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देश में 20,000 युवतियों ने हनीमूून के बाद अपने NRI पति को देखा तक नहीं है

हर 8 घंटे में एक NRI से विवाहित युवती सहायता के लिए अपने घर पर फोन करती है।

Dainik Bhaskar

Jun 28, 2018, 12:47 PM IST
विदेशी पति की महत्वकांक्षा के चलते होता है जीवन बरबाद। विदेशी पति की महत्वकांक्षा के चलते होता है जीवन बरबाद।

अहमदाबाद, आणंद। अपनी बेटी को विदेश में ब्याहने की चाहत रखने वाले अभिभावकों के लिए यह एक चेतावनी है कि वे किसी NRI के झांसे में न आएं। देश में 20 हजार युवतियां ऐसी हैं, जिनकी शादी तो NRI से हुई है, पर हनीमून के बाद उन्होंने अपने पति को देखा तक नहीं। आज उनकी हालत बहुत ही खराब है। सुखद भविष्य की कल्पना करने वाली युवतियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। आंध्र, तेलंगाना के बाद गुजरात का नम्बर…

शादी के बाद हनीमून मनाकर भाग जाने वाले एनआरआई की बढ़ती संख्या को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने यह घोषणा की कि ऐसे पतियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उनकी तस्वीर विभाग की वेबसाइट में डाली जाएगी। उन्हें समन्स दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने भुक्तभोगी महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए मैरिज एक्ट, पासपोर्ट एक्ट तथा फौजदारी कानून में बदलाव की तैयारी कर ली है। जनवरी 2015 से नवम्बर 2017 तक 1064 दिनों में विदेश मंत्रालय में 3328 शिकायतें हुई हैं। इसमें सबसे अधिक शिकायतें पंजाब, आंध्रप्रदेश-तेलंगाना से थी। तीसरे नम्बर पर गुजरात का नम्बर है।

महीने में 3 शिकायतें, पहली प्रायोरिटी समाधान

गुजरात महिला आयोज में विशेष एनआरआई सेल चल रहा है। विवाह के बाद विदेश गए पति या ससुराल द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत महीने में तीन तो आती ही हैं। यह सेल पहले तो युवतियों के सगे-संबंधियों को तलाशने की कोशिश कतरा है। युवक से सम्पर्क किया जाता है। पहला प्रयास यही होता है कि मामला किसी भी तरह से सुलझ जाए। लीलाबेन आंकोलिया, चेयरमैन महिला आयोग

बेटी के साथ बेटे को सेट करने का लालच

धोखाधड़ी का शिकार बनने के पीछे सबसे बड़ा कारण विदेश जाने की चाहत है। आज कोई भी गांव या कस्बे में शादी करना नहीं चाहता। सभी चाहते हैं कि उनका बेटा या बेटी विदेश जाए। इसमें डॉलर-पाउंड का आकर्षण है। पेरेंट्स चाहते हैं कि बेटी की शादी हो जाए, तो फिर बेटे को भी सेट कर देँ। यही महत्वाकांक्षा उन्हें कहीं का नहीं रखती। बेटी का जीवन बरबाद हो जाता है और उसका भाई दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हो जाता है। खुशाल भाई पटेल, मैरिज कंसल्टंट, आणंद।

आंखें खोलने वाला किस्सा

संतान को विदेश भेजने की महत्वाकांक्षा इतनी ऊंची होती है कि पेरेंट्स एनआरआई के बारे में पूरी जानकारी लिए बिना ही बेटी उसको सौंप देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसमें एनआरआई युवक केवल पैसे के लिए अपनी पत्नी को छोड़ देते हैं। इस प्रकार के किस्से आंखें खोलने वाले हैं।

यूएस में प्रेमिका के साथ रहने के लिए युवक ने कनाडा की युवती को फंसाया

आणंद के जयमीन पंड्या नाम के युवक ने वडोदरा की पर मूल रूप से कनाडा में रहने वाली कृति से शादी की। शादी के बाद वह कनाडा पहुंचा। पत्नी कनाडा की नागरिक थी, तो जयमीन को भी वहां की नागरिकता मिल गई। फिर कृति को विश्वास में लेकर यूएस का वीजा प्राप्त कर लिया। उसके बाद किसी बहाने से वह भारत आया, फिर यहां से अमेरिका चला गया। इस संबंध में वडोदरा पुलिस थाने में शिकायत हुई है।

सावधानी नहीं रखने से बुरे परिणाम आते हैं

  • विदेश में रहने वाले भारतीय स्वदेश आकर शादी कर चले जाते हैं, फिर लौटकर नहीं आते।

