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घर वापसी:नूपुर अलंकार के बहनोई फंसे थे अफगानिस्तान में, मुंबई लौटने पर ली सबने राहत की सांस

15 दिन पहले
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एक्ट्रेस नुपुर अलंकार के बहनोई कौशल अग्रवाल पिछले चार महीने से अफगानिस्तान में फंसे होने के बाद अब भारत वापस आ गए हैं। 16 जुलाई 2021 को वे अपने काम के सिलसिले में काबुल गए थे और वहां से कंधार चले गए थे। उसके एक महीने बाद 15 अगस्त को वो भारत लौटने वाले थे, लेकिन इसी बीच तालिबान के लोगों ने वहां कब्जा कर लिया था। लेकिन अब उनके घर लौटने के बाद उनके परिवार के लिए यह किसी दिवाली सेलिब्रेशन से कम नहीं है। हाल ही में एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान नुपुर और कौशल ने अपनी खुशी जाहिर की और बताया कि घर लौटने पर सबने राहत की सांस ली है।

नूपुर और उनकी बहन के लिए है यह बहुत खुशी का दिन

नूपुर बताती हैं, "हम सभी बहुत खुश हैं। मेरी बहन जिज्ञासा और उनके छह साल के जुड़वां बच्चे उन्हें एक पल के लिए भी नहीं छोड़ रहे हैं। उनके लिए यह उनके जीवन का सबसे बड़ा दिन है।"

अफगानिस्तान के लोकल लोगों ने किया कौशल को गाइड

कौशल साझा करते हैं, "मैं कंधार में था। मैं अपने बिजनेस की वजह से कुछ लोकल लोगों को जानता था और फिर मैंने और लोगों से दोस्ती करनी शुरू कर दी जिन्होंने मुझे गाईड किया। मैंने किसी तरह अपनी टिकट बुक करी और एक्जिट वीजा हासिल करने में कामयाब रहा, जो कि काफी मुश्किल था क्योंकि वहां पर इंडियन एंबेसी बंद थी। एक सही तरीके से देखा जाए तो मैं भारत काबुल के रास्ते जाता।

घर पहुंच कर अपने आप को भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं कौशल

कौशल ने आगे कहा, "हालांकि, स्थिति को देखते हुए, मैंने कंधार से ईरान के लिए उड़ान भरी और फिर दुबई और वहां से हैदराबाद और अंत में मुंबई पहुंचा। ईरान में, मुझे साइन लैंग्वेज में बात करनी पड़ी थी क्योंकि मैं फारसी नहीं जानता था। दुबई पहुंचने तक मैंने अपने परिवार को अपनी वापसी की सूचना भी नहीं दी थी, क्योंकि मैं काफी कंफ्यूजन में था। यह एक लंबी जर्नी थी, लेकिन मैं अपने घर पर पहुंचने के लिए भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।"

कौशल के लिए अफगानिस्तान में पिछले कुछ महीने कठिन और डरावने थे

कौशल आगे कहते हैं, "अफगानिस्तान में पिछले कुछ महीने कठिन और डरावने थे, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं अब अपने घर वापस आ गया हूं। मैंने फैमिली की इम्पोर्टेंस, पानी, खाना और बिजली जैसी बेसिक जरूरतों को महसूस किया है। इन सबकी और सबसे ज्यादा परिवार की कीमत पता चली।"

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