इंटरव्यू:'पवित्र रिश्ता-2' एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे ने कहा-फिल्मों में जगह बनाने के लिए मेहनत-मशक्कत नहीं कर रही, जो भी काम मिलता है दिल से करती हूं

मुंबई2 महीने पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय
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एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे एक बार फिर टीवी शो 'पवित्र रिश्ता-2' में 'अर्चना' का किरदार निभाने जा रही हैं। इस बार शो में उनके अपोजिट शाहीर शेख होंगे। यह सीजन 8 एपिसोड का होगा। अंकिता की कोशिश रहती है कि वे हर किसी के साथ अच्छे से रहें, ताकि उनके फैंस उन्हें देखकर प्राउड फील कर सकें। उन्होंने अपने को-स्टार्स, रियल लाइफ में रिश्ते की पवित्रता को बनाए रखने की कोशिश आदि पर बात की। पढ़िए अंकिता लोखंडे से बात चीत के प्रमुख अंश -

क्रिएटिव चीजों को लेकर एकता से किस तरह का सुझाव मिलता है ?
आइ थिंक, एकता मैम बहुत अच्छे से जानती हैं कि 'अर्चना' कौन हैं। वे जब भी कुछ बताती हैं या नरेशन देती हैं, तब उसके लिए मुझसे ज्यादा एक्साइटेड रहती हैं। उनकी कुछ-कुछ चीजें बहुत सही होती हैं, जहां उनको लगता है कि बोलना चाहिए, वहां बोल देती हैं। लेकिन, आज तक कैरेक्टर के लिए एकता मैम ने मुझे ऐसा कुछ नहीं समझाया, क्योंकि लाइफ में साढ़े पांच साल अर्चना को मैंने इतना जी लिया है कि उन्हें विश्वास हो गया है कि मैं अच्छे से ही करूंगी। इसलिए अब तक ऐसा कोई फीडबैक आया नहीं। मैं श्योर हूं कि उन्होंने एपिसोड देखे हैं और उन्हें बहुत अच्छे लगे हैं।

सुशांत, हितेन और शाहीर इन तीनों में से सबसे जल्दी किसके साथ खुद को कंफर्टेबल कर पाईं ?
ऐसा नहीं है। बतौर एक्टर मेरा काम है कि सबके साथ घुल-मिलकर काम करना। आप दिन भर साथ में रहते हैं। साथ में इतने सारे सीन करने होते हैं। आइ थिंक, मैं तीनों के साथ उतना ही कंफर्टेबल रही हूं।

अच्छा, रियल लाइफ में रिश्ते की पवित्रता को बनाए रखने की कोशिश किस तरह से रहती है ?
मुझे ऐसा लगता है कि मैं बहुत फैमिली ओरिएंटेड लड़की हूं। लगता है कि कहीं न कहीं मुझमें अर्चना है। मैं वैसी ही हूं, जैसी अर्चना है। अगर अर्चना में मैंने जान डाली है, तब कहीं न कहीं उसमें अपने आपको रखकर बनाया है न! मेरे अंदर वह चीज है। लाइफ में सब कुछ बैलेंस करके चलती हूं। यहां कुछ चीजें करनी जरूरी है, तो कुछ को करना जरूरी नहीं है। रिश्ते में एक-दूसरे को रिस्पेक्ट देती हूं। प्यार शायद खत्म हो जाता है, लेकिन जब हम किसी की इज्जत करते हैं, तब कभी खत्म नहीं होती है। हर रिश्ते को इज्जत देंगे, तब इज्जत मिल पाएगी, इन बातों में विश्वास करती हूं।

आपको पुराने संबंधों को लेकर आज भी ट्रोल किया जाता है, इसे किस तरह से डील करती हैं ?
मैं डील ही नहीं करती हूं। मेरे पास इतना टाइम ही नहीं है। मुझे तो पता ही नहीं है कि कौन मुझे ट्रोल करता है। यह तो आप मीडिया वालों से मुझे पता चलता है। मुझे लगता है कि अपना काम पोस्ट डालना है, क्योंकि इस इंडस्ट्री से हैं, तब काम के सिलसिले में कुछ चीजें डालनी पड़ती हैं। मैं अपना काम करती हूं। अब जो अच्छा बोलता है, वह उसकी मर्जी और जो बुरा बोलता है, वह उसकी मर्जी।