  • अधिकांश मामलों में चट मंगनी-पट ब्याह के कारण पूरी सावधानी नहीं बरती जाती।

  • युवती से शादी कर उसे विदेश ले जाने के बाद दहेज जैसे मामलों को लेकर प्रताड़ना।

  • बेटी को विदेश भेजने के बाद स्वदेश में माता-पिता भी परेशान हो जाते हैं।

  • एआरआई मैरिज के कई मामलों में युवक के एड्रेस से भी सम्पर्क नहीं हो पाता।

  • शादी के बाद युवती को पता चलता है कि युवक या तो शादी-शुदा है या उसका कहीं अफेयर है।

  • विदेश में इतनी अधिक यातना दी जाती है कि युवती वापस भारत आना चाहती है।

  • कई बार युवती की संतान को अपने पास रखकर उसे अकेले ही भारत भेज दिया जाता है।

इन बातों का हमेशा खयाल रखें

  • बाहर से आने वाले युवा अपना झूठी जानकारी देते हैं।

  • युवक की पूरी जानकारी लें, शादी की बात को गुपचुप तरीके से तय न करें।

  • धार्मिक विधि के साथ-साथ रजिस्टर्ड मैरिज का भी आग्रह रखा जाए। इसके लिए पर्याप्त सबूत भी संभालकर रखेँ।

  • शादी के बाद बेटी-दामाद से लगातार सम्पर्क में रहें।

  • बेटी को पहले से ही विदेशी संस्कार और कानून के बारे में जानकारी दे दी जाए। जो एक बार विदेश में रहकर आ चुके हैं, उनसे मिलवा दें, ताकि वहां की पूरी जानकारी मिल जाए।

  • शादी के बाद वीजा, पासपोर्ट, मैरिज सर्टिफिकेट आदि की फोटो कापी अवश्य संभालकर रखें।

  • बेटी के बैंक खातों पर विशेष रूप से नजर रखेँ।

किस्सा-1: पत्नी को मायके छोड़कर स्वीडनवासी पति गायब

खेड़़ा के वसो की युवती की शादी मूल अहमदबाद जुहापुरा के और स्वीडन में रहने वाले युवक के साथ हुआ था। शादी के बाद दोनों स्वीडन पहुंचे। वहां जाकर पता चला कि उसका पति एक बेकरी में काम करता है, यही नहीं उसके कई युवतियों से संबंध हैं। इससे पति घबरा गया, तब उसने पत्नी से कहा कि मेरे माता-पिता बीमार हैं, इससे वह भारत आया और पत्नी को उसके मायके में छोड़कर स्वीडन भाग गया। स्वीडन एम्बेसी से मदद मांगने के बाद भी युवती को न्याय नहीं मिला।

किस्सा:2: लंदिन भागे पति की 6 साल तक राह देखी, फिर छोड़ दी आशा

6 साल पहले बोरसद तहसील के छोटे से गांव की हसुमती की शादी लंदन से आए विक्रम परमार से हुई। हसुमती के पिता ने अपनी क्षमता से उसे भरपूर दहेज भी दिया। शादी के 20 दिन बाद विक्रम यह कहकर लंदन चला गया कि हसुमती को 6 महीने बाद बुला लिया जाएगा। जाने के बाद विक्रम का कोई फोन नहीं आया। 6 साल से हसुमती विक्रम की राह देख रही है, अब उसने आशा छोड़ दी है। अब हसुमती नर्स का काम करते हुए जीवन गुजार रही है।

किस्सा-3: साऊथ अफ्रीका के युवक ने झूठ बोलकर आणंद की युवती को फांसा

आणंद की पटेल परिवार की बेटी का साऊथ अफ्रीका में कारोबार करने वाले मूल आंकलाव के युवक के साथ हुआ। शादी के बाद युवक 6 महीने तक पत्नी के साथ रहा। बाद में पत्नी को विदेश बुला लेने का आश्वासन देकर चला गया। डेढ़ साल हो गए, पति का कोई संदेश नहीं आया। बाद में युवक के बारे में पता चला कि वह तो शादीशुदा है। उसकी दो संतानें भी हैं। इधर युवती की एक बेटी भी है। अब वह टीचरशिप करके अपना और अपनी बेटी का गुजारा कर रही है।

पत्नी इंतजार ही करती रहती है, पर नहीं आता पति। पत्नी इंतजार ही करती रहती है, पर नहीं आता पति।
संतान को संभालना हो जाता है मुश्किल। संतान को संभालना हो जाता है मुश्किल।
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