बातचीत / सीरियल 'रामायण' को याद कर देबिना बोलीं- वह पीरियड हमारे लिए लॉकडाउन ही था, हम 18-18 घंटे शूट करते थे

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दैनिक भास्कर

May 21, 2020, 01:13 PM IST

मुंबई (उमेश कुमार उपाध्याय). गुरमीत चौधरी और देबिना बनर्जी अभिनीत धारावाहिक 'रामायण' का पुनः प्रसारण इन दिनों दंगल चैनल पर हो रहा है। सीरियल के राम और सीता यानी गुरमीत और देबिना आगे जाकर असल जिंदगी में भी पति-पत्नी बने। देबिना ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में 'रामायण' से जुड़े अनुभव साझा किए। 

'शूटिंग के दौरान हम बाहरी दुनिया से अनजान थे'
देबिना कहती हैं, "'रामायण' की शूटिंग बड़ोदरा स्थित सागर फिल्मसिटी में हुई थी। तब हम सेट से होटल और होटल से सेट पर ही जाते थे। हमारा ज्यादातर समय सेट पर ही बीतता था। बाहर की दुनिया से हम बिल्कुल अनजान थे। मुझे याद है, 'रामायण' लगभग खत्म होने वाला था, तब इसके प्रमोशन के लिए हमें कई शहरों में जाना पड़ा था। डेढ़ साल बाद जब पहली बार लोगों के सामने आई, तब ऐसा लगा जैसे कि हम कहीं बंद थे।"

'लोग भगवान के साथ हमारी फोटो रखने लगे थे'

एक्ट्रेस ने एक अनुभव साझा करते हुए बताया, "शहर का नाम तो याद नहीं,  लेकिन हम एक भक्त के घर गए थे। एजुकेटेड और अमीर फैमिली थी। उनके घर में भगवान की तस्वीरों के साथ हमारी राम और सीता वाली तस्वीर भी लगी थी। हम उस तस्वीर को निहारते ही रह गए। कुछ देर बाद वहां भीड़ इकट्ठा हो गई। सबने हमसे बात की। इस दौरान एक-एक करके छोटे-बड़े सभी लोग हमारे पांव छूने लगे।" 

देबिना ने आगे कहा, "जब एक बुजुर्ग महिला मेरे पैर छूने के लिए आगे बढीं, तब मुझे बहुत अजीब लगा। लेकिन फिर सोचा उनके मन में श्रद्धा के भाव हैं। मुझे लगा कि ऐसे समय पर मैं कुछ कहूंगी तो उन्हें धक्का लगेगा और उनका विश्वास टूट जाएगा। इसलिए मैं चुप बैठी रही और उन्हे पैर छूने दिए।" 

'शूटिंग का पीरियड लॉकडाउन से कम नहीं था'

बकौल देबिना, "शूटिंग का पीरियड हमारे लिए लगभग लॉकडाउन ही था। यह अलग बात थी कि उस लॉकडाउन में हम 18-18 घंटे काम कर रहे थे। बिस्तर पर लेटते थे और जब आंखें खुलती थीं तो लगता था कि सुबह कितने जल्दी हो गई। कभी प्रोडक्शन की गाड़ी लेट हो जाती थी, तो खुश होते थे कि चलो कुछ देर और सोने को मिलेगा।"

वे आगे कहती हैं, "जब मेकअप रूम में पहुंचते थे, तब हम (देबिना और गुरमीत) इस बात के लिए झगड़ते थे कि पहले तुम मेकअप कराओ। ताकि जो बाद में मेकअप कराएगा, उसे 10-15 मिनट और सोने का समय मिल जाएगा। इसलिए हमने आपस में तय किया था कि एक दिन तुम पहले मेकअप कराओगे और एक दिन मैं। इस तरह हमने शो की शूटिंग 1 साल 8 महीने तक की थी।

'स्वयंवर की सीक्वेंस के बीच बीमार हो गए थे गुरमीत'
देबिना ने बताया, "स्वयंवर की सीक्वेंस काफी लंबी करीब सात-आठ दिन चली थी। इस दौरान गुरमीत की तबीयत खराब हो गई। हमें लगा कि उन्हें नजर लग गई है। क्योंकि सज-धजकर वे बिल्कुल भगवान की तरह दिख रहे थे। जब आराम नहीं लगा तो हम उन्हें अस्पताल ले गए। इधर गुरमीत का क्लोजअप लेकर बाकी शूट डुप्लीकेट को सेहरा पहनाकर किया जाने लगा।" 

एक्ट्रेस ने आगे कहा, "जब फेरे के सीन की बारी आई तो मैं गुरमीत के पास हॉस्पिटल पहुंची। मैंने उनसे कहा कि कल फेरे और सिंदूर का सीन है। मैं नहीं चाहती कि डुप्लीकेट के साथ यह सीन करूं। लोगों ने मुझे उनकी नजर उतारने के लिए भी कहा था। मैंने वह भी किया। मैं इसे चमत्कार ही कहूंगी कि अगले दिन गुरमीत ठीक होकर सेट पर आ गए और उन्हें देखकर सब अचंभे में रह गए।"

2005 में हुई थी गुरमीत-देबिना की पहली मुलाकात

देबिना कहती हैं, "हमारी पहली मुलाकात 2005 में एक एक्टिंग कॉन्ट्रैक्ट के दौरान मुंबई में हुई थी। इसके फाइनल राउंड तक हम 30 लड़के-लड़की बचे थे। इनमें दिव्यांका त्रिपाठी, गुरमीत चौधरी, महिंदर सिंह आदि थे। पहली मुलाकात के बाद मैं कोलकाता चली गई। कुछ साल बाद एक्टिंग के इरादे से मुंबई लौटी और पीजी में रहने लगी। तब मुंबई में मेरे दोस्त सिर्फ गुरमीत ही थे।" 

उन्होंने आगे बताया, "जब 'रामायण' के ऑडिशन शुरू हुए तो गुरमीत ने राम के किरदार के लिए ट्राय किया। लौटने के बाद उन्होंने मुझे सीता का ऑडिशन देने की सलाह दी। मैंने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि मुझे फिल्म में काम करना है। गुरमीत ने मुझे समझाया और कहा कि एक बार जाकर ऑडिशन तो दे आओ। मैंने उनकी बात मान ली और मेरा सिलेक्शन हो गया। 

वे आगे कहती हैं, "यह एक बहुत बड़ा को-इंसीडेंट था। लेकिन हमने मेकर्स को नहीं बताया कि हम एक-दूसरे को जानते हैं। वहां काम करते-करते 6 महीने बीत गए। तब तक किसी को पता नहीं था कि हम एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। फिर जब लोगों को पता चला तो उन्हें लगा कि काम करते-करते हम एक-दूसरे को पसंद करने लगे हैं।"

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