बतौर एक्टर सुशांत की बात की जाए, तब कौन-सी खासियत है, जो कम कलाकारों में है ?
मुझे नहीं लगता है कि लाइफ में किसी का कोई कंपैरिजन हो सकता है, क्योंकि जितना सुशांत को जानती थी, उतना हर किसी को पर्सनली नहीं जानती हूं न!। हां, बतौर एक्टर जब सुशांत को देखती थी, तब उन्हें हर किरदार में हार्ड वर्क करते पाया है। उन्होंने किसी भी कैरेक्टर को कभी सरलता से नहीं लिया। फिर तो वह चाहे मानव का कैरेक्टर हो, चाहे पीके, काईपोछे हो, उन्होंने हर किरदार के लिए अपना 100 प्रतिशत हमेशा दिया। मैं उनको बोलती भी थी कि कितना मेहनत करते हो। फिल्म एमएस धोनी के टाइम वे रोजाना सुबह 5 बजे उठकर क्रिकेट खेलने जाते थे। इस तरह की मेहनत करते थे। आइ थिंक, उनकी हार्ड वर्क ऐसी चीज है, जिसे मैं जरूर सीखना चाहूंगी। उनकी तरह अपनी लाइफ में लाना चाहूंगी, क्योंकि हार्ड वर्क है, तब बहुत-सी चीजों को हासिल कर सकते हो।

फिल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए कितनी मेहनत-मशक्कत करनी पड़ती है ?
मैं फिल्मों में जगह बनाने के लिए कोई मेहनत-मशक्कत नहीं कर रही हूं। मैं बहुत खुश हूं। जो भी काम करती हूं, उसे दिल से करती हूं। मैंने पवित्र रिश्ता, मर्णिकर्णिका और बाजीराव मस्तानी की है। अब वापस 'पवित्र रिश्ता-2' कर रही हूं। मैंने अपने आपको लाइफ में बहुत चॉइस दी हुई हैं। हर चीज नहीं कर सकती हूं। मैं किसी चीज के पीछे भागती भी नहीं हूं। फिल्म नहीं मिल रही है, तब कोई बात नहीं। मेरे पास जब बहुत पैसे होंगे, तब खुद अपने लिए फिल्म बना लूंगी। मेरा यहां पर कोई गॉडफादर तो नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि खुद अपने लिए जरूर कुछ कर सकती हूं। अगर मुझ में कला है, तब वह चाहे टीवी पर हो, फिल्म में हो या कहीं पर भी हो, वह निखरकर आती ही आती है। आखिर में ऑडियंस का प्यार ही चाहिए न! वह तो किसी भी तरीके से मिल सकता है।

आपका नाम अंकी, मिन्टी और तनूजा लोखंडे था, फिर अंकिता नाम कैसे पड़ा ?
एक्चुअली मेरी परनानी ने मेरा नाम अंकिता रखा था। उन्हें यह नाम बहुत पसंद था। अंकी और मिन्टी नाम भी उन्होंने ही रखा था। हां, मेरा तनूजा नाम पालने का है। मैं जब पालने में डाली गई, तब तनूजा नाम रखा गया था।

उषा नाडकर्णी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?
उषा नाडकर्णी ने हमेशा अच्छा काम किया है। आइ थिंक, उनको भी कोई रिप्लेस नहीं कर सकता है। इस बार भी वे ही मेरी सास हैं। उनके साथ काम करके हमेशा मजा ही आता है। मैं उनको सैल्यूट करती हूं कि इस एज में भी बड़े डेडिकेशन के साथ काम करती हैं। अब वे 75 साल की होने वाली हैं। इसके बावजूद उनमें इतनी ताकत है कि वे 100 लोगों को घुमा सकती हैं। वे सेट पर बैठी रहती हैं। ऐसा नहीं है कि सीन देने के बाद 10 बार वैनिटी में जाएंगी। सेट पर बैठकर सीन याद करेंगी, उनसे यह बात सीखने जैसी है। वे वास्तव में कलाकार हैं।

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