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नहीं पसीजा मां का दिल, जन्म देने के दूसरे दिन मासूम को छोड़ चली गई मायके

मां के दूध और ममत्व के बिना एक साल तक सांसे लेने वाला रुद्र आखिर चल बसा….

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2018, 04:17 PM IST
डॉक्टर ने बताया कि जन्म लेते ही बच्चे की आहार नली है, उसे मां का दूध और ममत्व मिले, तो वह तेजी से रिकवरी कर सकता है। डॉक्टर ने बताया कि जन्म लेते ही बच्चे की आहार नली है, उसे मां का दूध और ममत्व मिले, तो वह तेजी से रिकवरी कर सकता है।

अहमदाबाद। वह मासूम अन्न नली के बिना ही इस दुनिया में आ गया। उसे जन्म देने के दूसरे ही दिन उसकी मां उसे छोड़कर मायके चली गई। इसके बाद पूरे 14 महीने तक पिता एवं दादा-दादी ने बच्चे की देखभाल शुरू की। किंतु उनकी देखभाल में मां का दूध और ममता का समावेश नहीं था, इसलिए मासूम का ब्रेन डेड हो गया। आखिर में वह मासूम सोमवार को हमेशा-हमेशा के लिए खामोश हो गया। मां के खिलाफ लिखी गई रिपोर्ट…

अपने ही बच्चे को मां ने दूध से वंचित रखा, जिससे बच्चे की मौत हो गई। इस आधार पर पति ने पत्नी के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत लिखवाई है कि एक साल बाद भी मां अपने बच्चे को देखने तक नहीं आई। इससे उसके सास-ससुर की नाराजगी वाजिब थी।

पिता ने किया था पुनर्विवाह

चांदखेड़ा की सौंदर्यग्रीन सोसायटी में रहने वाले और प्रापर्टी का काम करने वाले 35 वर्षीय धनश्याम भाई डाह्याभाई पटेल ने 2011 में इडर की तोरल केसरभाई पटेल से पुनर्विवाह किया था। 2014 में तोरल ने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद वह 2016 में फिर गर्भवती हुई। तब उसे नवा वाडज के एक अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां तोरल ने सिजेरियन से बेटे को जन्म दिया। इसका नाम रखा गया रुद्र।

रुद्र की आहार नली नहीं थी

धनश्याम पटेल के अनुसार 21 जनवरी 2017 को तोरल ने सिजेरियन से बच्चे को जन्म दिया, तब उसकी जांच कर डॉ. विरल गांधी ने बताया कि बच्चे की अन्न नली नहीं है। इससे बच्चे को पूजन हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां बताया गया कि बच्चे की अन्न नली न होने के कारण उसे मां का दूध और उसका प्यार मिले, तो वह तेजी से रिकवरी कर सकता है। पर उसकी मां ताेरल ने उसे अपना दूध नहीं पिलाया और अपने मायके चली गई। इसके बाद बच्चे की देखभाल पिता और दादा-दादी करने लगे। पर बच्चे को मां का दूध नहीं मिल रहा था, जिससे वह लगातार कमजोर होता जा रहा था।

नहीं मानी मां

बच्चे की हालत देखकर पिता धनश्याम ने उसकी मां तोरल को समझाया कि बच्चे को कम से कम अपना दूध तो पिलाना शुरू कर दो। नहीं तो बच्चे की हालत और भी बिगड़ जाएगी। पर मां का दिल नहीं पसीजा। कुछ दिन बाद रुद्र ब्रेन डेड हो गया। इस पर पिता ने हाईकोर्ट में ताेरल के खिलाफ शिकायत की। इस पर रुद्र की मां ने इस फरियाद को रद्द करने के लिए अर्जी दी। अपनी अर्जी में तोरल ने बताया कि ससुराल वाले उसे उसके बच्चे से मिलने नहीं दे रहे थे। उसने ससुराल वालों पर भी कई आरोप लगाए। इधर कमजोर होते मासूम रुद्र की आखिर मौत हो गई। अब अदालत में दोनों की शिकायत पर 14 मार्च को सुनवाई होगी।

धनश्याम भाई पटेल ने तोरल पटेल से पुनर्विवाह किया था। धनश्याम भाई पटेल ने तोरल पटेल से पुनर्विवाह किया था।
जन्म से ही बच्चे की आहार नली नहीं थी। जन्म से ही बच्चे की आहार नली नहीं थी।
मां तोरल ने केवल एक ही बार बच्चे को दूध पिलाया था। मां तोरल ने केवल एक ही बार बच्चे को दूध पिलाया था।
पति का पत्नी पर आरोप, एक साल तक बेटे को देखने तक नहीं आई मां। पति का पत्नी पर आरोप, एक साल तक बेटे को देखने तक नहीं आई मां।
जस्टिस जे.बी. पारडीवाला  14 मार्च को मामले की सुनवाई करेंगे। जस्टिस जे.बी. पारडीवाला 14 मार्च को मामले की सुनवाई करेंगे।
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डॉक्टर ने बताया कि जन्म लेते ही बच्चे की आहार नली है, उसे मां का दूध और ममत्व मिले, तो वह तेजी से रिकवरी कर सकता है।डॉक्टर ने बताया कि जन्म लेते ही बच्चे की आहार नली है, उसे मां का दूध और ममत्व मिले, तो वह तेजी से रिकवरी कर सकता है।
धनश्याम भाई पटेल ने तोरल पटेल से पुनर्विवाह किया था।धनश्याम भाई पटेल ने तोरल पटेल से पुनर्विवाह किया था।
जन्म से ही बच्चे की आहार नली नहीं थी।जन्म से ही बच्चे की आहार नली नहीं थी।
मां तोरल ने केवल एक ही बार बच्चे को दूध पिलाया था।मां तोरल ने केवल एक ही बार बच्चे को दूध पिलाया था।
पति का पत्नी पर आरोप, एक साल तक बेटे को देखने तक नहीं आई मां।पति का पत्नी पर आरोप, एक साल तक बेटे को देखने तक नहीं आई मां।
जस्टिस जे.बी. पारडीवाला  14 मार्च को मामले की सुनवाई करेंगे।जस्टिस जे.बी. पारडीवाला 14 मार्च को मामले की सुनवाई करेंगे।
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