--Advertisement--

हार्दिक की उपवास की धमकी से पुलिसकर्मियों की छुट्टी रद्द

एक पुलिस अधिकारी तो बोल गए, उपवास पर बैठे हार्दिक और छुट्टियां हमारी रद्द हो, यह कहां का न्याय है।

Danik Bhaskar | Aug 24, 2018, 03:07 PM IST

अहमदाबाद। किसानों के कर्ज माफ करने की मांग के साथ हार्दिक पटेल ने अपने ही घर पर उपवास की घोषणा की है, इससे राज्य के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं। अब पुलिस विभाग में अंदर ही अंदर इसका विरोध हो रहा है। अधिकारी कहते हैं कि ये कहां का न्याय है? आदेश वापस लेने की मांग…

स्टेट कंट्रोल रूम के उप पुलिस अधीक्षक जी जी जेसाणी ने एक परिपत्र जारी कर यह आदेश कर यह कहा है कि हार्दिक पटेल के अनशन को देखते हुए राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश रद्द किए जाते हैं। अब पुलिस विभाग में इसका विरोध हो रहा है। अधिकारियों-कर्मचारियों ने इस आदेश को वापस लेने की मांग की है।

उपवास 25 अगस्त से

पाटीदार आंदोलन के युवा नेता हार्दिक पटेल ने 25 अगस्त से अपने हालिया छत्रपति निवास स्थान पर आमरण अनशन का ऐलान किया है। साथ ही राज्य सरकार और पुलिस पर आरोप लगाया है कि इस आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस मकान मालिक को धमका रही है ताकि वह किराए का मकान खाली करवाए। रेंट एग्रीमेंट की तीन महीने अवधि शेष होने के बाद भी मकान मालिक पर दबाव बनाया जा रहा है लेकिन आंदोलन तो घर पर ही होगा क्योंकि तीन महीने बाकी है रेंट एग्रीमेंट के।

सादे कपड़ों में है पुलिस का पहरा

हार्दिक का दावा है कि कुछ दिनों से बिना ड्रेस के साधारण कपड़ों में मेरे घर के बाहर पुलिस की मूवमेंट है। लगभग 80 पुलिसवाले हैं जो मेरे घर आने और जाने वाले तमाम व्यक्तियों की निगरानी कर रहे हैं। पूछताछ करते हैं। सरकार के इशारे पर पुलिस मकान मालिक को धमका रही है कि वह हार्दिक पटेल से मकान खाली करवा दे। मकान मालिक को यह कहते हुए भड़काया जा रहा है कि तुम्हारे मकान में बिना जरूरी इजाजत के गलत काम हो रहे हैं। लेकिन रेंट एग्रीमेंट के अनुसार अभी तीन से चार महीने का वक्त बाकी है। अनशन तो घर से ही किया जाएगा।

खुलवा दिया पंडाल

आंदोलन के लिए मैदान न मिलने के विरोध में कार पर प्रतीक धरना कार्यक्रम से पहले हार्दिक पटेल को पुलिस ने घर से निकलते ही हिरासत में ले लिया था। हार्दिक पटेल का आरोप है कि पुलिस ने धमकी देकर घर के पास बनाए जा रहे पंडाल को भी खुलवा दिया।