हफ्ते के लिए घर से बाहर आया था। गौहर खान भी तो आई थी, हालांकि वो शो जीत गई थीं। मेरा मानना है कि लोग आपकी पूरी जर्नी देखते हैं और फिर विनर डिसाइड करते हैं। मैं और रुबीना वोट्स के मामले में 'नेक टू नेक' चल रहे थे, बस रुबीना का पलड़ा मुझसे थोड़ा भारी हो गया। मैंने हमेशा एक चीज सीखी है 'विन विथ डिग्निटी एंड लूज विथ ग्रेस', तो आज अगर मैं हारा हूं तो इसे ग्रेस के साथ एक्सेप्ट करता हूं।

रुबीना से जब भी मिलूंगा उनसे अच्छे से ही बात करूंगा
रुबीना और मैंने एक दूसरे से वादा किया है कि जो 'बिग बॉस' के घर में हुआ वह उस घर में ही रहेगा। हम दोनों ही ऐसे लोग नहीं हैं, जो निगेटिविटी को बाहर ले जाना चाहेंगे। दोनों की आपस में कोई खानदानी दुश्मनी तो है नहीं। हम एक गेम शो में थे, कुछ मिसअंडरस्टैंडिंग हो गई थीं, जो खेल के साथ-साथ बढ़ती गईं। अब मुझे उन्हें लेकर कोई शिकायत नहीं है और अब वो कभी भी मुझसे मिलती हैं, तो मैं उनसे अच्छे से ही बात करूंगा।